Best book reviews in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

ચાર્લી ચેપ્લિન
by Bhavin Jasani
  • 58

આજે આપણે વાત કરવા ની છે એક આવા વ્યક્તિત્વ વિશે એક એવી વ્યક્તિ વિશે જેણે દુનિયા ને પોતાની કલા થી હસાવી હસાવી ને હંફાવી નાખ્યા પણ કહેવાય ને કે ...

गूंगे नहीं हैं शब्द हमारे-संपादन- सुभाष नीरव, डॉ. नीरज सुघांशु
by राजीव तनेजा
  • 111

पुरुषसत्तात्मक समाज होने के कारण आमतौर पर हमारे देश मे स्त्रियों की बात को..उनके विचारों..उनके जज़्बातों को..कभी अहमियत नहीं दी गयी। एक तरफ पुरुष को जहाँ स्वछंद प्रवृति का ...

ચા થી લઇને વડાપ્રધાન સુધી સફર - 3
by Pandya Ravi
  • 150

મિત્રો.આજ ધણા સમય પછી ભાગને આગળ વધારુ છું.આ ભાગ 17 સપ્ટેમ્બર ના મોદી સાહેબના જન્મદિવસને સમર્પિત કરુ છું.17 મી સપ્ટેમ્બરે 70 મો જન્મદિવસ છે.70 વર્ષ દરમિયાન માં સંધ પ્રચારક ...

लोकाख्यान में जीवन की खोज: कही ईसुरी फाग
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 129

लोकाख्यान में जीवन की खोज: कही ईसुरी फाग                           इतिहास अथवा लोक प्रचलित आख्यान से किसी साहित्यिक कृति को यदि कथानक उपलब्ध हो जाने की सुविधा मिल जाती ...

લોકશાહી ને લુણો
by Bhavin Jasani
  • 114

" લોકશાહી ને લુણો "આ શબ્દ જ પોતાના માં એક ફરિયાદ નો સુર લાવે છે અને લખ્યું પણ એવા વ્યક્તિ એ કે જેને પોતાના જીવન દરમ્યાન ત્રીસ વર્ષ સુધી ...

अर्थ तंत्र तथा अन्य कहानियां - रमेश उपाध्याय
by राजनारायण बोहरे
  • 240

अर्थ तंत्र तथा अन्य कहानियां श्री रमेश उपाध्याय का कहानी संग्रहराजनारायण बोहरे श्री रमेश उपाध्याय का कहानी संग्रह “अर्थ तंत्र तथा अन्य कहानियां “ उनका ग्यारहवां कहानी संग्रह हैं ...

सूर: वात्सल्य के विविध आयाम
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 174

सूर: वात्सल्य के विविध आयाम                 भक्ति की दार्शनिकता से पुष्ट और अलौकिक अनुग्रह की प्रार्थना के रूप में निर्वदित होते हुए भी सूर की कविता का ...

કાકડો અનુ-આધુનિક વાર્તાનો નવોન્મેષ
by Surya Barot
  • 198

'કાકડો' અનુ-આધુનિક વાર્તાનો નવોન્મેષ ગુજરાતી ટૂંકીવાર્તા આજે અનુઆધુનિક યુગ માંથી પસાર થઇ રહી છે જેમાં અનેક નવી કલમો ઉમેરાતી જાય છે તેમાં સર્જક ભરત સોલંકીનો પણ સમાવેશ નિ:સંકોચ કરી ...

વસુંધરાના વ્હાલા દવલા - 1
by Jesung Desai
  • 154

વસુંધરાના વહાલાં- દવલા..................................તેજુડી વાઘરણ અને અમરચંદ શેઠના એકના એક દીકરા પરતાપ વાણિયાના આડા સંબંધોની પેદાશ હોઠકટ્ટો ઝંડુંરિયો અનાથાશ્રમમાં ખાવાનું ન મળતા પોતાના પેટની આગને ઠારવા કૂતરીને ધાવવા જતા કૂતરીએ ...

