Humour stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    रीति - रिवाज
    by Ramnarayan Sungariya

    कहानी--                              रीति - रिवाज                                                 ...

    जासूसी का मज़ा भाग 5
    by Kanupriya Gupta

    चौधरी कार्ड का फोटो खीचकर बाद में अच्छे से देखने का मन बनाए बैठे थे और मान बैठे थे की सीमा जी ने कुछ देखा नहीं पर जैसे की ...

    जासूसी का मज़ा भाग 4
    by Kanupriya Gupta

    चौधरी जी थोड़ी देर बाद घर वापस आए तो क्या देखते है चौधराइन सर पर चुन्नी बांधे एक हाथ माथे पर टिकाए सोफे पर पड़ी है उनने मजाकिया लहजे ...

    दो बाल्टी पानी - 34
    by Sarvesh Saxena

    वर्माइन ने गोपी को संडास के बाहर बिठाया और खुद पास के तालाब से पानी भरने चली गयी, चारों ओर सन्नाटा पसरा था जो झिंगूर की आवाजों से बार ...

    जासूसी का मज़ा भाग 3
    by Kanupriya Gupta

    बैठक में से चौधरी जी की आवाज़ आई "सुनती हो ज़रा बाहर का चक्कर लगाकर आते है" ये कहकर जब चौधरी जी और आनंद घर के बाहर गए तो ...

    हास्य कथा: दिवाली की झालर
    by Swapnil Srivastava Ishhoo

    हास्य कथा : दिवाली की झालर नमस्ते! उम्मीद है आप सब अच्छे होंगे, अजी उम्मीद क्या पूरा विश्वास है| वैसे कई दिनों से लिखने की सोच रहा था पर लिख ...

    दामाद जी
    by RISHABH PANDEY

    एक जमाने में दामाद की पूंछ परख और स्वागत का तरीका भी अलग ही ठंग का होता था।जब कभी।दामाद जी ससुराल जा धमकते अफरातरफी का माहौल बन जाता था।यदि ...

    दो बाल्टी पानी - 33
    by Sarvesh Saxena

    सुनील ने झुंझलाते हुये कहा “ अरे और कौन करेगा??? अईसा कोई है गांव मे जो हमारे कान काट सके, और तुम्हे ...तुम्हे का , जो तुम बनी दरोगा ...

    गिद्ध भोज
    by padma sharma

    गिद्ध भोज गोविंद ने अपने पास लगी कनात के बाहर झांका तो उसे मेले की तरह टूट पड़ती खूब भीड़ दिखी। सजे धजे शामियाने, रंगबिरंगी झिलमिलाती रोशनी और चहल-पहल ...

    हास्य कहानी: करन - अर्जुन और हम
    by Swapnil Srivastava Ishhoo

    यू-ट्यूब पर श्रीमती जी करन-अर्जुन देखने बैठीं तो हमारी करीब पच्चीस साल पुरानी प्रतीज्ञा आज टूट ही गई…जिस बेबाकी से आज कल के बच्चे माँ बाप से बोल देते ...

    कार में भूत
    by mim Patel

    एक व्यक्ति देर रात को घर लौट रहा था कि अचानक रास्ते में उसकी कार खराब हो गई।रात बहुत हो गई थी और अंधेरा भी काफी ज्यादा था, मोबाइल ...

    जासूसी का मज़ा भाग 2
    by Kanupriya Gupta

    पार्ट - २ अब तक आपने पढ़ा की “द इगल “ मटर कचोरी और हलवे की खुशबु से महक रहा है और चौधरी दंपत्ति की ज़िन्दगी में ठहराव सा ...

    लॉकडाउन की आजाद जिंदगी
    by Archana Anupriya

       "लॉकडाउन की आजाद जिंदगी" बचपन से लेकर अब तक इस लॉकडाउन के दौरान जितनी आजादी मुझे मिली, उतनी तो मेरे पचपन साल की जिंदगी में नहीं मिली।..अरे..!आप हँस रहे हैं ...

    दो बाल्टी पानी - 32
    by Sarvesh Saxena

    ये कहकर जैसे ही बब्बन हलवाई ने बाल्टी उठाई तो उसका हांथ किसी ने पकडा, उसने नजर उठाकर देखा तो सामने सुर्ख लाल साडी मे एक औरत थी जिसका ...

    पतिदेव का हलुआ प्रेम
    by Saroj Prajapati

    शादी के बाद आज ममता की पहली रसोई थी। वैसे तो ममता खाना बनाने में माहिर थी, लेकिन ससुराल में पहली बार खाना बनाते हुए उसे भी बहुत डर ...

