parallel edge by Rama Sharma Manavi in Hindi Social Stories PDF

समानांतर किनारे

by Rama Sharma Manavi Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

"नदी के किनारे उद्गम से सागर में समापन तक लगभग समानांतर रहते हैं, जब वक्री होकर अति विस्तृत होते हैं तो सरितप्रवाह अत्यधिक मद्धम हो जाता है और अति सन्निकट होने पर धारा तीव्र वेगवान होकर तटबंधों को तोड़कर ...Read More