Chakra - 5 by अशोक असफल in Hindi Fiction Stories PDF

चक्र - 5

by अशोक असफल Matrubharti Verified in Hindi Fiction Stories

अगले दिन मैं प्रातःकाल ही शिविर में पहुंच गया। लता मुझे पाकर ऐसे खिल गई जैसे, सूर्य-रश्मि को पाकर कमल-पुष्प। थोड़ी देर बाद वह अपने तंबू से अपना सफेद झोला उठा लाई। जिसमें से उसने कम्पित हाथों से मुझे ...Read More