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  • Anime - 1

    રોજ ની જેમ આજે સવાર કઈક અલગ હતી . એક એવી સવાર તો ખાલી આપડા મન માંજ આવી શકે આપડો...

  • काश! आसमान के भी पंख होते । - 1

    एक तारा जो अंतरिक्ष में कहीं दूर खो गया था । रात का समय था । चारों तरफ काली घटा...

  • वेरियन के आसमान का खूंखार ताज - 1

    ### एपिसोड 1: वेरियन ग्रह की छांव में—रॉक्स और शैडो पैंथर की भिड़ंतवेरियन नाम का...

  • ख़ाकी बिंदिया - भाग 1

    आज मृदुला कुछ अलग ही अंदाज़ में सजी हुई थी। गहरे हरे रंग की सिल्क की साड़ी, माथे...

  • मौत बनके आया प्यार - 1

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  • आखिरी कोशिश - 1

    आखिरी कोशिशEpisode 1 — एक छोटा-सा सपनागाँव के किनारे एक छोटा-सा घर था। घर बहुत ब...

  • अहसास की बातें - 1

    एपिसोड 1: अनकही आवाज़ और एक नया मोड़शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर स्थित उस कैफे क...

  • जुनून - 1

    चारो तरफ देखो तो रेगिस्तान की रैत ही रैत दिख रही है। इंसान को लू लगा देने वाली त...

  • विष्णु परिवार: जीवन शैली - 1

    "समाज का सुधार केवल विचार से ही संभव है,क्रांति नहीं, विचार क्रांति चाहिए।"प्रस्...

  • प्यार का जाल - 1

    एपिसोड 1: अनजानी मुलाकातलखनऊ की बारिश में भीगती वह शाम कुछ ख़ास थी। गोमती नगर के...

Devil, You Are Mine By Miss Anonymous

बहुत से स्टूडेंट्स एक बोर्ड के सामने खड़े अपना -अपना रिजल्ट देख रहे थे। स्टूडेंट का एक बड़ा ग्रुप धक्का -मुक्की करते हुए अपने रिजल्ट पहले देखने ही होड़ में लगा हुआ था। वहीं कुछ दू...

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अवसान की बेला में By Rajesh Maheshwari

जीवन और मृत्यु की निर्भरता प्रभु इच्छा पर है परंतु मृत्यु के उपरांत भी हमारी स्मृति लोगों के मन में बनी रहे यह हमारे कर्मों पर निर्भर है। जन्म और मृत्यु जीवन यात्रा का एक पड़ाव है।...

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मुझसे दोस्ती करोगे By Sarvesh Saxena

"अरे मुन्नी… ऐसे मत दौड़ रोड पर, मुन्नी…... मुन्नी रुक जा, अरे कोई गाड़ी आ जाएगी मुन्नी…, मुन्नी रुक जा…" |दस साल की मुन्नी रात के आठ बजे अपनी मां के साथ शहर के भीड़भाड़ वा...

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दस दरवाज़े By Subhash Neerav

घंटाभर चलकर बस रुकती है। मैं और राणा हैरान-से होकर उतरते हैं कि यह भला कौन-सी जगह हुई। बिल्कुल अनजान-सी। सोचते हैं कि कंडक्टर ने हमें सही जगह ही उतारा होगा। वह जानता था कि हमें बाल...

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तुम ना जाने किस जहां में खो गए..... By Medha Jha

हर्ष ,हर्ष! कहां हो तुम? तुम्हें ढूंढती, तुम्हारे पीछे भागती वही मैं और अचानक सपना टूट जाता है। क्यों बार-बार देख रही हूं मैं यह सपना ? क्या संबंध है मेरा इस सपने से ? संबंध तो वा...

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प्यार की एक अनोखी दास्ताँ By Akansha

ये कहानी हैं आरोही के एक तरफा प्यार कि चलिए फ़िर इस कहानी के सफर मै माँ जल्दी करिये मेरी ट्रेन छूट जाएगी मेरी माँ आते हुए काव्या तुझे कितनी बार बोला है कही जाना हो तो पहले से बताआ...

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अब लौट चले By Deepak Bundela Arymoulik

अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून से भरा गर्त के अँधेरे को चीर मेरे कदम नए उजाले की और अनया...

