The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
मैं वो हूँ जो नहीं है ,जो नहीं है वो मैं हूँ।जो अस्तित्व के परे है वो मैं हूँ।जो...
કુંડલિની શક્તિ અને ચક્ર વિજ્ઞાન પાછળનું સનાતન રહસ્ય, ભ્રમણાઓ અને વાસ્તવિકતા : મન...
सूना-सूना घर का आँगन सूना-सूना घर का आँगन कर रही कबसे इंतजार चौबारे पर बैठी म...
माझा एक क्षण... एक जिवंत अनुभव सकाळी लवकरच उठून फ्रेश होऊन, बाहेर पाऊस म्हटला की...
------------------------------अध्याय 9: विद्यार्थी और गीता (एकाग्रता का भ्रम: रट...
“क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात...
The Weight of Wings पंखों का बोझ ...
नंदिनी की शादी कम उम्र में राघव से हुई थी। घर-परिवार अच्छा था, लेकिन रिश्ते में...
एपिसोड 32: अंधेरे की अंतिम परछाईशहर की बेचैनीशहर में शांति लौटती दिख रही थी, लेक...
"दोन्ही हात वर कर अभिमन्यू! आता तुझ्याकडे पळायला एक इंचही जागा नाही!" सायबर सेलच...
क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा लाल था। हवा भारी और बोझिल हो चुकी थी, जिसमें लोहे जैसी तीखी खून की महक और जलते हुए मांस की दुर...
कालवीतून टेंबवलीत जाणाऱ्या रस्त्यावर भिड्यांच्या घराकडून जरा पुढे गेल्यावर मळे जमीन सुरू व्हायची. तिथे सड्यावरून आलेल्या व्हाळावरची मोरी ओलांडून जरा पुढे गेलं की जवळ जवळ दीडेक फ...
रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी। चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया। वह...
धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभापृथ्वी पर पाप, भ्रष्टाचार, छल, कपट और अन्याय का ऐसा अंधकार फैल चुका था कि धर्म का संतुलन डगमगाने लगा था। मनुष्य अपनी बुद्धि और चत...
(अहंकार से आत्मबोध तक की कथा)रमेश घोष एक प्रतिष्ठित आईआईटी इंजीनियर था।तेज बुद्धि, आधुनिक सोच और तर्कशील स्वभाव—वह उन लोगों में से था जो जाति, वर्ण और परंपराओं को पुरानी और निरर्थक...
क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अपने माता-पिता को कहते हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है।उन्हें कुछ आता नहीं है।आप नहीं समझ पाओगे।आपगे जम...
खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो अग्नि की लालिमा से रंग उठा था। बेला की सुगंध हवा में घुलकर वातावरण को मधुर बना रही थी।...
श्रावणात दाजी प्रभू मिराश्यांची वरसल सुरू झाली आणि ईश्वराच्या गाभाऱ्याला कुलूप लागलं. दत्तंभट सालाबाद प्रमाणे सकाळीच पूजा साहित्य घेवून एकादष्णी करायला देवळात गेले. बळाणीवर स...
પ્રકરણ ૧: સીમમાં સંભળાયેલો કાળજું ચીરતો અવાજ** સૌરાષ્ટ્રની ખમીરવંતી ધરતી પર જાણે કુદરતે સોનાની મહોરો વેરવી હોય એવું એ રળિયામણું ગામડું. ગામની રક્ષા કરવા કુદરતે જાણે ચા...
यह किताब उन अनकहे सवालों और अधूरी बातों का संग्रह है, जिन्हें हम अक्सर अपने अंदर दबाकर जीते रहते हैं। हर कहानी हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी एक सच्चाई को सामने लाती है - रिश्तो...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser