होठ चुप रहे,आंखो ने बोल दिया,हम चुप रहे हमारा दिल आंसु बनकर बोल गया,की मेरा मुझसे रुठ,गया जो मिला उसे हम न अपनां मान सके,न उसे दिल मे जगा दे पाये

    • (55)
    • 592
    • (6)
    • 119
    • (39)
    • 688
    • (11)
    • 162
    • (7)
    • 197
    • (48)
    • 0.9k
    • (7)
    • 132
    • (1)
    • 89
    • (4)
    • 74
    • (9)
    • 111