मैं भारतीय रेलवे यातायात सेवा 2000 बैच का सेवनिवृत्त अधिकारी हूँ मूलतः उत्तरप्रदेश का निवासी हूँ परंतु पिछले 31 वर्षों से गुजरात में ही स्थायी निवास है अप्रैल 2016 में मैं रेल दावा अधिकरण -अहमदाबाद बेंच से अपर निबंधक (Additional Registrar) के पद से सेवानिवृत हुआ हूँ मेरी दो पुस्तकें - भाषाई हुड़दंग (2011) एवं मैख़ाने की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं (2015) प्रकाशित हो चुकीं हैं अभी भी लगभग 8 पुस्तकें प्रकाशित होने के लिए प्रायः तैयार हैं मैं अङ्ग्रेज़ी, हिन्दी, उर्दू , मराठी व गुजराती भाषाएँ बखूबी लि