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Present time....कबीर सोफे पर अकेले बैठा था। चेहरा ठंडा, आँखें गंभीर। पर हाथ… हाथ...
धड़ाम!जैसे ही वह बैंक के अंदर भागा, एक भारी आग बुझाने वाला सिलेंडर (Fire Extingui...
ભારતની સીમાઓ ઓળંગીને બની વિશ્વવ્યાપી પ્રાચીન વિજ્ઞાન અને ઇતિહાસનો અમર વારસો આજના...
डाइनिंग टेबल पर हल्की रोशनी थी… लेकिन बातचीत का माहौल धीरे-धीरे गंभीर होता जा रह...
Title: दुश्मनी के दरमियान इश्कPart 15: खामोशियों के बीच साजिशकबीर और Myra के बीच...
"उस बंद कमरे में सन्नाटा इतना भारी था कि अयान के सीने में धड़कता हुआ गुस्सा साफ...
ಮೈಸೂರಿನ ಚಾಮುಂಡಿ ಬೆಟ್ಟದ ಪಾದದ ಬಳಿ ಆದರ್ಶ್ ತನ್ನ ಬೈಕ್ ನಿಲ್ಲಿಸಿದಾಗ ಸಮಯ ಮಧ್ಯರಾತ್ರಿ ಕಳೆದ...
---किरण और मधुकर एक दूसरे के बहुत करीब आ चुके थे। वो अब इस रिश्ते में बहुत आगे ब...
ये मेरी चार साल पुरानी रचना थी। जिसे मैने तब पब्लिश नहीं किया था क्योंकि लैपटॉप...
**Waiting** Breaking a fragile heart, you ask, "How are you?" Abandoning me half...
அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....
शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग कहानी कहता था—संघर्ष, उम्मीद और अधूरे सपनों की। उसी बस्ती के एक कोने में था काव्या का घर...
वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था। हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो। शह...
*"सात फेरों का इंतज़ार, सौ सवालों की बरसात"* _ प्रेम कहानी - किरण और मधुकर_---किरण गाँव की सबसे भोली और सीधी-साधी लड़की थी। उसका स्वभाव इतना विनम्र था कि पूरा गाँव...
एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...
कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...
शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...
Rain slicked streets reflected the city lights like shattered diamonds. In a sleek black limousine, Adrian Knight sat silently, fingers tapping the polished leather armrest. His mi...
एक पाऊल दिसायचं स्वप्नात अर्ध पाण्यात अर्ध रेतीच्या किनाऱ्यात गोरी गुलाबी टाच.. अन नाजूक चंदेरी पैंजण पाण्यावर लहरत असायचं... पाण्याची लहर यायची पाऊल चढायची, अन ओसरली कि, सू...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
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