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बंद है सिमसिम By Ranjana Jaiswal

इस संसार में बहुत -कुछ ऐसा देखने -सुनने और अनुभव करने को मिल जाता है जिस पर पढ़ा -लिखा ,वैज्ञानिक मन विश्वास नहीं कर पाता पर उसको अस्वीकार करना भी मुश्किल होता है।

आइए आपको ऐसी ह...

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Unkahe रिश्ते By Vivek Patel

मेरे Dad मेरा जुठ जानते है...

वैसे तो बहुत सारे रिस्तो के बारे मैं मुझे बताना है लेकिन क्या है कि जाने पहचाने रिश्ते तो रोज मुझे मेरे होने का अहसास दिलाते है लेकिन एक ऐसा रिस्ता...

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तुमने कभी प्यार किया था? By महेश रौतेला

तुमने कभी प्यार किया था? यह सुनकर वह अचानक अनुभूतियों में डूब गयी। कुछ देर सोचने के बाद वह बोली हाँ। पहाड़ियों पर बसा कालेज था, एक राजकुमार सा लड़का था। जुलाई का महिना और खूब वर्षा...

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योगिनी By Mahesh Dewedy

कई बातें ऐसी थीं जो मीता के स्वभाव के प्रतिकूल थीं- उनमे से एक थी ब्राह्मवेला के पश्चात चारपाई तोड़ते रहना। अनुज से इस विषय में अनेक बार उससे बहस हुई थी और यदा कदा मानमनौव्वल से मिट...

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अस्वत्थामा (हो सकता है) By Vipul Patel

अंतिमसंस्कार के बाद डी.सी.पि. प्रताप चौहाण ने अपने ड्राइवर को अपनी गाडी लेकर पुलिस स्टेशन पहोचने को कहा और अपने दोस्त जगदीशभाई से कहा मैं तेरे साथ तेरी कार मैं चलता...

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बागेश्वर धाम की दिव्य शक्तियों का रहस्य By Mohit Rajak

यह पुस्तक " बागेश्वर धाम की दिव्य शक्तियों का रहस्य " में आपको पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्णा शास्त्री जी के जीवन से जुड़ी कुछ घटनाओ का वर्णन मिलता है और साथ ही उनके परिवार के...

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आजादी By राज कुमार कांदु

राहुल बारह बरस का हो चला था । सातवीं कक्षा का विद्यार्थी था । पढाई के साथ सभी गतिविधियों में औसत ही था । खाना खाने में भी उसके नखरे कम नहीं थे । काफी मानमनौव्वल के बाद दो निवाले खा...

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मैं वही हूँ! By Jaishree Roy

मैं वही हूँ! (1) मैं नया था यहाँ। नई-नई नौकरी ले कर आया था। इलाके की सभी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों की देख-रेख और मरम्मत की ज़िम्मेदारी थी मुझ पर। काम आसान तो नहीं था मगर मुझे पसंद...

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29 Step To Success By WR.MESSI

29 step to Success ✍?Wr.MessiDedicate To...My wonderful family, My courage my mom, My coach Bajarang Gondaliya,The center point of my inspiration -My Dad & Uncle,My closest friends...

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Hostel Boyz - Hindi By Kamal Patadiya

प्रस्तावना : 20वीं सदी की शुरुआत में हमारे जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ। हॉस्टल लाइफ का अनुभव मेरे जीवन में नया था और मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित था। मैंने Graduation किया और Post...

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टाम ज़िंदा हैं By Neeraj Sharma

दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...

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जिंदगी के पहलू By Kamal Bhansali

इंसानी जिंदगी धरती पर जब अपना पहला कदम, माँ की बाहों से उतर कर रखती है, तो उसकी पहली लड़खड़ाहट उसे ये एहसास करा देती कि आसान नहीं है, जिंदगी का सफर उसके लिए। पर संभलने का संघर्ष उसे...

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ममता की छाँव. By Ratna Pandey

नन्हीं अंशिता अभी केवल 4 वर्ष की ही थी कि समय के बेरहम हाथों उसकी माँ आराधना का लंबी बीमारी के चलते स्वर्गवास हो गया। एक वर्ष पहले आराधना को गले के कैंसर ने अपनी चपेट में ऐसे लिया...

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अन देखी दुनिया By Vaibhav Surolia

Hello, my friends how are you I hope you all are fine at home so now I am presenting a Adventures story in hindi so let's start the journey of adventure.... शिन्कााए , एक खुबसु...

