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रेत समाधि याने टोम्ब ऑफ़ सेंड
by Yashvant Kothari

मातृशक्ति की महागाथा --एक पाठकीय प्रतिक्रिया  यशवंत कोठारी कुछ समय पहले तक गीतांजलि श्री के नाम से परिचित नहीं था. अचानक टाइम्स ऑफ़ इंडिया में उनकी पुस्तक को अंतर ...

ભગવાન પાણીની વ્યાકરણી
by वात्सल्य

અર્થ :સંસ્કૃત ભાષાના અષ્ટાધ્યાયી વ્યાકરણનો કર્તા (ઈ.પૂ. ૬ઠ્ઠી સદીનો એક સમર્થ પંડિત.)ક્રમાંકવ્યુત્પત્તિવ્યાકરણ અર્થ :એ નામના એક મુનિ.તે મોટા સંસ્કૃત વૈયાકરણી હતા.તેમણે શંકર ભગવાનની પ્રેરણાથી સંસ્કૃત ભાષાનું સંપૂર્ણ વ્યાકરણ સૂત્રરૂપે ...

संगीत व साहित्य के सुरूर से मचलकर पटरी से उत्तर गई मालगाड़ी
by Neelam Kulshreshtha

विश्व संगीत दिवस 21 जून पर विशेष [ संस्मरण --सन 2006 ] [नीलम कुलश्रेष्ठ] ‘ऐसे हैं सुख-सुपन हमारे, बन-बन कर मिट जाएं जैसे बालू के घर नदी किनारे ।’ ...

महेश कटारे-छछिया भर छाछ की धडकनें
by ramgopal bhavuk

महेश कटारे-छछिया भर छाछ की धडकनें रामगोपाल भावुक हमारा देश कृषि प्रधान है। हिन्दी कहानी में मुंशी प्रेमचन्द्र ने सबसे पहले किसानों की व्यथा कथा कहना शुरू की थी। ...

अधूरा..अव्यक्त किंतु शाश्वत- पराग डिमरी
by राजीव तनेजा

किसी भी देश..राज्य..संस्कृति अथवा अलग अलग इलाकों में बसने वाले वहाँ के बाशिंदों का जब भी आपस में किसी ना किसी बहाने से मेल मिलाप होता है तो यकीनन ...

विश्व का प्रथम सबसे बड़ा गुजरात पुस्तकालय सहायक सहकारी मंडल
by Neelam Kulshreshtha

[ नीलम कुलश्रेष्ठ ]  समस्त विश्व की प्रथम व लगभग एक मात्र संस्था है वड़ोदरा की 'गुजरात पुस्तकालय सहकारी मंडल 'जिसकी शहर के मध्य में एक अपनी निजी इमारत ...

कोस कोस शब्दकोश- राकेश कायस्थ
by राजीव तनेजा

जब भी हम समाज में कुछ अच्छा या बुरा घटते हुए देखते हैं तो उस पर..उस कार्य के हिसाब से हम अपनी अच्छी-बुरी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं या फिर ...

गुजरात का अनूठा पावागढ़ -जहाँ महाकाली मंदिर के ऊपर मजार है
by Neelam Kulshreshtha

क्या आप उत्तरप्रदेश व कश्मीर के पहाड़ देख चुके हैं ? उन के सौंदर्य से हट कर कुछ अलग देखना चाहते हैं ? अगर आप किसी शांत, छोटी सी ...

बाक़ी सफ़ा 5 पर- रूप सिंह - सुभाष नीरव (अनुवाद)
by राजीव तनेजा

कई बार राजनीति में अपने लाभ..वर्चस्व इत्यादि को स्थापित करने के उद्देश्य से अपने पिट्ठू के रूप में आलाकमान अथवा अन्य राजनैतिक पार्टियों द्वारा ऐसे मोहरों को फिट कर ...

धूप के गुलमोहर- ऋता शेखर 'मधु'
by राजीव तनेजा

आमतौर पर अपने भावों को अभिव्यक्त करने के लिए सब एक दूसरे से बोल बतिया कर अपने मनोभावों को प्रकट करते हैं। मगर जब अपने मन की बात को ...

