Social Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    इन्तजार एक हद तक - 2 - (महामारी)
    by RACHNA ROY

    रमेश ने मन में सोचा सब कुछ ठीक हो वहां।उर्मी कैसी होगी? क्यों मैं नहीं सोच पाया कुछ एक साल में मैंने तो जाने की कोशिश नहीं की।फिर प्लेटफार्म ...

    सपने (पार्ट 1)
    by किशनलाल शर्मा

    वह अपने देश से दुबई गया तब  उसके जेहन में ढेर सारे सपने थे।उसने सोचा था।परिवार की सारी दरिद्रता और अभाव हमेशा के लिए खत्म कर देगा।उस समय उसके ...

    Dear comrade - 2
    by Henna pathan

    समर अपने सपनो की कुर्बानी दे देता है और रिक्शा चला कर घर की आथिक समस्या को सुधारने की कोशिश करता है ! समर अपनी जिंदगी से खुश नहीं है ...

    जिम्मेदार कौन?
    by Rama Sharma Manavi

       विभावरी के निर्जीव देह को उसका पांच वर्षीय बेटा हिलाते हुए कह रहा था कि मम्मी उठो न,मुझे भूख लगी है, दूध-ब्रेड दे दो।देखो,कितने सारे लोग आए हैं ...

    अम्मा
    by Dr Ranjana Jaiswal

    कभी- कभी विश्वास ही नहीं होता कि रिश्ते इतने भी कच्चे हो सकते हैं।पड़ोस की अम्मा आख़िरकार जीने की इच्छा मन में लिए चली ही गईं।महीनों से वे यमराज ...

    BOYS school WASHROOM - 17
    by Akash Saxena

    दोनों हॉल से बाहर निकलते है तो देखते हैँ की मौसम काफी ख़राब हो रहा है….जैसे तूफ़ान आने को हो….अमन और यश दोनों वाशरूम की तरफ बढ़ रहें होते ...

    ममता की तुलना
    by vidya,s world

    सुबह सुबह ब्रिजेश अपनी मां से झगड़ रहा था। मां चुप चाप अपना सिर झुकाए उसकी बाते सुन रही थी।ब्रिजेश अपने छोटे भाई जयेश की तरफ गुस्सैल नजरों से ...

    इन्तजार एक हद तक - 1 - (महामारी)
    by RACHNA ROY

    ये कहानी सत्य घटनाओं पर आधारित है आशा करतीं हुं।आप सभी को अच्छा लगेगा।हकीम पुर गांव अब पुरी तरह से  कोलेरा महामारी की चपेट में आ गया था अब ...

    विश्वासघात--(अन्तिम भाग)
    by Saroj Verma

    इधर इन्सपेक्टर अरूण और प्रदीप कुछ देर में नटराज के फार्महाउस जा पहुँचे,उन्होंने मोटरसाइकिल दूर ही खड़ी कर दी ताकि मोटरसाइकिल की आवाज़ से किसी को श़क ना हो ...

    अर्थतंत्र
    by rajendra shrivastava

    कहानी--- अर्थतंत्र                                                       ...

    सरहद - 6 - अंतिम भाग
    by Kusum Bhatt

    6 ‘‘दीदी... तुम्हे पता है जेठा जोगी क्यों आये अचानक,’’ बैजन्ती पीछे मुड़ी-हमारी सासू जी को मिल गये थे वे हरिद्वार में...! जब वे बैसाखी को गंगा नहाने गई ...

    दहेज बना अभिशाप
    by Shivani M.R.Joshi

    एक बहुत पुराने समय की बात है.एक छोटे से गांव में एक छोटा सा परिवार रहता था. परिवार के मुखिया का नाम हरीश जी था और उनकी पत्नी का ...

    जानेमन
    by Bhupendra Singh chauhan

    उर्मि के कदमों में आज तेजी थी।हर दिन से आज 10 मिनट देर से थी वह।सुबह वह भूल ही गयी थी कि आज शुक्रवार है और स्टेशन पर कोई ...

    विश्वासघात--भाग(२४)
    by Saroj Verma

    साधना डाइनिंग टेबल पर नाश्ता लगा चुकी थी,नटराज तैयार होकर आया और नाश्ता करने बैठ गया,उसने आधा नाश्ता खतम ही किया था कि टेलीफोन की घंटी बज पड़ी___     ...

    सरहद - 5
    by Kusum Bhatt

    5 छह महिने खोजते-खोजते बीत चुके थे कभी हरिद्वार, कभी ऋषिकेश, बनारस, गया, हरिद्वार एक-एक आश्रम छान लिया था, गाँव के लोग भी जहाँ तक हो सकता था, खोज ...

