होठ चुप रहे,आंखो ने बोल दिया,हम चुप रहे हमारा दिल आंसु बनकर बोल गया,की मेरा मुझसे रुठ,गया जो मिला उसे हम न अपनां मान सके,न उसे दिल मे जगा दे पाये

    • 390
    • 286
    • 614
    • 572
    • (11)
    • 580
    • 342
    • 683
    • 670
    • 1.8k
    • (55)
    • 1.3k