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तेरा मेरा सफ़र By Payal Author

शहर के शोर-गुल से दूर, समंदर किनारे बसे छोटे से टाउन में कियारा की ज़िंदगी रुक-सी गई थी। होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी उसके लिए रोज़ का वही घिसा-पिटा रुटीन लेकर आती थी—मुस्कुराकर...

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तुम मिले By Ashish Kumar Trivedi

सुकेतु के जीवन में मुग्धा का प्रवेश किसी ठंडे झोंके की तरह था। पर मुग्धा के साथ एक तप्त अतीत भी था।
क्या था वह अतीत ?
कैसे दोनों मिलकर उस अतीत के भंवर से बाहर निकल कर आए ?

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तूं मेरी मोहब्बत हों ?? By Muskan Gupta

सर प्लीज मुझे छोड़ दिजिए...! मैं आज के बाद कभी ऐसा नहीं करुंगा...!!

अंधेरी काली रात में शहर के बाहर बंद पड़ी फेक्ट्री में कुछ लोग एक आदमी के पीछे खड़े थे....!! वो आदमी ब्लैक रंग...

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तड़प By Saroj Verma

अरे! बाप रे! इतना समय हो गया,मुझे जल्द ही घर भागना पड़ेगा नहीं तो वो मेरी हिटलर दादी इतनी खरी-खोटी सुनाएगी कि मुझे अपनी मरी हुई नानी याद आ जाएगी,फिर इतना सुनातीं हैं कि कलेजा हलक़ तक...

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चर्चित यात्राकथाएं By MB (Official)

इब्नबतूता (1304-1368-69) मोरक्को का निवासी, 22 वर्ष की आयु में यात्रा पर प्रस्थान। 28 वर्ष तक अरब, पूर्वी अफ्रीका, भारत, चीन, फारस, दक्षिणी रूस, मिस्र, फलासतीन् , स्पेन आदि का भ्रम...

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मुझसे शादी कर लो By Kishanlal Sharma

"अपनी औकात देखी है
राघव का जन्म एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ था।खाने के लाले।रोज काम ढूंढते।काम मिल जाता तो घर मे चूल्हा जल जाता।ऐसे में गरीब मा बाप बेटे को स्कूल में दाखिला...

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भूटान लद्दाख और धर्मशाला की यात्राएं और यादें By सीमा जैन 'भारत'

मेरी बात यात्रा मेरे जीवन में एक नया उत्साह, रंग भर देती है। मैंने देश-विदेश की कईं यात्राएँ की हैं। कुछ परिवार के साथ, कुछ बड़े समूह में। मैं जब भी किसी यात्रा से लौट रही होती, तो...

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मेरी गर्लफ्रैंड By jitin tyagi

23 अगस्त 2018 की सुबह 8:20 वाली मेट्रो नंबर 12427 नोएडा सिटी सेन्टर से द्वारका सेक्टर21 की और बीच में पड़ने वाले हर स्टेशन पर रुकते हुए, बड़ी तेजी से हवा को दो हिस्सों में बाटती हुई...

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हादसा By Ratna Pandey

आज पूनम और प्रकाश का विवाह था। बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ, धूमधाम से यह विवाह हो रहा था। पूनम बहुत ख़ुश थी, क्योंकि एक ही शहर में ससुराल और मायका दोनों थे।

विदाई के समय जब उस...

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मेरा रक्षक By ekshayra

इस दुनिया में 2 तरह के इंसान हैं। एक अच्छे तो एक बुरे। ये कहानी ऐसे ही एक अच्छे और एक बुरे इंसान की है। इस कहानी में बुरे इंसान की दुनिया कैसे अच्छे में बदलती है और अच्छे इंसान की...

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चेक मेट By Saumil Kikani

एक घर में दो लोग बेशुद्ध पड़े है। एक डबल सोफा पर है और दूसरा सिंगल सोफा पर है। घर के बाहर से पुलिस की जीप के सायरन की आवाज, लोगों का शोर, बाहर से दरवाजा खटखटाने की आवाज, दो बार दरव...

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अधूरी मुलाकात... By Sonali Rawat

कुछ मुलाकातों की भी अपनी ही एक अलग किस्मत होती है जो एक तय मुकाम पर ही आकर रुकती है ।

ऐसी मुलाकातें जाने कब, कहां और कैसे हो जाएं, ये न तो हम जानते है और न ही वो जो इससे होकर गु...

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माफियाओं की दुनिया में इनोसेंट गर्ल By Mickey The Writer

रेलवे स्टेशन दिल्लीएक लड़की रेल में से उतर कर बहुत तेजी से भागती हुई आ रही थी वो लड़की बार बार पीछे मुड़कर देख रही थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके पीछे पढ़ा हुआ हे और वो उन्ही से बच...

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पेहचान By Preeti Pragnaya Swain

हल्की सी light पुरे कमरे मैं फैली हुई थी...........

अचानक से फोन की घंटी बज उठी,.......फोन की आवाज सुन ,बिस्तर पर सोई लड़की की नींद थोड़ी सी टूट गयी, वो फोन को silent की और फिर...

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थ्री गर्लफ्रैंड By jitin tyagi

भट्टी में डाली गई लकड़ी कोयला बनकर अंगारों का रूप धारण कर चुकी हैं। थोड़ी देर पहले तक इसमें कल की जली हुई लकड़ियों की राख बिखरी थी। पर अब ये आग का कुआँ बन चुकी हैं। इस कुएँ के मुहाने...

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छूना है आसमान By Goodwin Masih

“छूना है आसमान“, बाल उपन्यास कल्पना कम, हकीकत अधिक है। चेतना से मेरा परिचय किसी और नाम से हुआ था। चेतना उम्र में छोटी जरूर थी, लेकिन उसकी समझ, उसकी बातें और उसकी सोच बड़ों से कम नही...

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इति मार्ग की साधना पद्धति By श्री यशपाल जी महाराज (परम पूज्य भाई साहब जी)

महर्षि अष्टावक्र प्रदत्त ब्रह्म-विद्या को अखिल भारतीय सन्तमत सत्संग की परम्परा के सद्गुरुओं ने इस आधुनिक युग में आनन्द-योग के रूप में व्यक्तिगत, पारिवारिक व सामाजिक जीवन में आध्यात...

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गोमती, तुम बहती रहना By Prafulla Kumar Tripathi

अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी लेखा- जोखा मैंने अपनी आत्मकथा के पहले खंड “ आमी से गोमती तक “ में दे दिया है जिसे...

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सोने के कंगन By Ratna Pandey

रात के लगभग बारह बज रहे थे कि तभी कुशल को उसकी पत्नी अनामिका के कराहने की आवाज़ सुनाई दी। वह तुरंत ही उठा और लाइट जलाई। उसने देखा कि अनामिका दर्द के कारण तड़प रही थी।

यह देखते ह...

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जिद है तुझे पाने की By Puja Kumari

सुबह के दस बज रहे थे. मैं अपने कमरे में बैठी उदास नजरों से खिड़की के बाहर देख रही थी. अचानक डोर ओपन होने की आवाज सुनकर मेरा ध्यान उस तरफ चला गया. डोर ओपन होते ही मेरी नजरें उससे जा...

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पहली आस्की By SR Daily

मुझे वह तारीख अच्छी तरह याद है : 4 मार्च, 2006। मैं कोलकाता में था और हैप्पी के घर पहुँचने ही वाला था। सुबह से ही बड़ी कुलबुलाहट हो रही थी क्योंकि मैं अपने उन दोस्तों से तीन साल बा...

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मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान By Aarti Garval

रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...

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अच्छाईयाँ By Dr Vishnu Prajapati

लेखांक – १ मुंबई से रात को निकली बस की ये सवारी सुबह की पहली किरन के साथ अपने आखरी मुकाम तक पहुच चुकी थी शहर की भीड़ में बसने अपनी रफ़्तार कम कर ली थी सुबह की धुप के साथ ये शहर...

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शुभि By Asha Saraswat

एक चिड़िया आती है,चिव-चिव गीत सुनाती है, दो दिल्ली की बिल्ली है,देखो जाती दिल्ली है, तीन चूहे राजा है देखो बजाते बाजा है,चार घर में कार है,हम जाने को लाचार हैं।........

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ज़िन्दगी सतरंग.. By Sarita Sharma

अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...

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डर By सीमा कपूर

एक ऐसी कहानी जो आधी रात के साए से गुजर रही हैं,, कोई साया तो नहीं ना मेरे आस-पास यही सोच कर दिल धक धक होता हैं__एक महिला नाम(शा़मा)जो अकेले रहा करती थी उसके साथ कोई नहीं रहा करता...

