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एकलव्य उपन्यास-मिथिला प्रसाद त्रिपाठी एवं डॉ. कामिनी
by ramgopal bhavuk

माननीय मिथिला प्रसाद त्रिपाठी एवं डॉ. कामिनी के आइने में एकलव्य उपन्यास         कालीदास संस्कृत अकादमी म.प्र. संस्कृति परिषद, उज्जैन दिनांक-9.4 .20.07       प्रिय ...

पुस्तक समीक्षा -17 - कुर्सी सूत्र
by Yashvant Kothari
  • 99

कुर्सी सूत्र  की समीक्षा  ‘कुर्सी-सूत्र’ श्री कोठारी की उन्नीस व्यंग्य रचनाओं का प्रथम संकलन है। इसके दो खंड हैं। प्रथम खं डमें चार व्यंग्य एकांकी और द्वितीय खं डमें ...

ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य - 2
by padma sharma
  • 105

                                     Gwalior sambhag ke kahanikaro ke lekhan me sanskrutik mulya ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य 2 डॉ. पदमा शर्मा सहायक प्राध्यापक, हिन्दी शा. श्रीमंत माधवराव ...

महाकवि भवभूति - समीक्ष्डॉ . अवधेष कुमार चन्सौलिया
by ramgopal bhavuk
  • 168

महाकवि भवभूति उपन्यास में सामाजिक षल्यक्रिया डॉ. अवधेष कुमार चन्सौलिया   संस्कृत नाट्य साहित्य में महाकवि भवभूति का महत्वपूर्ण स्थान है। संस्कृत साहित्य के उत्कृष्ट साहित्यकारों में कालिदास,भर्तहरि भवभूति, ...

बंद दरवाजे का शहर (रश्मि रविजा)
by Dr Jaya Anand
  • 264

'बंद दरवाज़ों का शहर' मेरे लिए तब खुला जब पूरी तरह से शहर के दरवाज़े बंद थे । पर जब दरवाज़े बंद होते हैं तो अध्ययन ,मनन ,चिंतन भीतर ...

पुस्तक समीक्षा जर्नी टू द सेंटर ऑफ अर्थ,
by Shobha Sharma
  • 195

पुस्तक समीक्षा उपन्यास – जर्नी टू द सेंटर ऑफ अर्थ, लेखक -जूल्स वर्न, अनुवादक- श्री आलोक कुमार जी । जूल्स बर्न ने इस उपन्यास को एक विज्ञान कथा और ...

पुस्तक समीक्षा - 16 - यशका शिकंजा
by Yashvant Kothari
  • 123

पुस्तक: यश  का शिकंजा लेखक: यश वन्त कोठारी प्रकाषक: सत्साहित्य प्रकाषन,   प्रभात प्रकाशन 205 बी. चावड़ी बाजार,दिल्ली-6 मूल्य: 30 रु. पृप्ठ 171 । यशवंत कोठारी का तीसरा व्यंग्य संकलन ...

दिल है छोटा सा- रणविजय
by राजीव तनेजा
  • 75

जहाँ एक तरफ कुछ कहानियों को पढ़ते वक्त हम उसके किरदारों से भावनात्मक तौर पर खुद को इस तरह जोड़ लेते हैं कि उसके सुख..उसकी खुशी को अपना समझ ...

ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य - 1
by padma sharma
  • 93

ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य 1डॉ. पदमा शर्मासहायक प्राध्यापक, हिन्दीशा. श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी (म0 प्र0) पुरोवाक् कहानीकार विशिष्ट प्रतिभा सम्पन्न सामाजिक प्राणी ...

भवभूति: समीक्षक दिवाकर वर्मा
by ramgopal bhavuk
  • 126

भवभूति: अनूठा औपन्यासिक प्रयास       समीक्षक दिवाकर वर्मा, पूर्व निर्देशक निराला सृजन पीठ भोपाल पुस्तक- भवभूति लेखक- रामगोपाल भावुक प्रकाशक- साक्षी प्रकाशन भोपाल समीक्षक- दिवाकर वर्मा, पृष्ठ- ...

