Best book reviews in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

मिसेज फनीबोन्स - ट्विंकल खन्ना
by राजीव तनेजा
  • 70

माना जाता है कि किसी को हँसाना सबसे मुश्किल काम है। इस काम को आसान बनाने के लिए कुछ लोगों द्वारा किसी एक की खिल्ली उड़ा, उसे हँसी का ...

पुस्तक समीक्षा - 7
by Yashvant Kothari
  • 88

अब तक छप्पन लेखकः यशवन्त व्यास प्रकाशकः भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली मूल्यः 190 रु. पृप्ठः 252 युवा और प्रतिप्ठित व्यंग्यकार यशवन्त व्यास के नये पुराने छप्पन व्यंग्यों का यह ...

क्लीन चिट- योगिता यादव
by राजीव तनेजा
  • 66

आज के दौर के सशक्त कहानीकारों के बारे में जब मैं सोचता हूँ तो ज़हन में आए नामों में एक नाम योगिता यादव जी का भी होता है। यूँ ...

कही अनकही - किशोर श्रीवास्तव
by राजीव तनेजा
  • 70

जब आप किसी विश्वास के तहत किसी लेखक की किताब को पढ़ने के लिए उठाते हैं और उसमें आपकी उम्मीद के विपरीत अगर अलग तरह का पढ़ने को मिल ...

पुस्तक समीक्षा - 6
by Yashvant Kothari
  • 112

विनय कुमार सिंघल की कवितायेँ याने हंसती है मेरी कवितायेँ एक माँ की तरह                      यशवंत कोठारी हिंदी अंग्रेजी,गणित ,ज्योतिष,पत्रकारिता, वकालत आदि विषयों के ज्ञाता  विनय कुमार सिंघल जी ...

विसर्जन - वंदना वाजपेयी
by राजीव तनेजा
  • 104

कई बार किसी किताब को पढ़ते वक्त लगता है कि इस लेखक या लेखिका को हमने आज से पहले क्यों नहीं पढ़ा। ऐसा ही कुछ इस बार हुआ जब ...

पुस्तक समीक्षा - 5
by Yashvant Kothari
  • 130

सफल और सार्थक व्यंग्य                                            सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार पूरन सरमा का सोलहवां व्यंग्य संकलन घर घर की राम लीला’ आया है। वे राप्टीय स्तर  पर चर्चित व्यंग्यकार है। उन्होने ...

रौशनी के अंकुर- सविता मिश्रा
by राजीव तनेजा
  • 108

बिना किसी खर्चे के किताबों को पढ़ने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक आसान तरीका, उनकी आपस में दूसरों के साथ अदला बदली भी है। इस तरीके से आप ...

पुस्तक समीक्षा - 4
by Yashvant Kothari
  • 250

समीक्षा   हम  सब दीमक हैं                      यशवंत कोठारी   पिछले दिनों मैंने कुछ व्यंग्य उपन्यास पढ़े. तेज़ गर्मी ,लू के थपेड़ो के बीच लिखना संभव नहीं था सो ...

ગામડાંની વાતો
by AHIR K.R
  • 292

નમસ્કાર મીત્રો ?   જય હિન્દ                          જય ભારત                        ...

सीता - मिथिला की योद्धा
by राजीव तनेजा
  • 308

किसी भारतीय लेखक की किताब की अगर एक बार में ही 10 लाख प्रतियां प्रिंट में चली जाएँ और उसके बाद धड़ाधड़ वो बिक भी जाएँ तो यकीनन इसे ...

समीक्षा - ब्लडी मिडल क्लास - राकेश राय
by राजीव तनेजा
  • 182

आमतौर पर हम लोग फेसबुक या सोशल मीडिया पर समान रुचि वाले लोगों को ही अपना मित्र बनाते हैं। इसी कड़ी में मेरी मित्रता राकेश राय जी से हुई। ...

सोचना तो पड़ेगा ही...
by Piyush Goel
  • 202

1.पीयूष जी आप अपने बारे में बतायें.                                          जी मेरा ...

पुस्तक समीक्षा - 3
by Yashvant Kothari
  • 268

समीक्षा पुस्तक :पंच काका के जेबी बच्चे /डा.नीरज दईया /व्यंग्य संग्रह /२०१७ /मूल्य २००रुप्ये,प्रष्ठ ९६ /सूर्य प्रकाशन मंदिर,बीकानेर पुस्तक;आप तो बस आप ही है /बुलाकी शर्मा /व्यंग्य संग्रह २०१७ ...

ઝગડો, ચા અને કોફી - conversation
by Umesh Charan
  • 598

હેય પાગલ...બસ આજ એક શબ્દ સાથે અમારી કાલ રાત્રે વાત શરૂ થઈ. પેલી:- હેય પાગલ,હું :- આરે વાહ, આજ ઘણા સમય પછી તારો મેસેજ, વાત શું છે?પેલી :- અલા હવે ...

सुबह ऐसे आती है - अंजू शर्मा
by राजीव तनेजा
  • 196

किसी कवियत्री को कहानीकार के रूप में सफलतापूर्वक परिवर्तित हो किस्सागोई करते  देखना अपने आप में एक अलग एवं सुखद अनुभव से आपको रूबरू करवाता है। वर्तमान साहित्य जगत ...