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स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

कहानी स्मृति की पोटली होती है| जो कुछ घट चुका है उसमें से काम की बातें छाँटने का सिलसिला कहानीकार के मन में निरंतर चलता रहता है| सार-तत्व को ग्रहण कर और थोथे को उड़ाते हुए सजग कहानी...

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भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे By Kishanlal Sharma

"क्या देख रही हो?"
उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ट्रांसफर होते रहते थे।इसलिए मेरी शिक्ष...

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राधे ..... प्रेम की अंगुठी दास्तां By Soni shakya

अब मान भी जाओ राधे ...!!

राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी बहुत अच्छे थे। दोनों के पापा बिजनेसमैन थे।. दोनों साथ में खेलते ,कभी लड़ाई करते तो कभी...

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Devil, You Are Mine By Miss Anonymous

बहुत से स्टूडेंट्स एक बोर्ड के सामने खड़े अपना -अपना रिजल्ट देख रहे थे। स्टूडेंट का एक बड़ा ग्रुप धक्का -मुक्की करते हुए अपने रिजल्ट पहले देखने ही होड़ में लगा हुआ था। वहीं कुछ दू...

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अवसान की बेला में By Rajesh Maheshwari

जीवन और मृत्यु की निर्भरता प्रभु इच्छा पर है परंतु मृत्यु के उपरांत भी हमारी स्मृति लोगों के मन में बनी रहे यह हमारे कर्मों पर निर्भर है। जन्म और मृत्यु जीवन यात्रा का एक पड़ाव है।...

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मुझसे दोस्ती करोगे By Sarvesh Saxena

"अरे मुन्नी… ऐसे मत दौड़ रोड पर, मुन्नी…... मुन्नी रुक जा, अरे कोई गाड़ी आ जाएगी मुन्नी…, मुन्नी रुक जा…" |दस साल की मुन्नी रात के आठ बजे अपनी मां के साथ शहर के भीड़भाड़ वा...

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दस दरवाज़े By Subhash Neerav

घंटाभर चलकर बस रुकती है। मैं और राणा हैरान-से होकर उतरते हैं कि यह भला कौन-सी जगह हुई। बिल्कुल अनजान-सी। सोचते हैं कि कंडक्टर ने हमें सही जगह ही उतारा होगा। वह जानता था कि हमें बाल...

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तुम ना जाने किस जहां में खो गए..... By Medha Jha

हर्ष ,हर्ष! कहां हो तुम? तुम्हें ढूंढती, तुम्हारे पीछे भागती वही मैं और अचानक सपना टूट जाता है। क्यों बार-बार देख रही हूं मैं यह सपना ? क्या संबंध है मेरा इस सपने से ? संबंध तो वा...

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प्यार की एक अनोखी दास्ताँ By Akansha

ये कहानी हैं आरोही के एक तरफा प्यार कि चलिए फ़िर इस कहानी के सफर मै माँ जल्दी करिये मेरी ट्रेन छूट जाएगी मेरी माँ आते हुए काव्या तुझे कितनी बार बोला है कही जाना हो तो पहले से बताआ...

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अब लौट चले By Deepak Bundela Arymoulik

अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून से भरा गर्त के अँधेरे को चीर मेरे कदम नए उजाले की और अनया...

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बंद है सिमसिम By Ranjana Jaiswal

इस संसार में बहुत -कुछ ऐसा देखने -सुनने और अनुभव करने को मिल जाता है जिस पर पढ़ा -लिखा ,वैज्ञानिक मन विश्वास नहीं कर पाता पर उसको अस्वीकार करना भी मुश्किल होता है।

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Unkahe रिश्ते By Vivek Patel

मेरे Dad मेरा जुठ जानते है...

वैसे तो बहुत सारे रिस्तो के बारे मैं मुझे बताना है लेकिन क्या है कि जाने पहचाने रिश्ते तो रोज मुझे मेरे होने का अहसास दिलाते है लेकिन एक ऐसा रिस्ता...

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तुमने कभी प्यार किया था? By महेश रौतेला

तुमने कभी प्यार किया था? यह सुनकर वह अचानक अनुभूतियों में डूब गयी। कुछ देर सोचने के बाद वह बोली हाँ। पहाड़ियों पर बसा कालेज था, एक राजकुमार सा लड़का था। जुलाई का महिना और खूब वर्षा...