सपनों का शहर- जयश्री पुरवार
by राजीव तनेजा

अपने रोज़मर्रा के जीवन से जब भी कभी थकान..बेचैनी..उकताहट या फिर बोरियत उत्पन्न होने लगे तो हम सब आमतौर पर अपना मूड रिफ्रेश करने के लिए बोरिया बिस्तर संभाल.. ...

કલાની પૂજા
by Dr. Pruthvi Gohel

કલાહજી હમણાં બે દિવસ પહેલાં જ ઘરનું સફાઈકામ કરતી વખતે અચાનક જ મારા હાથમાં એક પુસ્તક આવ્યું. એ પુસ્તકનું નામ હતું સાવ એકલો દરિયો-મારી બારીએથી. અને એના લેખક હતા ...

स्त्री कोख की विवशता
by Neelam Kulshreshtha

स्त्री कोख की विवशता - नमिता सिंह जी की कहानी ‘कोख’ नीलम कुलश्रेष्ठ महाभारत की पृष्ठभूमि पर आधारित नमिता जी की 'कोख 'कहानी 'को अपने द्वारा सम्पादित पुस्तक 'धर्म ...

अनुभूति- रीटा सक्सेना
by राजीव तनेजा

जीवन की आपाधापी से दूर जब भी कभी फुरसत के चंद लम्हों..क्षणों से हम रूबरू होते हैं तो अक्सर उन पुरानी मीठी यादों में खो जाते हैं जिनका कभी ...

सपनों का शहर - सेनफ्रांसिस्को- जयश्री पुरवार
by राजीव तनेजा

अपने रोज़मर्रा के जीवन से जब भी कभी थकान..बेचैनी..उकताहट या फिर बोरियत उत्पन्न होने लगे तो हम सब आमतौर पर अपना मूड रिफ्रेश करने के लिए बोरिया बिस्तर संभाल.. ...

मणि मोहन मेहता-भेड़िया ने कहा शुभ रात्रि
by राजनारायण बोहरे

गंभीर और प्रभावी कविताएं राजनारायण बोहरेमणि मोहन मेहता का नया कविता संग्रह ‘भेड़ियों ने कहा शुभरात्रि’ अभी बोधि प्रकाशन से छप कर आया है । इसमें मणि भाई की ...

Tej@ज़िंदगी यू टर्न- तेजराज गहलोत
by राजीव तनेजा

किसी भी देश..राज्य..संस्कृति अथवा अलग अलग इलाकों में बसने वाले वहाँ के बाशिंदों का जब भी आपस में किसी ना किसी बहाने से मेल मिलाप होता है तो यकीनन ...

आर्त्तनाद : मानवता का प्रश्न
by Neelam Kulshreshtha

चर्चा के बहाने आर्त्तनाद : मानवता का प्रश्न डॉ. रेनू यादव , ग्रेटर नोएडा किसी भी कहानी का प्लॉट उठाने के लिए लेखक का अनुभव जितना नजदीक से होगा ...

स्त्री- विमर्श के मौजूदा दौर का भविष्य
by Neelam Kulshreshtha

स्त्री- विमर्श के मौजूदा दौर का भविष्य [ समीक्षाकार -श्री प्रबोध गोविल जी व डॉ प्रणव भारती  जी ] `तर्णेतर ने रे अमे मेड़े ग्याता` शीर्षक से आप ये ...

मौं ढांकेँ फरिया में-राज गोस्वामी
by राजनारायण बोहरे

मौं ढांकेँ फरिया में राज गोस्वामीबुन्देली की आधुनिक कवितासमीक्षक- राज बोहरेराज गोस्वामी बुंदेली की रस भीनी कविताओं के सृजक हैं । श्रंगार उनका विशेष प्रिय विषय है। बीच-बीच में ...

क्षण भर का स्पर्श-सुनीता डी.प्रसाद
by राजनारायण बोहरे

क्षण भर का स्पर्श -सुनीता डी. प्रसादप्रेम में डूबी अच्छी कविताओं का संग्रहसमीक्षक-राज बोहरेवर्तमान समय में जब चारों ओर नफरत औऱ दुश्मनी की आग बरस रही हो, तब प्रेम ...

तू दुर्गा है दुर्गा सी लग - सलमान फराज
by ramgopal bhavuk

‘तू दुर्गा है दुर्गा सी लग’ में भारतीयता की पड़ताल रामगोपाल भावुक विज्ञान के नये- नये प्रयोगों की तरह ही साहित्य के क्षेत्र में भी नये नये प्रयोग किये ...

