Kota - 8 by महेश रौतेला in Hindi Novel Episodes PDF

कोट - ८

by महेश रौतेला Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

कोट -८" मैं पृथ्वी सा घूमता रहामानो सूरज की परिक्रमा करता रहा,शाम आते-आते अगली सुबह की कल्पना करने लगा।"कोट पहना,संपादित कागज जेब में है या नहीं उसे देखा। वाक्य को दो-तीन बार पढ़ा। एक जादुई अहसास मन को हो ...Read More