सन्त कवियों की कविता में लोक एवं लोकोत्तर दर्शन
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 159

सन्त कवियों की कविता में लोक एवं लोकोत्तर दर्शन          सन्त काव्य अथवा व्यापक भक्ति काव्य के सम्बन्ध में यह स्थापना आध्यात्मिक दर्शन के रूप में काफी समय ...

छबीला रंगबाज़ का शहर
by Amit Singh
  • 444

"छबीला_रंगबाज़_का_शहर" :              "जो है, वो नहीं है...और जो नहीं है, वही है।"*********************************छोटे शहर का एक बड़ा रंगबाज़ और हौव्वा है - छबीला सिंह। लेकिन ...

क्रांति चेतना के कवि कबीर
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 186

क्रांति चेतना के कवि कबीर          कबीर के अप्रतिम व्यक्तित्व और मूल्यप्रेरित काव्य का समग्र और सही विश्लेषण करने वाले विद्वान् हजारी प्रसाद द्विवेदी ने लिखा है कि ...

शहरीकरण के धब्बे
by Neelam Kulshreshtha
  • 453

शहरीकरण के धब्बे मैं कहानी का बहुत अच्छा पाठक नहीं हूं।कारण ये है कि हिन्दी कहाँनियों में संवेदना का समावेश बहुत ज्यादा रहता है विषय भी अक्सर वही वही ...

लिखी हुई इबारतें
by Vinay Panwar
  • 339

     मेरी नज़र से                                 ज्योत्स्ना कपिल साहित्य के क्षेत्र में एक सुपरिचित नाम ...

કેન એન્ડ એબલ - જેફ્રી આર્ચર - પુસ્તક પરિચય
by Kiran oza
  • 122

કેન એન્ડ એબેલ - જેફ્રી આર્ચરઅનુવાદ - જતિન વોરાએક જ સમયે જન્મેલી બે વ્યક્તિની દુશ્મનાવટ વર્ણવતી એક ક્લાસિક નવલકથા એટલે 'કેન એન્ડ એબલ'. 1906 થી 1967 ના સમય પટલમાં ...

जीवन में महाद्वीपीय विस्तार की कविता
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 207

जीवन में महाद्वीपीय विस्तार की कविता                                   समकालीन, वर्तमान अथवा आज जैसे काल विभाजक शब्दों से समय की एक अवधि का बोध तो होता है पर ये शब्द ...

राजनारायण बोहरे के साहित्य में सामाजिक समरसता
by padma sharma
  • 204

शोध आलेख                                    राजनारायण बोहरे के साहित्य में सामाजिक समरसता                                                                     डॉ पद्मा शर्मा   एको देवः सर्वभूतेशू गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्रात्मा प् कर्माध्यक्षः सर्वभूताधिव

राजनारायण बोहरे और कहानी की दुनिया
by padma sharma
  • 204

राजनारायण बोहरे और कहानी की दुनिया -डॉ. पद्मा शर्मा                हिन्दी कहानी के आठवें दशक में अनेक महत्वपूर्ण कहानी कार उभर के आये। यह ऐसा समय था जब कई ...

धर्मपुर लॉज- प्रज्ञा रोहिणी
by राजीव तनेजा
  • 336

किसी बीत चुकी घटना पर जब तथ्यात्मक ढंग से कुछ लिखा जाता है तो उसके प्रभावी लेखन के लिए यह बेहद ज़रूरी हो जाता है कि पहले उस पर ...

पदमा की कहानियां: महिला लेखन के नजरिए से
by padma sharma
  • 279

पदमा की कहानियां: महिला लेखन के नजरिए से राजनारायण बोहरे हिन्दी कहानी का यह सबसे अच्छा समय कहा जा सकता है जबकि किसी एक आन्दोलन के बगैर लगभग पांच ...