    विश्वासघात--भाग(२३)
    by Saroj Verma

    उधर गाँव में,    माँ! बहुत दिन हो गए,मैनें बाबा को टेलीफोनकरके ख़बर नहीं पूछी और जब से लीला बुआ भी गईं हैं,तब से उनसे भी मुलाकात नही हो ...

    प्रतिभा का पहलू
    by Ramnarayan Sungariya

    कहानी--   प्रतिभा का पहलू                                                 ...

    अतीत के चलचित्र (10) अन्तिम भाग
    by Asha Saraswat

                  अतीत के चलचित्र (10)  अंतिम भाग        पूरी रात कुलदीप दर्द से कराहता रहा और मैं भी उसके पास बैठ कर ...

    तलाश - 6
    by डा.कुसुम जोशी

    #तलाश_6गतांक से आगे    पर मन को समझना कौन चाहता है, मन को समझते तो शमित से कोई शिकायत ही नही होती, मैं इन परिस्थिति में भी उनके साथ ...

    विश्वासघात--भाग(२२)
    by Saroj Verma

    दूसरे दिन साधना और मधु दोपहर के खाने पर लीला के घर पहुँचे और उसने सारा वृत्तांत साधना को कह सुनाया,ये सुनकर साधना को एक झटका सा लगा कि ...

    सरहद - 4
    by Kusum Bhatt

    4 संयोग से उस दोपहर ताऊ घर में ही थे, उन्हें जड़ी बूटियों की पहचान थी। गिलोय के डंठल को कूट कर उसमें मिश्री मिला कर छोटी के सूखे ...

    खौलते पानी का भंवर - 14 - काँच के सपने (अंतिम भाग)
    by Harish Kumar Amit

    काँच के सपने बाएं हाथ में उपहार के पैकेट को बड़े ध्यान से पकड़े हुए जब वह घर से निकला तो अंधेरा पूरी तरह छा चुका था. सधे हुए ...

    विश्वासघात--भाग(२१)
    by Saroj Verma

    लीला बुआ आज ही कह रहीं थीं कि अब समय आ गया है कि साधना आण्टी और मधु को सब सच..सच बता देना चाहिए,संदीप बोला।। तो क्या उन दोनों ...

    उदास इंद्रधनुष - 1
    by Amrita Sinha

    उदास इंद्रधनुष                                                           ************ रात के दस बजने वाले थे। कोमल सोने की तैयारी में लगी थी । सिरहाने  पानी की बोतल रख, कमरे की बत्ती ऑफ़ करने ही वाली थीकि मोबाइल बज उठा ।तेज़ गाने वाला कॉलर ट्यून कमरे की श

    चैट बॉक्स.… - 6 - अंतिम भाग
    by Anju Choudhary Anu

    भाग 6 शायद एक दिन मेरे काउन्टर पर किसी पेपर से उसने मेरी बर्थ-डेट देख ली थी तो वही खड़े खड़े उसने बातों में मेरा जन्म का वक़्त भी ...

    खौलते पानी का भंवर - 13 - मौत
    by Harish Kumar Amit

    मौत शाम को दफ़्तर से लौटकर घर आया तो ड्राइंगरूम से आ रही आवाज़ों को सुनकर ही समझ गया कि मंजु आ चुकी है. मंजु यानी मेरी पत्नी वीना ...

    विश्वासघात--भाग(२०)
    by Saroj Verma

    दूसरे दिन कुसुम की रिहर्सल शुरु हुई,बुआ बनने के लिए,नकली विग मँगाई गई,एक चश्मा मँगाया गया और एक सफ़ेद साड़ी भी मँगाई गई,जिसे पहनकर कुसुम तैयार हुई,अब समय था ...

    सौतेला
    by padma sharma

    सौतेला बगीचे में बैठा अनुराग विचारों में खोया हुआ था । पास ही बस्ता रखा हुआ था, रखा हुआ क्या था, बेतरतीबी से पड़ा था। किताबें-कॉपी बस्ते के बाहर ...

    सरहद - 3
    by Kusum Bhatt

    3 ‘‘माँ मैं अब पाठषाला नहीं जाऊँगी... मेरे पेट में बच्चा आ जायेगा.. तुम सब मेरी षादी उस गुन्डे से करा दोगे... मैं नहीं जाऊँगी पाठषाला...’’ टप-टप मेरे गरम ...

    विश्वासघात--भाग(१९)
    by Saroj Verma

    दूसरे दिन प्रदीप को कालेज मे मधु दिखी,मधु का रूपरंग पूरी तरह से बदला हुआ था,उसने आज सादी सी सूती साड़ी पहन रखी थी और लम्बे बालों की चोटी ...