Shri Sant Eknath Maharaj. 20 by Sudhakar Katekar in Marathi Spiritual Stories PDF

श्री संत एकनाथ महाराज। २०

by Sudhakar Katekar Matrubharti Verified in Marathi Spiritual Stories

संत एकनाथ महाराज २० एकनाथी भागवत - श्लोक १६ वा यदा चित्तं प्रसीदेत इन्द्रियाणां च निर्वृतिः । देहेऽभयं मनोऽसङंग तत्सत्त्वं विद्धि मत्पदम् ॥१६॥ वाढलिया सत्वगुण । चित्त सदा सुप्रसन्न । कामक्रोधलोभाचें स्फुरण । सर्वथा जाण स्फुरेना ॥४१॥ जें चित्त ...Read More