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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Book Reviews in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and culture...Read More


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जीवन के बर्णमाला By Kalpana Sahoo

वैसे तो देखी गयी है कि किताब में लिखी हुई बर्णमाला के साथ जिवन का हर भाव जुड़ी हुई होती है । तो इस दौरान हम आपको अपनी जीन्दगी के हर सुख-दुख पलों को याद दिलान...

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स्वतन्त्र सक्सेना के विचार - 3 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

समीक्षा उपन्‍यास एक और दमयन्ती लेखक श्री राम गोपाल भावुक समीक्षक स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना श्री राम गोपाल जी भावुक का यह आठव...

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શ્રી કૃષ્ણ વિષ્ટિકાર By DIPAK CHITNIS. DMC

શ્રી કૃષ્ણ વિષ્ટિકાર DIPAK CHITNIS(dchitnis3@gmail.com) શ્રીકૃષ્ણ વિષ્ટિકાર બનીને હસ્તિનાપુર ગયા હતા. હસ્તિનાપુર જવાનો તેમનો મુખ્ય કારણ તે શાંતિના દૂત બનીને ગયા હતા. શાંતિના દ...

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ढाक के तीन पात- मलय जैन By राजीव तनेजा

उपन्यास या कहानियों के संदर्भ में अगर हम बात करें तो आमतौर पर कहीं इनमें सामाजिक चेतना डंके की चोट पर सरेआम अपना परचम लहराती दिखाई देती है तो कहीं इनमें प्रेम एवं दुख का कॉकटेलिए म...

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दर्पण छवि पर कुछ रोचक तथ्य. By Piyush Goel

दर्पण छवि पर कुछ रोचक तथ्य. पीयूष गोयल दर्पण छवि के लेखक पीयूष गोयल 16 पुस्तकें दर्पण छवि में लिख चुके हैं,सबसे पहली पुस्तक( ग्रन्थ) "श्री भगवद्गीता"...

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मन अदहन- मधु चतुर्वेदी By राजीव तनेजा

अगर किसी कहानी या उपन्यास को पढ़ते वक्त आपको ऐसा लगने लगे कि..ऐसा तो सच में आपके साथ या आपके किसी जानने वाले के साथ हो चुका है। तो कुदरती तौर पर आप उस कहानी से एक जुड़ाव..एक लगाव.....

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समीक्षा इब्नबतूती By राज बोहरे

समीक्षा इब्नबतूतीइब्ने बतूती उपन्यास दिव्य प्रकाश दुबे का उपन्यास है जो हिंद युग्म ने प्रकाशित किया है। यह उपन्यास लेखक के बहुबिक्रीत उपन्यासों में से एक बताया गया है। दिव्य प्रकाश...

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बनारस टॉकीज-सत्य व्यास By राज बोहरे

बनारस टॉकीज उपन्यास सत्य व्यास का उपन्यास है, जिसके मुख पृष्ठ पर लखप्रति लेखक ; यानी ऐसा लेखक जिसकी कई क़िताबों की एक लाख प्रतियां बिक चुकी हों, और इस पुस्तक पर फिल्म निर्माणाधीन हो...

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नैना- संजीव पालीवाल By राजीव तनेजा

अगर बस चले तो अमूमन हर इनसान अपराध से जितना दूर हो सके, उतना दूर रहना चाहता है बेशक इसके पीछे की वजह को सज़ा का डर कह लें अथवा ग़लत सही की पहचान भरा हमारा विवेक। जो अपनी तरफ से हमें...

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રાધાવતાર.... - 23 અને 24 - છેલ્લો ભાગ By Khyati Thanki નિશબ્દા

શ્રી રાધાવતાર....લેખક: શ્રી ભોગીભાઈ શાહપ્રકરણ 23. શ્રીકૃષ્ણનો દેહોત્સર્ગ..... અંતિમ બિંદુ પર પહોંચેલી શ્રીકૃષ્ણની અવતાર લીલા અને સાથે સાથે અંતિમ પ્રકરણ તરફ પ્રયાણ પ...

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डिसीजन- फ़ैयाज़ हुसैन By राजीव तनेजा

हर बात को सोचने ..समझने का नज़रिया सबका अपना अपना एवं अलग अलग होता है। ये ज़रूरी नहीं कि आप किसी की बात से या कोई आपकी बात से इतेफाक रखता हो। खास तौर पर जब आप अपने मन में किसी बात को...

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ભારેલો અગ્નિ - 3 - છેલ્લો ભાગ By Rohiniba Raahi

આગળ આપણે ખંડ - 2 સુધી જોયું. હવે આગળ...ખંડ-૩ 'સિંહનું ભૂમિશયન' પણ અન્ય ખંડ ની જેમ નાના નાના કુલ આઠ પ્રકરણમાં વિભાજીત થયેલો છે. જેમાં પ્રથમ શહીદ મંગળના મૃત્યુ પછી અપક્વ બળવા...

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अपनी सी रंग दीन्ही रे- सपना सिंह By राजीव तनेजा

देशज भाषा..स्थानीयता और गांव कस्बे के हमारे आसपास दिखते चरित्रों से सुसज्जित स्त्रीविमर्श की कहानियों की अगर बात हो तो इस क्षेत्र में सपना सिंह एक उल्लेखनीय दखल रखती हैं। कई प्रतिष...