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योगिनी By Mahesh Dewedy

कई बातें ऐसी थीं जो मीता के स्वभाव के प्रतिकूल थीं- उनमे से एक थी ब्राह्मवेला के पश्चात चारपाई तोड़ते रहना। अनुज से इस विषय में अनेक बार उससे बहस हुई थी और यदा कदा मानमनौव्वल से मिट...

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अस्वत्थामा (हो सकता है) By Vipul Patel

अंतिमसंस्कार के बाद डी.सी.पि. प्रताप चौहाण ने अपने ड्राइवर को अपनी गाडी लेकर पुलिस स्टेशन पहोचने को कहा और अपने दोस्त जगदीशभाई से कहा मैं तेरे साथ तेरी कार मैं चलता...

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बागेश्वर धाम की दिव्य शक्तियों का रहस्य By Mohit Rajak

यह पुस्तक " बागेश्वर धाम की दिव्य शक्तियों का रहस्य " में आपको पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्णा शास्त्री जी के जीवन से जुड़ी कुछ घटनाओ का वर्णन मिलता है और साथ ही उनके परिवार के...

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आजादी By राज कुमार कांदु

राहुल बारह बरस का हो चला था । सातवीं कक्षा का विद्यार्थी था । पढाई के साथ सभी गतिविधियों में औसत ही था । खाना खाने में भी उसके नखरे कम नहीं थे । काफी मानमनौव्वल के बाद दो निवाले खा...

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मैं वही हूँ! By Jaishree Roy

मैं वही हूँ! (1) मैं नया था यहाँ। नई-नई नौकरी ले कर आया था। इलाके की सभी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों की देख-रेख और मरम्मत की ज़िम्मेदारी थी मुझ पर। काम आसान तो नहीं था मगर मुझे पसंद...

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29 Step To Success By WR.MESSI

29 step to Success ✍?Wr.MessiDedicate To...My wonderful family, My courage my mom, My coach Bajarang Gondaliya,The center point of my inspiration -My Dad & Uncle,My closest friends...

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Hostel Boyz - Hindi By Kamal Patadiya

प्रस्तावना : 20वीं सदी की शुरुआत में हमारे जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ। हॉस्टल लाइफ का अनुभव मेरे जीवन में नया था और मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित था। मैंने Graduation किया और Post...

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टाम ज़िंदा हैं By Neeraj Sharma

दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...

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जिंदगी के पहलू By Kamal Bhansali

इंसानी जिंदगी धरती पर जब अपना पहला कदम, माँ की बाहों से उतर कर रखती है, तो उसकी पहली लड़खड़ाहट उसे ये एहसास करा देती कि आसान नहीं है, जिंदगी का सफर उसके लिए। पर संभलने का संघर्ष उसे...

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ममता की छाँव. By Ratna Pandey

नन्हीं अंशिता अभी केवल 4 वर्ष की ही थी कि समय के बेरहम हाथों उसकी माँ आराधना का लंबी बीमारी के चलते स्वर्गवास हो गया। एक वर्ष पहले आराधना को गले के कैंसर ने अपनी चपेट में ऐसे लिया...

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अन देखी दुनिया By Vaibhav Surolia

Hello, my friends how are you I hope you all are fine at home so now I am presenting a Adventures story in hindi so let's start the journey of adventure.... शिन्कााए , एक खुबसु...

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तेरा मेरा सफ़र By Payal Author

शहर के शोर-गुल से दूर, समंदर किनारे बसे छोटे से टाउन में कियारा की ज़िंदगी रुक-सी गई थी। होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी उसके लिए रोज़ का वही घिसा-पिटा रुटीन लेकर आती थी—मुस्कुराकर...

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तुम मिले By Ashish Kumar Trivedi

सुकेतु के जीवन में मुग्धा का प्रवेश किसी ठंडे झोंके की तरह था। पर मुग्धा के साथ एक तप्त अतीत भी था।
क्या था वह अतीत ?
कैसे दोनों मिलकर उस अतीत के भंवर से बाहर निकल कर आए ?

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तूं मेरी मोहब्बत हों ?? By Muskan Gupta

सर प्लीज मुझे छोड़ दिजिए...! मैं आज के बाद कभी ऐसा नहीं करुंगा...!!

अंधेरी काली रात में शहर के बाहर बंद पड़ी फेक्ट्री में कुछ लोग एक आदमी के पीछे खड़े थे....!! वो आदमी ब्लैक रंग...

