Office - Office - 2 by R.KapOOr in Hindi Humour stories PDF

ऑफ़िस - ऑफ़िस - 2

by R.KapOOr in Hindi Humour stories

मेरे पास पहुंचते ही उसने अपने पांव के पास पड़ा पीकदान उठाया और एक पिचकारी दे मारी उसमें और वापस पीकदान को अपने पांव के पास रख दिया। मुझे बाहर चपरासी के कहे शब्द याद आ गये "साहब बड़े ...Read More