जीवन के टेढ़े मेढ़े रास्ते पार करता :स्त्री सशक्तिकरण
by Neelam Kulshreshtha

समीक्षा लाइफ @ ट्विस्ट एण्ड टर्न .कॉम -जीवन के टेढ़े मेढ़े रास्ते पार करता :स्त्री सशक्तिकरण डॉ. आशा सिंह सिकरवार, अहमदाबाद  ''लाइफ़ @ ट्विस्ट एण्ड टर्न . कॉम " ...

ग़द्दार- राकेश अचल
by राजीव तनेजा

किसी भी काम को करने या ना करने के पीछे हर एक की अपनी अपनी वजहें..अपने अपने तर्क..कुतर्क हो सकते हैं। साथ ही यह भी ज़रूरी नहीं कि हमारे ...

धमनियों के देश में-भगवान स्वरूप चैतन्य
by ramgopal bhavuk

धमनियों के देश में’ परमाणु प्रकाशन ग्वालियर कर्मशील व्यक्तित्व डॉ भगवान स्वरूप चैतन्य रामगोपाल भावुक डॉ चैतन्य कृति ‘‘ धमनियों के देश में’ परमाणु प्रकाशन ग्वालियर से प्रकाशित हो ...

सूर्यपाल सिंह का साहित्य-एक धरोहर
by ramgopal bhavuk

सूर्यपाल सिंह का साहित्य-एक धरोहर रामगोपाल भावुक प्रसिद्ध समालोचक बजरंग बिहारी तिवारी के सौजन्य से अपनी रत्नावली उपन्यास का विमोचन कराने गौंडा जाने का अवसर मिला। किस्साकोताह के सम्पादक ...

शोमैन राज कपूर- रितु नंदा
by राजीव तनेजा

कहा जाता है कि किसी को हँसाना सबसे मुश्किल काम है और वही लोग सबको हँसा पाते है जो स्वयं भीतर से बहुत दुखी होते है। सबको हँसा हँसा ...

પુસ્તક પરિચય હાસ્ય તેત્રીસી
by SUNIL ANJARIA

નવું ખરીદેલું પુસ્તક 'હાસ્ય તેત્રીસી' વાંચ્યું. શીર્ષક પરથી બત્રીસી દેખાય તેમ હસાવશે તેવું લાગ્યું. બુકફેરમાં ઘૂસતાં ચોથી કે પાંચમી દુકાનમાંથી કદાચ શીર્ષક જોઈ ખરીદેલું તેનો પસ્તાવો થયો. રિવ્યુ પણ ...

लक्ष्मी शर्मा-स्वर्ग का अंतिम उतार
by राजनारायण बोहरे

स्वर्ग का अन्तिम उतार: रोचक उपन्यास लक्ष्मी शर्मासमीक्षाराजनारायण बोहरेएक जमाने में भारतीय ग्रामीण समाज के पुरुष गाय दान की हसरत करते थे, उपन्यास गोदान में प्रेमचंद ने होरी की ...

ठौर- दिव्या शुक्ला
by राजीव तनेजा

पिछले लगभग तीन- सवा तीन वर्षों में 300 किताबों के पठन पाठन के दौरान मेरा सरल अथवा कठिन..याने के हर तरह के लेखन से परिचय हुआ। जहाँ एक तरफ़ ...

वायरस मारेगा- अंकित वर्मा
by राजीव तनेजा

किसी ने भी नहीं सोचा था कोरोना महामारी के कहर से भयभीत हो..हम सब इसके मकड़जाल में इस कदर घिर जाएँगे कि हमें आपस में ही एक दूसरे से ...

कैलाश बनवासी-कविता, पेंटिंग, पेड़ कुछ नहीं
by राज बोहरे

पुस्तक समीक्षा कविता, पेंटिंग, पेड़ कुछ नहीं राजनारायण बोहरे पुस्तक -कहानी संग्रह % कविता, पेंटिंग, पेड़ कुछ नहीं लेखक- कैलाश बनवासी प्रकाशक सेतु प्रकाशन नई दिल्ली मूल्य -200 रूपये ...