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तड़प By Saroj Verma

अरे! बाप रे! इतना समय हो गया,मुझे जल्द ही घर भागना पड़ेगा नहीं तो वो मेरी हिटलर दादी इतनी खरी-खोटी सुनाएगी कि मुझे अपनी मरी हुई नानी याद आ जाएगी,फिर इतना सुनातीं हैं कि कलेजा हलक़ तक...

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चर्चित यात्राकथाएं By MB (Official)

इब्नबतूता (1304-1368-69) मोरक्को का निवासी, 22 वर्ष की आयु में यात्रा पर प्रस्थान। 28 वर्ष तक अरब, पूर्वी अफ्रीका, भारत, चीन, फारस, दक्षिणी रूस, मिस्र, फलासतीन् , स्पेन आदि का भ्रम...

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मुझसे शादी कर लो By Kishanlal Sharma

"अपनी औकात देखी है
राघव का जन्म एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ था।खाने के लाले।रोज काम ढूंढते।काम मिल जाता तो घर मे चूल्हा जल जाता।ऐसे में गरीब मा बाप बेटे को स्कूल में दाखिला...

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भूटान लद्दाख और धर्मशाला की यात्राएं और यादें By सीमा जैन 'भारत'

मेरी बात यात्रा मेरे जीवन में एक नया उत्साह, रंग भर देती है। मैंने देश-विदेश की कईं यात्राएँ की हैं। कुछ परिवार के साथ, कुछ बड़े समूह में। मैं जब भी किसी यात्रा से लौट रही होती, तो...

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मेरी गर्लफ्रैंड By jitin tyagi

23 अगस्त 2018 की सुबह 8:20 वाली मेट्रो नंबर 12427 नोएडा सिटी सेन्टर से द्वारका सेक्टर21 की और बीच में पड़ने वाले हर स्टेशन पर रुकते हुए, बड़ी तेजी से हवा को दो हिस्सों में बाटती हुई...

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हादसा By Ratna Pandey

आज पूनम और प्रकाश का विवाह था। बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ, धूमधाम से यह विवाह हो रहा था। पूनम बहुत ख़ुश थी, क्योंकि एक ही शहर में ससुराल और मायका दोनों थे।

विदाई के समय जब उस...

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मेरा रक्षक By ekshayra

इस दुनिया में 2 तरह के इंसान हैं। एक अच्छे तो एक बुरे। ये कहानी ऐसे ही एक अच्छे और एक बुरे इंसान की है। इस कहानी में बुरे इंसान की दुनिया कैसे अच्छे में बदलती है और अच्छे इंसान की...

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चेक मेट By Saumil Kikani

एक घर में दो लोग बेशुद्ध पड़े है। एक डबल सोफा पर है और दूसरा सिंगल सोफा पर है। घर के बाहर से पुलिस की जीप के सायरन की आवाज, लोगों का शोर, बाहर से दरवाजा खटखटाने की आवाज, दो बार दरव...

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अधूरी मुलाकात... By Sonali Rawat

कुछ मुलाकातों की भी अपनी ही एक अलग किस्मत होती है जो एक तय मुकाम पर ही आकर रुकती है ।

ऐसी मुलाकातें जाने कब, कहां और कैसे हो जाएं, ये न तो हम जानते है और न ही वो जो इससे होकर गु...

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माफियाओं की दुनिया में इनोसेंट गर्ल By Mickey The Writer

रेलवे स्टेशन दिल्लीएक लड़की रेल में से उतर कर बहुत तेजी से भागती हुई आ रही थी वो लड़की बार बार पीछे मुड़कर देख रही थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके पीछे पढ़ा हुआ हे और वो उन्ही से बच...

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पेहचान By Preeti Pragnaya Swain

हल्की सी light पुरे कमरे मैं फैली हुई थी...........

अचानक से फोन की घंटी बज उठी,.......फोन की आवाज सुन ,बिस्तर पर सोई लड़की की नींद थोड़ी सी टूट गयी, वो फोन को silent की और फिर...

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थ्री गर्लफ्रैंड By jitin tyagi

भट्टी में डाली गई लकड़ी कोयला बनकर अंगारों का रूप धारण कर चुकी हैं। थोड़ी देर पहले तक इसमें कल की जली हुई लकड़ियों की राख बिखरी थी। पर अब ये आग का कुआँ बन चुकी हैं। इस कुएँ के मुहाने...