દીપનિર્વાણ - મનુભાઇ પંચોળી 'દર્શક' - પુસ્તક પરિચય
by Kiran oza
  • 386

"મગધનું સામ્રાજ્ય ફાલ્યું ફૂલ્યું ને એના બૃહદ ઉદરમાં આ લઘુક કોળિયાશાં ગણરાજ્યો વિલન થયાં. ગણરાજ્યોના ટમટમતા છેલ્લા દીવડાઓ કેમ નિર્વાણ પામ્યા-હોલવાયા તેની વીરતાભરી રોમાંચક કથા છે."   - ઉમાશંકર જોષી ...

’’कठघरे’’ इतिहास का प्रतिफलन और जिजीविषा का संकट
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 207

’’कठघरे’’ इतिहास का प्रतिफलन और जिजीविषा का संकट          ’’अगर आप इतिहास और भूख की सापेक्षता में आदमी की नैतिकता का विवेचन करें तो चौंकाने वाले नतीजों पर ...

बन्द दरवाज़ों का शहर - रश्मि रविजा
by राजीव तनेजा
  • 364

अंतर्जाल पर जब हिंदी में लिखना और पढ़ना संभव हुआ तो सबसे पहले लिखने की सुविधा हमें ब्लॉग के ज़रिए मिली। ब्लॉग के प्लेटफार्म पर ही मेरी और मुझ ...

घर की देहरी लाँघती स्त्री कलम- समीक्षा
by Archana Anupriya
  • 320

"घर की देहरी लांघती स्त्री कलम"           ( एक समीक्षा)                 - अर्चना अनुप्रिया              ...

આસ્વાદ પર્વ - ભાગ ૨
by શબ્દ શબ્દનો સર્જનહાર
  • 166

શીર્ષક:કેળવણીના રાષ્ટ્રીય ઋષિઓ                     'નમું તે શિક્ષકબ્રહ્મને!'પ્રસ્તાવના:-         યુરોપના બે મહાન રાષ્ટ્રો ફ્રાન્સ અને જર્મની વચ્ચે ખૂંખાર યુદ્ધ થયું ...

पुस्तक समीक्षा-राजेन्द्र लहरिया
by राज बोहरे
  • 263

पुस्तक समीक्षा-                            आलाप-विलाप: समझदारी और गहराई भरा कथ्य राजनारायण बोहरे                 आलाप-विलाप उपन्यास राजेन्द्र लहरिया का आकार में एक लघु उपन्यास है लेकिन इसके आशय बहुत ...

आस्था का ताप और अपने समय से संवाद
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 276

आस्था का ताप और अपने समय से संवाद ब्लैक आउट-वल्लभ सिद्धार्थ की कहानियाँ              ‘‘महापुरूषों की वापसी’’, ’’नित्य प्रलय’’ ‘‘व्यवस्था’’ ’’ब्लैक आउट’’ जैसी चर्चित कहानियाँ और ‘कठघरे’ जैसे ...

अभ्युदय - 1 - नरेंद्र कोहली
by राजीव तनेजा
  • 312

मिथकीय चरित्रों की जब भी कभी बात आती है तो सनातन धर्म में आस्था रखने वालों के बीच भगवान श्री राम, पहली पंक्ति में प्रमुखता से खड़े दिखाई देते ...

पुस्तक समीक्षा- आसाम की जनता का सच- लाल नदी
by राज बोहरे
  • 234

पुस्तक समीक्षा- आसाम की जनता का सच: लाल नदी समीक्षक- राजनारायण बोहरे हमारे देश का पूर्वी भाग सदा से अल्पज्ञात और उपेक्षित सा रहा है। उपेक्षित इस मायने में ...

સેપિયન્સ-માનવજાતિનો સંક્ષિપ્ત ઇતિહાસ
by Sagar Vaishnav
  • (12)
  • 312

સેપિયન્સ-માનવજાતિનો સંક્ષિપ્ત ઇતિહાસ          પુસ્તકની દુનિયા ઘણી વિશાળ છે, અને દરરોજ એમાં અસંખ્ય પ્રકારના વિવિધ વિષયો ઉપર નવા નવા પુસ્તકો ઉમેરાતાં જ રહે છે. પણ, આટલા બધા પુસ્તકોમાંથી ક્યારેક ...