राजनारायण बोहरे की कहानियों में सांस्कृतिक मूल्य padama sharama
by राजनारायण बोहरे
  • 93

ग्वालियर संभाग के राजनारायण बोहरे की कहानियों में सांस्कृतिक मूल्य डॉ. पदमा शर्मा सहायक प्राध्यापक, हिन्दी शा. श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी (म0 प्र0                                                           ...

पुस्तक समीक्षा - 15 - मास्टर का मकान
by Yashvant Kothari
  • 96

  0                                              0                                     0   पुस्तक: मास्टर का मकान लेखक: यशवन्त कोठारी प्रकाषक: रचना प्रकाशन, चांदपोल बाजार, जयपुर मूल्य: 125 रु. पृप्ठ 162 । मध्यवर्गीय सोच और उसकी सीमाओं ...

सीताराम साबिर : सूफियाना शायर
by राज बोहरे
  • 177

  सीताराम साबिर : सूफियाना प्रकृति के शायर                                                                   राजनारायण बोहरे साहित्य सर्जन को अपना ईमान धर्म समझने वाले शायरों में दतिया के सीता राम कटारिया साबिर का उल्लेख बड़े ...

वो क्या था- गीताश्री(संपादक)
by राजीव तनेजा
  • 201

समूचे विश्व में इस बारे में तरह तरह की भ्रांतियां...विवाद एवं विश्वास विद्यमान हैं कि ईश्वर..आत्मा या रूह नाम की कोई अच्छी बुरी शक्ति इस दुनिया में असलियत में ...

एकलव्य की कथा -प्रो.हरिशंकरआदेश and डॉ. नरोत्तम मिश्र
by ramgopal bhavuk
  • 162

प्रो.हरिशंकरआदेश, कुलपति अमेरिकन  यूनिवर्सिटी ऑफ हिन्दू नॉलिज़, अमेरिका।                                                                                                                                        कनाडा                                           

‘रत्नावली एक अनुभूतिजन्य कृति’- डॉ. अरुण दुवे
by ramgopal bhavuk
  • 234

‘रत्नावली  एक अनुभूतिजन्य कृति’                                     समीक्षक- डॉ. अरुण दुवे प्राध्यापक- हिन्दी                                    वृन्दासहाय शा. स्नातकोत्तर महाविद्यालय                                    डबरा, भवभूति नगर जिला ग्वालियर म. प्

शिगाफ़- मनीषा कुलश्रेष्ठ
by राजीव तनेजा
  • 702

स्मृतियों के धुंधलके सायों को जब कभी अपने ज़हन में मैं बिना किसी पदचाप के उमड़ते घुमड़ते देखता हूँ तो अक्सर पाता हूँ कि कश्मीर की यादें...वहाँ की हर ...

पुस्तक समीक्षा - 14
by Yashvant Kothari
  • 207

यशवंत कोठारी की पुस्तकों की समीक्षाएं    दफ्तर में लंच लेखक: यश वन्त कोठारी प्रकाषक: हिन्दी बुक सैंटर, आसफ अली रोड, दिल्ली-2 पृप्ठ: 83 मूल्य: 60 रु. । राप्टदूत ...

उपन्यास मछुआरे -तक्षि शिव शंकर पिल्लै
by राजनारायण बोहरे
  • 189

तकसी शिवशंकर पिल्लै  मलयाली साहित्य के बड़े प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं। उनके तीन सर्वोत्तम उपन्यास "तोट्टी यू डे मगन"(हिन्दी मे चुनौती शीर्षक ) रन्टी टगसी ( दो सेर धान)  और ...

समीक्षा के आइने में-रत्नावली
by ramgopal bhavuk
  • 192

             समीक्षा के आइने में-रत्नावली                                                   वेदराम प्रजापति ‘मनमस्त’                   कभी- कभी, विनोद के लहजे में कही गई अटल सत्य बात भी इतनी कड़वी हो जाती है ...