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छूना है आसमान By Goodwin Masih

“छूना है आसमान“, बाल उपन्यास कल्पना कम, हकीकत अधिक है। चेतना से मेरा परिचय किसी और नाम से हुआ था। चेतना उम्र में छोटी जरूर थी, लेकिन उसकी समझ, उसकी बातें और उसकी सोच बड़ों से कम नही...

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इति मार्ग की साधना पद्धति By श्री यशपाल जी महाराज (परम पूज्य भाई साहब जी)

महर्षि अष्टावक्र प्रदत्त ब्रह्म-विद्या को अखिल भारतीय सन्तमत सत्संग की परम्परा के सद्गुरुओं ने इस आधुनिक युग में आनन्द-योग के रूप में व्यक्तिगत, पारिवारिक व सामाजिक जीवन में आध्यात...

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गोमती, तुम बहती रहना By Prafulla Kumar Tripathi

अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी लेखा- जोखा मैंने अपनी आत्मकथा के पहले खंड “ आमी से गोमती तक “ में दे दिया है जिसे...

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सोने के कंगन By Ratna Pandey

रात के लगभग बारह बज रहे थे कि तभी कुशल को उसकी पत्नी अनामिका के कराहने की आवाज़ सुनाई दी। वह तुरंत ही उठा और लाइट जलाई। उसने देखा कि अनामिका दर्द के कारण तड़प रही थी।

यह देखते ह...

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जिद है तुझे पाने की By Puja Kumari

सुबह के दस बज रहे थे. मैं अपने कमरे में बैठी उदास नजरों से खिड़की के बाहर देख रही थी. अचानक डोर ओपन होने की आवाज सुनकर मेरा ध्यान उस तरफ चला गया. डोर ओपन होते ही मेरी नजरें उससे जा...

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पहली आस्की By SR Daily

मुझे वह तारीख अच्छी तरह याद है : 4 मार्च, 2006। मैं कोलकाता में था और हैप्पी के घर पहुँचने ही वाला था। सुबह से ही बड़ी कुलबुलाहट हो रही थी क्योंकि मैं अपने उन दोस्तों से तीन साल बा...

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मुलाक़ात - एक अनकही दास्तान By Aarti Garval

रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...

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अच्छाईयाँ By Dr Vishnu Prajapati

लेखांक – १ मुंबई से रात को निकली बस की ये सवारी सुबह की पहली किरन के साथ अपने आखरी मुकाम तक पहुच चुकी थी शहर की भीड़ में बसने अपनी रफ़्तार कम कर ली थी सुबह की धुप के साथ ये शहर...

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शुभि By Asha Saraswat

एक चिड़िया आती है,चिव-चिव गीत सुनाती है, दो दिल्ली की बिल्ली है,देखो जाती दिल्ली है, तीन चूहे राजा है देखो बजाते बाजा है,चार घर में कार है,हम जाने को लाचार हैं।........

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ज़िन्दगी सतरंग.. By Sarita Sharma

अम्मा की नजरें सामने आती स्कूटी की तरफ़ ही टिकी हुई थी.. कौन है? कौन नहीं ये जानने के लिए अम्मा बेख़ौफ़ होकर सड़क पर स्कूटी के सामने ही आ रही थी.. पी..ईईईप....पीईईईईईईईप........ मैं जो...

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डर By सीमा कपूर

एक ऐसी कहानी जो आधी रात के साए से गुजर रही हैं,, कोई साया तो नहीं ना मेरे आस-पास यही सोच कर दिल धक धक होता हैं__एक महिला नाम(शा़मा)जो अकेले रहा करती थी उसके साथ कोई नहीं रहा करता...

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स्वतंत्र सक्सेना की कहानियाँ By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

कहानी स्मृति की पोटली होती है| जो कुछ घट चुका है उसमें से काम की बातें छाँटने का सिलसिला कहानीकार के मन में निरंतर चलता रहता है| सार-तत्व को ग्रहण कर और थोथे को उड़ाते हुए सजग कहानी...

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भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे By Kishanlal Sharma

"क्या देख रही हो?"
उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ट्रांसफर होते रहते थे।इसलिए मेरी शिक्ष...

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राधे ..... प्रेम की अंगुठी दास्तां By Soni shakya

अब मान भी जाओ राधे ...!!

राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी बहुत अच्छे थे। दोनों के पापा बिजनेसमैन थे।. दोनों साथ में खेलते ,कभी लड़ाई करते तो कभी...

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