Social Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    अविका
    by Rama Sharma Manavi

       जिंदगी के रास्ते कब कहां अचानक कौन सा मोड़ ले लें, पता ही नहीं होता।कभी जिंदगी की झोली बिल्कुल खाली हो जाती है, कभी खुशियों के फूलों से ...

    अतीत के चलचित्र-(2)
    by Asha Saraswat

                          अतीत के चलचित्र-(2)              पिताजी ने हमें बताया कि हम माताजी पिताजी के ...

    काष्ठ प्रकृति
    by Deepak sharma

    काष्ठ प्रकृति  जब मेरी चेतना लौटी टो मैंने अपने आपको अस्पताल के बिस्तर पर पाया|  चिंतित चेहरों की भीड़ में अपने कॉलेज के प्रिंसिपल को देखकर मैं स्वयं चिंता ...

    Broken with you... - 6
    by @njali

    बस, बस, बस  तू  बस  उतना बता कैसे  मारा तूने प्रिया को    अबे साले वकील की   बच्चे  मतलब मेरे  बाप जायदाद  के मालिक साले तू  निकला खोखला ही ...

    देवदूत
    by BALDEV RAJ BHARTIYA

    कहानी देवदूतशांत. . . . . .  एकदम शांत था सारा शहर। पिछले छह दिन से सड़कें सुनसान थी और बाजार बंद। न मोटर गाड़ियों की पौं-पौं और न ही ...

    भुलावा
    by Deepak sharma

    भुलावा "स्मृति हमारी आत्मा के उसी अंश में वास करती है जिसमें कल्पना|" (मेमोरी बिलोंग्स टू द सेम पार्ट ऑफ द सोल एज इमेजिनेशन|) - अरस्तु   हरिगुण को मैंने ...

    उसने आत्महत्या क्यो की (अंतिम भाग)
    by किशनलाल शर्मा

    लेकिन रमेश ने उसकी बात पर ध्यान नही दिया।ज्यों ज्यो बेटिका बड़ी हो रही थी।उनके खर्चे भी बढ़ रहे थे।आये दिन वे कोई नई फरमाइस कर देती।रमा उन्हें पिता ...

    अतीत के चल चित्र—(1)
    by Asha Saraswat

                        अतीत के चलचित्र।  (1)                  सुबह सवेरे गर्मियों में मन करता था ...

    फिर आएगा वसंत
    by Sunita Bishnolia

    आएगा वसंत      चम्पा चमेली, गेंदा, गुलाब..... ना जाने कितनी तरह के पौधे लगे हैं, इस बगीचे मेंं।    हर क्यारी फूलों से गुलजार है हर डाली पर फूल ...

    लहरें
    by Neelam Kulshreshtha

    नीलम कुलश्रेष्ठ “पढ़ाई के तो हम शुरू से चोर हैं ।” कहते हुए कानपुर की बीजू ने जाड़े के कारण लाल पड़ गयी नाक को ओवरकोट की बाँह में ...

    बिटर पिल
    by Deepak sharma

    बिटर पिल वेन इट स्नोज इन योर नोज़ यू कैच कोल्ड इन योर ब्रेन (‘हिम जब आपके नाक में गिरती है तो ठंडक आपके दिमाग़ को जा जकड़ती है’) ...

    उसने आत्महत्या क्यो की (भाग 2)
    by किशनलाल शर्मा

    रमा,रमेश को चाहती थी।उससे प्यार करती थी।उसे अपना जीवन साथी बनाना चाहती थी।माँ बाप के विरोध के बावजूद उसने रमेश से शादी कर ली।प्यार और शादी में अंतर है।प्यार ...

    लौट जाओ शैली... - 3 - अंतिम भाग
    by Dr Vinita Rahurikar

    भाग-3 जिम की वार्षिक पार्टी में शैली ने फिर विनीत के साथ खूब एंजॉय किया। विनीत के बेटे की तबीयत खराब होने की वजह से उसकी पत्नी नहीं आ ...

    एक दुनिया अजनबी - 45 - अंतिम भाग
    by Pranava Bharti

    एक दुनिया अजनबी 45 - बड़ी अजीब सी बात थी लेकिन सच यही था कि प्रखर की माँ विभा मृदुला के साथ मंदा और जॉन से मिल चुकी थीं ...

    मज़हब और इंसानियत
    by Lajpat Rai Garg

    22 अगस्त, 2017 पचास प्रतिशत मुस्लिम आबादी यानी मुस्लिम महिलाओं के लिये आजादी-दिवस भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पांच माननीय जजों ने बहुमत से पचास प्रतिशत मुस्लिम आबादी यानी ...

