Social Stories Books in Hindi language read and download PDF for free

    राय साहब की चौथी बेटी - 18
    by Prabodh Kumar Govil Verified icon
    • 174

    राय साहब की चौथी बेटी प्रबोध कुमार गोविल 18 बस, ये और बाकी था। अब अम्मा को कभी - कभी ये भी ध्यान नहीं रहता था कि वो बहुत ...

    ढीठ मुस्कुराहटें... - 1
    by Zakia Zubairi
    • 42

    ढीठ मुस्कुराहटें... ज़किया ज़ुबैरी (1) “अरे भई रानी मेरी एड़ी को गुदगुदा क्यों रही हो... क्या करती हो भई... ये क्या हो रहा है... यह गीला गीला क्या है... ...

    योगिनी - 17
    by Mahesh Dewedy Verified icon
    • 54

    योगिनी 17 हेमंत और शरत को नींद तो पहले भी नहीं आ रही थी और चाय पीने से जब शीत लगना भी कम हो गया, तो हेमंत ने कथा ...

    आदमखोर - 1
    by Roop Singh Chandel
    • 86

    आदमखोर (1) भूरे - काले बादलों का समूह अचानक पश्चिमी क्षितिज में उभरने लगा. सरजुआ के हाथ रुक गये. हंसिया नीचे रखकर वह ऊपर की ओर देखने लगा. हवा ...

    कौन दिलों की जाने! - 36
    by Lajpat Rai Garg Verified icon
    • 92

    कौन दिलों की जाने! छत्तीस 28 नवम्बर रानी अभी नींद में ही थी कि उसके मोबाइल की घंटी बजी। रानी ने फोन ऑन किया। उधर से आवाज़़ आई — ...

    ख़ुशबू का रंग
    by Nasira Sharma
    • 66

    ख़ुशबू का रंग परिन्दों के लौटने का मौसम आ गया है। बफ़र् पिघल-पिघल कर पहाड़ों के दामन पर जमा हो गई है और जज्मीन नन्ही-नन्ही हरी कोंपलों से भर ...

    दो अजनबी और वो आवाज़ - 12
    by Pallavi Saxena
    • 88

    दो अजनबी और वो आवाज़ भाग-12 इस सब से तो अच्छा है, मैं चाहे इस बच्चे के साथ जीऊँ या अकेले, पर शादी कर के बंधनों में बंधने और ...

    कुबेर - 6
    by Hansa Deep
    • 76

    कुबेर डॉ. हंसा दीप 6 गुप्ता जी के ढाबे पर एक बेरंग चिट्ठी की तरह लौट आया वह। सेठजी को बताया माँ-बाबू के बारे में तो वे भी उदास ...

    दरमियाना - 8
    by Subhash Akhil
    • 118

    दरमियाना भाग - ८ मैंने हाथ पकड़ कर उसे उठाया और अपने पास सोफे पर बैठा लिया । धीरे-से उसके सिर पर हाथ फेरा और फिर कंधे को थपथपा ...

    जीजीविषा - 2
    by KAMAL KANT LAL
    • 72

    उसकी जेब में केवल चालिस रुपये बचे थे और बचा था ट्रेन पकड़ने से पहले का बहुत सारा समय. रात होने तक टिकट के लिए क्या जुगत भिड़ाई जाए ...

    कतरा भर रूमानियत
    by Dr Vinita Rahurikar Verified icon
    • 104

    कतरा भर रूमानियत घर के सभी कामों से फुरसत पाकर चित्रा ने अपना मोबाईल उठाया और फेसबुक खोलकर बैठ गयी. पहले दोपहर भर समय काटने का साधन उपन्यास, कहानियाँ ...

    जीत में हार
    by Annada patni
    • 86

    जीत में हार अन्नदा पाटनी अस्पताल में आज मरीज़ कम थे । कॉफ़ी रूम में सब डाक्टर्स कॉफ़ी पीने आ बैठे । कॉफ़ी और बिस्कुट के साथ बात-चीत का ...

    ये इश्क न था
    by Prahlad Verma
    • 98

    ये इश्क न था एक सामाजिक मुद्दे पर लिखी कहानी है जो एक ऐसी लड़की छाया की है कहानी जों एक लड़के कुलदीप से प्यार करती है लेकिन ...

    कच्चा गोश्त - 2 - अंतिम भाग
    by Zakia Zubairi
    • 150

    कच्चा गोश्त ज़किया ज़ुबैरी (2) यही सब सोचती मीना घर की ओर चली जा रही थी कि सामने से सब्बो मटकने की कोशिश कर रही थी। मीना के भीतर ...

    योगिनी - 16
    by Mahesh Dewedy Verified icon
    • 134

    योगिनी 16 मानिला में तीन दिन से बर्फ़ गिर रही थी- सर्वत्र रजत-श्वेत का साम्राज्य था। अल्मोड़ा जनपद का यह ग्राम पर्यटक स्थलों के सामान्य मार्ग से अलग स्थित ...