हमें हैं चंगे...बुरा ना कोय- सुरेन्द्र मोहन पाठक
by राजीव तनेजा
  • 171

टीवी...इंटरनेट और मल्टीप्लेक्स से पहले एक समय ऐसा भी था जब मनोरंजन और जानकारी के साधनों के नाम पर हमारे पास दूरदर्शन, रेडियो,अखबारें और बस किताबें होती थी। ऐसे ...

लाल पोस्ते के फूल - आ लाए चाइनीज लेखक
by राजनारायण बोहरे
  • 150

चाइनीज लेखक आ लाए का उपन्यास "लाल पोस्ते के फूल "का अनुवाद अंग्रेजी के मार्फत आनंद स्वरूप वर्मा ने किया है यानी इस उपन्यास का जो अंग्रेजी अनुवाद था ...

सुधी समीक्षकों की दृष्टि में ‘रत्नावली‘
by ramgopal bhavuk
  • 204

    सुधी समीक्षकों की दृष्टि में ‘रत्नावली‘     पुस्तक-   रत्नावली उपन्यास,  लेखक-  रामगोपाल भावुक,  प्रकाशक - पराग बुक्स नई दिल्ली  संस्करण    - 2018   पृष्ठ  -     112  मूल्य- 200 ...

ट्वेल्थ फेल - अनुराग पाठक
by राजीव तनेजा
  • 192

किसी ऐसी किताब के बारे में अगर पहले ही इतना कुछ लिखा..सुना एवं पढ़ा जा चुका हो कि उस पर लिखते वक्त सोचना पड़ जाए कि ऐसा क्या लिखा ...

हीरालाल नागर की पुस्तक - जंगल के खिलाफ
by राज बोहरे
  • 459

  हीरालाल नागर की पुस्तक कवितासंग्रह- जंगल के खिलाफ   अंनछुए क्षेत्र में पहुंचती हुई-कविताएं जंगल के खिलाफ   कवि हीरालाल नागर के कविता संग्रह जंगल के खिलाफ की ...

भवभूति’ समीक्षात्मक टिप्पणी- महेश अनघ
by ramgopal bhavuk
  • 159

  काव्य-प्रसूतिगृह का वास्तुविन्यास                                          समीक्षात्मक टिप्पणी                                                          महेश अनघ        लेखक रामगोपाल भावुक का सध्यः प्रकाशित उपन्यास ‘भवभूति’ हिन्दी उपन्यासों की क्षीण होती

सिधपुर की भगतणें - लक्ष्मी शर्मा
by राजीव तनेजा
  • 180

किसी भी क्षेत्र के समाज..वहाँ की संस्कृति...वहाँ की भाषा और रीति रिवाजों को जानने..समझने का सबसे बढ़िया तरीका है कि वहाँ के ग्रामीण अंचल की तसल्लीबख्श ढंग से खोज ...

अब फाइलें नहीं रुकती
by Yashvant Kothari
  • 342

  अब फाइलें नहीं रुकती लेखक: निशिकान्त प्रकाशक: सुनील साहित्य सदन, ए-101, उत्तरी घोण्डा, दिल्ली, पृप्ठ: 128 मूल्य: 40 रु. प्रस्तुत पुस्तक में निशिकान्त के छोटे-बड़े 34 व्यंग्य लेख ...

कालिदास के काव्य में सौन्दर्य विधान
by ramgopal bhavuk
  • 207

              कालिदास के काव्य में सौन्दर्य विधान एक शौधपूर्ण कार्य                                                                                           रामगोपाल भावुक                                                           डॉ0 ललित किशोरी शर्मा द्

अ़क्षय आश्रम’ उपन्यास - अनंग पाल सिंह भदौरिया‘अनंग
by ramgopal bhavuk
  • 162

उपन्यास  ‘अ़क्षय आश्रम’ उपन्यास कवि कथाकार अनंग पाल सिंह भदौरिया‘अनंग’ की          कृति पर एक दृष्टि। पुस्तक : अ़क्षय आश्रम’ लेखक : अनंग पाल सिंह भदौरिया‘अनंग’ पृष्ठ :132 मूल्य ...