Gangster - 2 in Hindi Detective stories by Sonu Rj books and stories PDF | गैंगस्टर - 2

गैंगस्टर - 2

मैं जेल में गया था तब ग्रेगरी था , अब मैं एक मंजा हुआ गुनहगार 'गनमेन गैरी बन चूका था और मेरी माँ को सामने खड़ा था जिसके लिए मैं अब भी छोटा बच्चा था ! मुझे वो दिन याद आ गया जब मुझे जेल में गए कुछ दिन ही हुए थे और मेरी माँ मुझे मिलने आई थी ! वो बहुत दुखी थी ! ग्रेगरी ये मुझे क्या हो गया है ! मैने तुझे टीवी पे देखा था , पुलिस ने मार दिया होता तुझे तो? उस दिन जब अठारह महीने बाद मैं जेल से वापस आया तब न जाने कितनी देर तक उसने मुझे गले से लगा रखा ! मै आशा रखती हूँ कि अब हम फिरसे इतने लम्बे समय तक अलग नहीं होंगे ग्रेगरी ! मैंने मेरी माँ को दिलासा दिलाया पर मुझे सच मैं पता नहीं था कि बाहर की दुनिया मैं क्या मेरी राह देख रहा है ! मैं फिर से काइम सी दुनिया मैं चला जाऊँ इसलिए मेरी माँ ने पुराने घर काफी दूर एक नया घर लिया था ! पर उसे पता नहीं था कि बखितयार और राणा उसी जगह पे रहते थे ! जब मैं घर पर आया तब मेरे भाई बहन मुझे देखकर बहुत खुश थे ! मैं उन का प्यार मै महसूस कर सकता था ! नये घर आने के बाद मैंने कॉलेज में मेरा एडमिशन करवा लिया था ! साथ में एक गैरेज में भी आधे दिन सी नौकरी ढूंढ ली थी ! समय अच्छा बीत रहा था पर मुझे शकील सी याद आ रही थी ! कहाँ होगा वो ! उसने मेरा संपर्क क्यों नहीं किया ! मैं उससे मिलने नहीं जा सकता था क्योंकि मुझ पर नजर रखी जा रही हो वैसी संभावना थी इसलिए उस दिन एक पब्लिक टेलीफोन बूथ से उसका नंबर लगाया ! हेलो वो किसी स्त्री कि आवाज थी ! मैंने फोन काट दिया क्योंकि शकील को घर में कोई महीला सदस्य नहीं थी ! मैंने नंबर चेक कर फिर से फोन लगाया , फिर से वही स्त्री सी आवाज थी ! शकील कहाँ है ? तू जेल मै से कब छूटी जी क..कौन हम दोनो एक दूसरे से सीधे सवाल पूछ रहे थे। शकील नहीं रहा ! क्या? आप कोन हो ? नाम क्या है आपका ? झोया और एक घंटे बाद मैं शकील के घर पर था ! घर का दरवाजा खुला तब मे अलग दुनिया मैं पहुँच गया ! उसकी सुंदरता कल्पनातीत थी ! उसने अपना एक हाथ दरवाजे के कोने पर और दूसरे हाथ मै सिगरेट थी , जिसपर उसकी गुलाबी लिपस्टिक साफ दिख रही थी ! तीस पैंतीस साल की अप्सरा सी लग रही उस महिला को देखकर मैं भुल ही गया कि मैं दरसल शकील का हाल पूछने आया हूँ बाहर ही खड़ा रहेगा या अंदर आकर बात करेगा ? वह मेरे सामने आराम से बैठी और सिगरेट का एक कश लिया ! ग्रेगरी अब गनमेन गैरी बन गया है राइट शकील को क्या हूआ ? तुम जेल गए उसके एक हफ्ते मे शकील और अब्बू एक रोड एक्सीडेंट नें मारे गए मै उस कि बड़ी बहन हूँ ! मेरा डीवोसँ उसी समय हुआ था उस घटना के बाद मैं पुराना घर बेच यहाँ आ गई हूं। उस बात को डेढ़ साल ही चुका है ! झोया के साथ मैंने भी सिगरेट जला ली थी ! आप लोगों ने जो कीया वो बड़ी हिम्मत का काम था , वो भी इतनी छोटी उमर में। और इसलिए पुलिस सी तेरे पर नजर रहती है। शकील ने आप के बारे मे बताया नहीं ! ड्रग्स और दारु के धंधे वालो से दोस्त शकील और अब्बु को पंसन नही थी ! वो लोग मुझे पसंद नही करते थे ! और दुसरी बात मुझे आप नही तु कहकर बुला मैं कोई आंटी या बुढ़िया नहीं हूँ ! वो खड़ी हुई मेरे पीछे आकर खड़ी हो गयी ओर फिर अचानक वो आगे आकर वो मेरी गोद मे बेड़ गई आँखों मे आँखे डाली ! वो मेरी गर्दन अपना नेलपाँलीश किया हुआ नाखु़न फेर ने लगी ! १९ साल के हीसाब से तेरा शरीर काफी ताकतवर है ! मैने सोचा था उससे ज्यादा ही जवान लगता है तु लड़के ! उसने सिगरेट कि एक कश लिये सिगरेट सामने टेबल पर पड़ी हुई एशटे् मे भुझाई और फिर मेरे होंठ पर एक चुंबन कर लिया ओर साथ ही उसके मुंह का सारा धुआ मेरे मुंह मे डाल दिया ! उस धुँए से मुझे खांसी आ गई। बच्चे को को खांसी आ गई... अरेरे! मै बच्चा नही हूँ ! बच्चा है कि नहीं वो तो साबित करना पडेगा गनमैन | कुछ ही षण में हम उस के बैडरुम में थे ! फिर जो हुअा वो मेरे लीए अकल्पनीय था ! इतना भी खराब नही था गनमैन ! तेरा भविष्य काफी अच्छा है ! तू जेल मै था तब एक काम बाहर तेरी राह देख रहा था ! सात दिन बाद किसी को मिलना है . रविवार सुबह नौ बजे ! तैयार हो जाना गन मैन! मैं मेरे से लगभग पन्द्रह साल बडी महिला को देखता रहा ! अभ्दुत आकषँण था उसमें क्या मे

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Rupa Soni

Rupa Soni 3 months ago

Monika

Monika 6 months ago

Hello sir, i have an opportunity for you.. would you like to write long content novel then plz mail me on reenadas209@gmail.com

Mahaveer Prasad Bhanawat
Kaumudini Makwana

Kaumudini Makwana 6 months ago