Popular Stories on internet, read them free and download

You are at the place of Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. novels are the best in category and free to read online.


Languages
Categories
Featured Books

राधा का संगम By Ramesh Desai

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक

रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे

इस गीत की पंक्तियों न...

Read Free

સાત સમંદર પાર By Jasmina Shah

સાત સમંદર પાર ભાગ-૧રાતના દશ વાગ્યા હતા…રાત જાણે દરેકને પોતાના ખોળામાં પોઢાડીને શાંત કરી દેવા મથી રહી હતી…દિવસે થોડી ગરમી પરંતુ રાત્રે તો ઠંડક જ પથરાઈ જતી હતી…ભાગ્યેજ રોડ ઉપર કોઈની...

Read Free

ભૂલ છે કે નહીં ? By Mir

દોસ્તો,આજે બસમાં જવાનું થયું. મારી બાજુમાં એક બહેન બેઠા હતાં. કંઈક ગંભીર વિચારમાં હોય એવું લાગ્યું. એમની આંખો પાણી ભરતી હતી અને એ દુનિયાથી છુપાવતાં હતા. હું હજુ એમને કંઈ પૂછું એ પહ...

Read Free

मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

Read Free

Ghost hunters By Rishav raj

Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...

Read Free

સત્યકામ By Sanjay Sheth

નવપ્રસ્થ શહેરને જોતા કોઈ અજાણ વ્યક્તિ કહી શકે કે આ શહેર વિકાસનું પ્રતિક છે. ચોરાહાઓ પર ઊંચા થાંભલાઓ પર લહેરાતા ધ્વજ, દીવાલો પર રાષ્ટ્રપ્રેમના સૂત્રો, વિશાળ LED સ્ક્રીન પર નેતાઓના ભ...

Read Free

बिल्ली जो इंसान बनती थी By Sonam Brijwasi

Heroine: शानवी सिंह
Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)

शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।
बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...

Read Free

ममता ...एक अनुभूति... By kalpita

केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच भरा हुआ था—
किसी की आँखों में बिछड़ने का दर्द था, तो किसी के चे...

Read Free

माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

Read Free

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में By Shivraj Bhokare

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में

Part 1: The Exorcist (1973)

चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है

रात के 2:47 बजे का समय था।
कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी।
मो...

Read Free

राधा का संगम By Ramesh Desai

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक

रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे

इस गीत की पंक्तियों न...

Read Free

સાત સમંદર પાર By Jasmina Shah

સાત સમંદર પાર ભાગ-૧રાતના દશ વાગ્યા હતા…રાત જાણે દરેકને પોતાના ખોળામાં પોઢાડીને શાંત કરી દેવા મથી રહી હતી…દિવસે થોડી ગરમી પરંતુ રાત્રે તો ઠંડક જ પથરાઈ જતી હતી…ભાગ્યેજ રોડ ઉપર કોઈની...

Read Free

ભૂલ છે કે નહીં ? By Mir

દોસ્તો,આજે બસમાં જવાનું થયું. મારી બાજુમાં એક બહેન બેઠા હતાં. કંઈક ગંભીર વિચારમાં હોય એવું લાગ્યું. એમની આંખો પાણી ભરતી હતી અને એ દુનિયાથી છુપાવતાં હતા. હું હજુ એમને કંઈ પૂછું એ પહ...

Read Free

मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

Read Free

Ghost hunters By Rishav raj

Ghost hunter रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर,...

Read Free

સત્યકામ By Sanjay Sheth

નવપ્રસ્થ શહેરને જોતા કોઈ અજાણ વ્યક્તિ કહી શકે કે આ શહેર વિકાસનું પ્રતિક છે. ચોરાહાઓ પર ઊંચા થાંભલાઓ પર લહેરાતા ધ્વજ, દીવાલો પર રાષ્ટ્રપ્રેમના સૂત્રો, વિશાળ LED સ્ક્રીન પર નેતાઓના ભ...

Read Free

बिल्ली जो इंसान बनती थी By Sonam Brijwasi

Heroine: शानवी सिंह
Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान)

शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था।
बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...

Read Free

ममता ...एक अनुभूति... By kalpita

केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच भरा हुआ था—
किसी की आँखों में बिछड़ने का दर्द था, तो किसी के चे...

Read Free

माई डियर प्रोफेसर By Vartika reena

बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...

Read Free

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में By Shivraj Bhokare

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में

Part 1: The Exorcist (1973)

चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है

रात के 2:47 बजे का समय था।
कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी।
मो...

Read Free
-->