व्योमवार्ता - आत्मकथा मे समाहित डॉ० वशिष्ठ सिंह के कर्मयोग की भगवद्गीता
by व्योमेश
  • 70

व्योमवार्ता /आत्मकथा मे समाहित श्रीमद्भागवत गीता, डॉ0 वशिष्ठ सिंह की आत्मकथा : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 20 फरवरी 2017, सोमवार                    ...

पुस्तक समीक्षा - 2
by Yashvant Kothari
  • 324

      समीक्षा फिक्शन (रचनात्मक लेखन) में समय लगता है -अरुंधती                                        यशवंत कोठारी अरुंधती रॉय  का दूसरा उपन्यास –मिनिस्ट्री ऑफ़अत्मोस्ट हैप्पीनेस(चरम प्रसन्नता का मंत्रालय ) आया है.इस ...

व्योमवार्ता - काशी टेल, बनारस के छात्र जीवन की आईना ओम प्रकाश राय यायावर की किताब
by व्योमेश
  • 318

पिछले सप्ताह अपने मुखपुस्तिका (फेसबुक) के मित्र ओम प्रकाश राय यायावर का उपन्यास काशी टेल पढ़ा। इस किताब को पढ़ने की काफी दिनों से ईच्छा रहने के बावजूद किन्ही ...

गली हसनपुरा
by राजीव तनेजा
  • 160

यूँ तो रजनी मोरवाल जी का साहित्य के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है और  मेरा भी उनसे परिचय फेसबुक के ज़रिए काफी समय से है लेकिन अब से ...

पुस्तक समीक्षा - 1
by Yashvant Kothari
  • 358

पागल खाना पर  पाठकीय प्रतिक्रिया  याने समय का एक नपुंसक विद्रोह                         यशवंत कोठारी राजकमल ने ज्ञान चतुर्वेदी का पागलखाना छापा है.२७१   पन्नों का  ५९५रु. का उपन्यास ओन  लाइन ...

वाया मीडिया
by Neelima sharma Nivia
  • 649

वाया मीडिया (उपन्यास ) गीताश्री लिखते रहे जुनूँ की हिकायात-ए-ख़ूँ-चकाँ हर-चंद इस में हाथ हमारे क़लम हुए ( मिर्ज़ा ग़ालिब ) *** आप हम सब अख़बार रेडियो टीवी के ...

व्योमवार्ता - डॉ० राजीव मिश्रा की किताब विषैला वामपंथ
by व्योमेश
  • 1.2k

व्योमवार्ता /विषैला वामपंथ, जिसे बहुत पहले प्रकाशित हो कर पढ़ना चाहिये था : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 27जनवरी 2020                    मुखपुस्तिका(फेसबुक) ...

मन्नत टेलर्स
by राजीव तनेजा
  • 426

किसी कहानी में अगर आपको बढ़िया कथानक, रोचक संवाद, धाराप्रवाह लेखनशैली, अपने आसपास के दिखते माहौल में रचे बसे विषय तथा खुद में रमे हरफनमौला टाइप के किरदार मिल ...

व्योमवार्ता - हम कहते है सत्य व्यास का अंदाजे बयॉ और
by व्योमेश
  • 366

व्योमवार्ता/है और भी दुनिया मे नावेलनिगार बड़े अच्छे, हम कहते सत्य व्यास का अंदाजे बयॉ और : व्योमेश चित्रवंश की डायरी,21 जनवरी 2020          कल रात ...

समीक्षा- मृगतृष्णा (कहानी संकलन)
by राजीव तनेजा
  • 301

जब नियति, परिस्थिति या फिर समाज अथवा परिवार द्वारा तय किए गए पति पत्नी के रिश्तों में किसी ना किसी कारणवश परेशानियां, दिक्कतें या दुश्वारियां पैदा हो अपना सर ...

लुकाछिपी- समीक्षा
by राजीव तनेजा
  • 162

आमतौर पर हम अपने दैनिक जीवन में हर तरह के किरदारों से रूबरू होते हैं। उनमें बच्चे, बूढ़े, प्रौढ़...युवा..हर तरह के लोग शामिल होते हैं और हर किरदार अपनी ...

समीक्षा - रागदरबारी - श्रीलाल शुक्ल
by राजीव तनेजा
  • 213

मेरे अब तक के जीवन का सबसे कठिन उपन्यास श्रीलाल शुक्ल जी द्वारा लिखित "रागदरबारी" रहा है जो कि व्यंग्यात्मक शैली में लिखा गया है। कठिन इसलिए नहीं कि ...

व्योमवार्ता - इमरजेंसी की इनसाइड स्टोरी
by व्योमेश
  • 204

व्योमवार्ता/ ईमरजेंसी की इनसाईड स्टोरी : व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 17 जनवरी 2020जब देश मे इमरजेंसी लगी थी तो हम चार पॉच साल के उमर के रहे होगें। ईमरजेंसी ...

समीक्षा - फैलसूफ़ियां (राजीव तनेजा का व्यंग्य कहानी संग्रह)
by Anju Sharma
  • 278

भूमिका मैं राजीव तनेजा जी को मैं कई वर्षों से जानती हूँ।  उनसे पहला परिचय फेसबुक पर ही हुआ।  वे अक्सर लोगों के स्टेट्स से एक पंक्ति उठाकर टू लाइनर ...