    पार्षद के सुअर 
    by Alok Mishra

                    पार्षद के सुअर              हमारे  हिन्दी निबंध  हमेशा से ही ‘‘ भारत गाँवों में बसता है ’’  जैसे वाक्यों से प्रारम्भ ...

    जासूसी का मज़ा भाग -1
    by Kanupriya Gupta

    रसोई से सुबह सुबह आती कचोरी और हलवे के घी की खुशबू किसी खास अवसर के होने की गवाही दे रही थी. चटोरों के शहर इंदौर के वैशाली नगर ...

    दो बाल्टी पानी - 31
    by Sarvesh Saxena

    डेढ से दो घंटा हो गया पर बिजली वाले बाबू जी ने वर्मा जी और मिश्रा जी की कोई सुध ना ली और थक हारकर इस बार वर्मा जी ...

    एक मुट्ठी दाल और कुकर की सीटी
    by Saroj Prajapati

    शाम को 4:00 बजे शॉपिंग करने के बाद प्रिया व उसके पति रौनक थक हार कर घर में घुसे। सामान रखकर जैसे ही वह बैठी थी कि रौनक बोला ...

    दो बाल्टी पानी - 30
    by Sarvesh Saxena

    सुनील के इस व्यवहार से बेताल बाबा नाराज होकर बोले “ अरे मूर्ख सुधर जा वर्ना गुजर जायेगा, हमसे विद्रोह ना कर, यही तो वो चुडैल चाहती है” | ...

    बन गया बच्चे का करियर
    by r k lal

    बन गया बच्चे का करियर आर० के० लाल               हर मां-बाप की तमन्ना होती है कि उसकी संतान एक अच्छा नागरिक बन कर सुखी जीवन यापन करें। मैं ...

    गृहस्थी के दल
    by Archana Anupriya

             "गृहस्थी के दल""आजकल दल बनाने का फैशन जोरों पर है। राजनीति का मैदान हो या घर का आँगन-सभी इसमें शामिल हैं"- यही बात मैंने कल अपने घर में खाने ...

    दो बाल्टी पानी - 29
    by Sarvesh Saxena

    धुयें का असर होते ही सुनील को बेहोशी सी आने लगी और उसका शरीर ढीला पडने लगा | “ बोल ......कौन है तू.......कौन है तू...और कहां से आई है ..बता ...

    एहसास
    by S Kumar

    जिंदगी की राहों में चल चला हूँ ...जिंदगी की राह में मोहब्बत ही मोहब्बत है...किन्तु वो मोहब्बत में एक हसीन एहसास है...जिंदगी की मुश्किल राह है....वो राह में हवा ...

    दो बाल्टी पानी - 28
    by Sarvesh Saxena

    “ बम बम भोले......बम बम भोले .....करता हूं विनाश शैतानों का....भूत चुडैल, प्रेत डायन....कोई नही टिकता मेरे आगे, कर दे सबका चंग़ा हाल....नाम है मेरा बाबा बेताल......” | गांव मे जब ...

    लाल दंत मंजन - हास्य कहानी
    by Swapnil Srivastava Ishhoo

    बात उन दिनों की है, जब मास्क की तरह लाल दंत मंजन भी हर घर का एक अभिन्न हिस्सा हुआ करता था| टूथपेस्ट कोई भी आए, दंत मंजन तो ...

    गोविंद दियो मिलाय
    by Medha Jha

    गोविंद दियो मिलाय गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो मिलाय। अब पाय तो गोविंद के ही लगना पड़ेगा ना, उसके बिना तो स्कूल ...

    हास्य कहानी : पॉकेट रेडियो -छोटी उम्र की खुराफात का एक नमूना
    by Swapnil Srivastava Ishhoo

      पिछले पंद्रह मिनट से हम तीन फिट की दीवार पर कान पकड़े खड़े थे और माता जी गुस्से से हाथ में हमारा ही प्लास्टिक का बैट लिए इंतजार ...

    दो बाल्टी पानी - 27
    by Sarvesh Saxena

    उधर ठकुराइन अभी अपनी चोटी कटने के दुख से उबरी नही थीं कि पिंकी की चोटी कटने से और सदमे में आ गयीं, जब ये बात स्वीटी को पता ...

    रील कट गई….
    by Swapnil Srivastava Ishhoo

    दूर कहीं जानी पहचानी धुन बज रही थी, लगा की सुनी सुनाई सी है, कान के पट थोड़े और खोले तो जान पड़ा कि अपने ही मोबाइल की रिंगटोन ...