    कौन दिलों की जाने! - 35
    by Lajpat Rai Garg Verified icon
    • 206

    कौन दिलों की जाने! पैंतीस रानी दिनभर फ्लैट पर ही रहती थी। खाना बनाया, खाया, टी.वी. देख लिया या कोई किताब अथवा मैग्ज़ीन पढ़ ली, किन्तु शाम को सोसाइटी ...

    काला सूरज
    by Nasira Sharma
    • 90

    काला सूरज रोज़ रात को राहब मोआसा एक ही सपना देखती कि उसके देश यूथोपिया की सारी ज़मीन हरी-हरी घास से भर गई है। खेत-खलिहान अनाज से और घने ...

    कुबेर - 5
    by Hansa Deep
    • 72

    कुबेर डॉ. हंसा दीप 5 वह वहीं बैठ गया पत्थरों के टीले पर। एकटक ताकता रहा शून्य में। स्तब्ध आँखें झपकना भी भूल गयी थीं। उसके जाने के चार ...

    दरमियाना - 7
    by Subhash Akhil
    • 98

    दरमियाना भाग - ७ मेरे सवाल के जवाब में उसका सवाल आया था । सटाक-से मेरे सामने रखे गये इस सवाल ने वाकई मुझे झकझोर दिया था – सच ...

    दो अजनबी और वो आवाज़ - 11
    by Pallavi Saxena
    • 192

    दो अजनबी और वो आवाज़ भाग-11 जिसका जवाब मेरे पास नहीं है। क्यूंकि मुझे अपने अतीत का कुछ याद ही नहीं है। वहाँ मौजूद कुछ औरते मुझ से इशारे ...

    चिड़िया उड़ गई फुर्र...
    by Dr Vinita Rahurikar Verified icon
    • 142

    चिड़िया उड़ गई फुर्र... "अटकन-चटकन दही चटाकन कव्वा लाटा बनकर कांटा सुरू रुरु पानी आया चिड़िया उड़ गई फुर्र...." कहते ही निधि अपने दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाकर ...

    रोटी
    by Rajesh Kumar
    • 88

    "रोटी" जिसके लिए हर आदमी रातदिन मेहनत करता है चाहें वो करोड़पति हो या एक समय भूखा सोने वाला। रोटी यानी भूख मिटाने के लिए भोजन। कुछ लोगों के ...

    बूढ़े बरगद के पार
    by Mohit Trendster
    • 48

    संतुष्टि की कोई तय परिभाषा नहीं होती। बच्चा कुदरत में रोज़ दोहराये जाने वाली बात को अपने जीवन में पहली बार देख कर संतुष्ट हो सकता है, वहीं अवसाद ...

    तृष्णा
    by Chaya Agarwal
    • 196

    कहानी-----तृष्णा                 "मां हम कहां जा रहे हैं" नन्हे दीपू का का मासूम स्वर जब नीता के कानों में पड़ा। तो उसकी आंखें ...

    कच्चा गोश्त - 1
    by Zakia Zubairi
    • 188

    कच्चा गोश्त ज़किया ज़ुबैरी (1) बित्ते भर का क़द और दस गिरह लम्बी ज़बान!... और जब यह ज़बान कतरनी की भांति चलती तो बृज बिहारी बहादुर भी बगलें झांकते ...

    जीजीविषा - 1
    by KAMAL KANT LAL
    • 106

      कीमती जीन्स, टी शर्ट, एक हाथ में खालिस लेदर की बैग और दूसरे में अपना कीमती मोबाईल फोन लेकर जब अविनाश रेलवे के ए. सी. वेटिंग रूम के ...

    कहा न कहा - 2 - अंतिम भाग
    by Arun Sabharwal
    • 120

    कहा न कहा (2) “ये देखो । मेरे चहीते का तोहफा।” पीटर ने खिल्ली उड़ाते कहा। “तुम इसे गुलदस्ता कहती हो ?” “पीटर प्लीज़, मत करो उपहास उसका”, सोचो ...

    कुबेर - 4
    by Hansa Deep
    • 86

    कुबेर डॉ. हंसा दीप 4 और सचमुच इस तरह दूसरों का काम भी धन्नू अपने ऊपर ले लेता ताकि कोई भी किसी तकलीफ़ में न रहे। एक बार जब ...

    दरमियाना - 6
    by Subhash Akhil
    • 148

    दरमियाना भाग - ६ "अरे... क्या हो गया तुम्हें... भैया... पीछे हटो... क्या हुआ तुम्हें ?" मुझे लगभग धकेलने के बाद वह कुछ सामान्य हुई थी । उसने अपने ...

    राय साहब की चौथी बेटी - 17
    by Prabodh Kumar Govil Verified icon
    • 418

    राय साहब की चौथी बेटी प्रबोध कुमार गोविल 17 अब कुछ दिन के लिए अम्मा ने अपनी उम्र को पकड़ कर रोक लिया। ज़िद थी कि अभी और बूढ़ा ...