Tash ka aashiyana - 9 by Rajshree in Hindi Fiction Stories PDF

ताश का आशियाना - भाग 9

by Rajshree Matrubharti Verified in Hindi Fiction Stories

उसे दिल आज भी नही भुला पाया।चित्रा के जाते ही, सात दिन के अंदर मैंने बनारस छोड़ दिया।अगर नहीं छोड़ता तो या फिर पागल हो जाता नहीं तो, आवारा आशिक। मैं दोनों ही बनने की फिराक में नहीं ...Read More