    दिल्ली वाले चाचा
    by राज बोहरे

      किशोरावस्था की कहानीयाँ                                               :                                                                      दिल्ली वाले चाचा          अजय और अभय को बड़ा दुःख  हो रहा था कि वे आज स्कुल क्यों चले गये ? एक ...

    यादों के झरोखों से—निश्छल प्रेम (10) - अन्तिम भाग
    by Asha Saraswat

                 बात उन दिनों की है जब स्कूटर,मोटरसाइकिल,कार महिलाएँ बहुत ही कम चलाया करती थी ।          इंटरमीडिएट करने के बाद ...

    मेकिंगचार्ज
    by Ila Singh

    मेकिंगचार्ज  **************"टमाटर किस भाव? "बड़े-बड़े लाल-लाल टमाटर एक तरफ करते हुए बुजुर्गवार ने प्रश्न किया ।"सात रूपए किलो , बाबू जी !"सब्जी वाली तराजू सँभालते हुए बोली ।"सात रूपए ...

    एक दुनिया अजनबी - 44
    by Pranava Bharti

    एक दुनिया अजनबी 44 - जाने कितनी देर पहले नीचे से गरमागरम नाश्ता आ चुका था लेकिन सब चर्चा में इतने मशगूल थे कि हाथ में पकड़े कॉफ़ी के मगों के ...

    खेल नसीब का
    by Rama Sharma Manavi

      एक घर में एक माता पिता की संतानें कितने अलग-अलग भाग्य लेकर पैदा होती हैं।किसी का भाग्य उसकी झोली खुशियों से भर देती है, तो कोई ताउम्र संघर्ष ...

    फिल्मों में भद्दी गालियों का महत्त्व
    by Suvidha Gupta

                  आजकल की नई पीढ़ी फ़िल्मों से बहुत प्रेरित रहती है और कहने वाले ये भी कहते हैं कि फिल्में किसी समाज का ...

    लौट जाओ शैली... - 2
    by Dr Vinita Rahurikar

    भाग-2 सच तो यह था कि शैली भी अब यह महसूस करने लगी थी कि विनीत जीवन में उसे क्या दे पाएगा। वह उससे शादी तो करेगा नहीं ऐसे ...

    उसने आत्महत्या क्यो की
    by किशनलाल शर्मा

    "क्या बात है रमेश?काफी परेशान लग रहे हो।"रमेश के चेहरे पर नज़र पड़ते ही महेश बोला था।"कुछ नही"राााेे  रमेश के गले से  मरी सी आवाज निकली थी।वह महेेेश के ...

    BOYS school WASHROOM - 15
    by Akash Saxena

    "तुम लोगों को कहीं देखा है पहले…"प्रज्ञा सोचते हुए बोली "हाँ..हाँ ऑन्टी वो हम आपके घर के पास ही मे रहते हैँ, मिस्टर एंड मिसेस कांजी" हर्षित ने तुरंत ही ...

    एक दुनिया अजनबी - 43
    by Pranava Bharti

    एक दुनिया अजनबी 43- कुंठित थी सुनीला, विश्वास ही नहीं कर पा रही थी, उनकी योजना पर लेकिन वातावरण देखकर और बातें सुनकर झुठलाना भी इतना आसान नहीं था ...

    उम्र के दिसम्बर में
    by Gopal Mathur

    गोपाल माथुर मैं इन खण्डहरों में बस यूँ ही आ गया हूँ. मुझे यहाँ एक अजीब सी सान्त्वना मिलती है, जैसे मैं बहुत दिनों बाद अपने किसी पुराने दोस्त ...

    लौट जाओ शैली... - 1
    by Dr Vinita Rahurikar

    भाग-1 "पूनम राज को फोन करके बता दो कमर्शियल होम जिम का केबल टूट गया है और कोने वाली ट्रेडमिल T- 1500 की मोटर जल गई है और राज ...

    एक दुनिया अजनबी - 42
    by Pranava Bharti

    एक दुनिया अजनबी 42- दरवाज़े पर नॉक हुई तो सबकी आँखें उधर की ओर घूम गईं | दरवाज़े पर कोई अजनबी था लेकिन वह अजनबी उन तीनों के लिए था, ...

    Suicide, Why? - Suicide Story 1: ज्योतिका
    by Anil Patel_Bunny

    नवलकथा के बारे में:  दोस्तों, हमारे आसपास, जान-पहचान वाले या अनजाने लोग, पता नहीं कितने लोग इस देश में आत्महत्या कर रहे है। रोज हम अखबार में, टीवी में ...

    जहाँ ईश्वर नहीं था - 4 - अंतिम भाग
    by Gopal Mathur

    4 मैंने कहा, ”भले ही मुझे थाने ले चलो, पर उस बेचारी को कुछ खाने को तो दे दो. लगता है उसने सदियों से कुछ खाया नहीं है. बेचारी ...