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स्वयँ प्रकाश-ईंधन By राज बोहरे

पुस्तक समीक्षा उपन्यास। ईंधन स्वयँ प्रकाश जिनका अपने संचालन में कोई हाथ ना हो जन्म जन्म रहे जाएं अकेले कोई साथ ना हो मुकुट बिहारी सरोज आज की हिंदी कथा साहित्य के सर्वश्रेष्ठ और बेह...

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સમીક્ષા લેખો By શબીના ઈદ્રીશ અ.ગની પટેલ

૧.સમય સમય હિ બલવાન"સમય..." સમય એ એક એવી અનંત શક્તિ છે કે એના સામે ભલભલાને જૂકવું પડે છે... સમય કોઈની રાહ જોતો નથી... સમયની આગળ ગમે એવી શક્તિ ધરાવતો વ્યક્તિ હારી જતો હોય છે... ક્યાર...

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जो लरे दीन के हेत- सुरेंद्र मोहन पाठक By राजीव तनेजा

अगर आप थिर्लर/रोमांचक उपन्यासों को हिंदी में कभी भी पढ़ा है तो यकीनन आप सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के नाम से बिल्कुल भी अपरिचित नहीं होंगे। अब तक वे 300 रोमांचक/थ्रिलर उपन्यास लिख लुगदी...

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कोई खुशबू उदास करती है-नीलिमा शर्मा By राजीव तनेजा

आमतौर पर मानवीय स्वभाव एवं सम्बन्धों को ले कर बुनी गयी अधिकतर कहानियों को हम कहीं ना कहीं..किसी ना किसी मोड़ पर..खुद से किसी ना किसी बहाने कनैक्ट कर लेते हैं। कभी इस जुड़ाव का श्रेय...

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मेघना- कुसुम गोस्वामी By राजीव तनेजा

मीडिया और मनोरंजन के तमाम जनसुलभ साधनों की सहज उपलब्धता से पहले एक समय ऐसा था जब हमारे यहाँ लुगदी साहित्य की तूती बोलती थी। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मोहल्ले की पत्र पत्रिकाओं क...

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સરદાર વલ્લભભાઈ પટેલ By DIPAK CHITNIS. DMC

(આદરણીય સરદાર વલ્લભભાઈ પટેલ બાબતનો લેખ થોડા દિવસોના અંતે અમદાવાદ તેમજ રાજ્યના મોટાભાગના શહેરોમાં બીજેપી ના હોદ્દેદારો જે હોદ્દો ગ્રહણ કરનાર છે, તેમના માટે અપઁણ. મેં ૧૯૨૪ થા ૧૯૨૮ નુ...

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डॉमनिक की वापसी - विवेक मिश्र By राजीव तनेजा

आमतौर पर किताबों के बारे में लिखते हुए मुझे कुछ ज़्यादा या खास सोचना..समझना नहीं पड़ता। बस किताब को थोड़ा सा ध्यान से पढ़ने के बाद उसके मूल तत्व को ज़हन में रखते हुए, उसकी खासियतों एवं...

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राजनटनी- गीताश्री By राजीव तनेजा

बचपन से ही आमतौर पर ऐसे किस्से या कहानियाँ हमारे आकर्षण, उत्सुकता एवं जिज्ञासा का सदा से ही केंद्र बनते रहे हैं जिनमें किसी राजा की अद्वितीय प्रेम कहानी अथवा शौर्य गाथा का विशुद्ध...

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શહિદ ક્રાંતિકારી રામપ્રસાદ બિસ્મિલ By DIPAK CHITNIS. DMC

શહિદ ક્રાંતિકારી રામપ્રસાદ બિસ્મિલ ………………………………………………………… DIPAKCHITNIS (dchitnis3@gmail.com) બ્રિટીશ સલ્તનતની ઉંધ ઉડાડી દેનાર ભારતનો સપુત "સરફરોશી કી તમન્ના અબ હમારે દિલ મેં હૈ, દે...

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મૃત્યુંજય By Sonal

|| મૃત્યુંજય || મૃત જીવાત્માનો અજય રાગ. સતયુગ અને એકવીસમી સદીની સાથે ચાલતી રોચક અને રહસ્યોથી ભરપૂર નવલકથા એટલે માહ-અસુર શ્રેણી નો ભાગ 1 મૃત્યુંજય. સોમનાથ અને અરબપ્રદેશના દુબઈ ક...

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जुहू चौपाटी- साधना जैन By राजीव तनेजा

मायानगरी बॉलीवुड और उससे जुड़ी कहानियाँ सदा से ही हमारे चेतन/अवचेतन में आकर्षण का केंद्र रही हैं। फिल्मी सितारों का लक्ज़रियस जीवन, लैविश रहनसहन, लंबी चौड़ी गाड़ियाँ, उनकी मस्ती, नोक झ...

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एकलव्य - पुस्तक समीक्षा By Kumar Ajit

पुस्तक का नाम: एकलव्य लेखक: रामगोपाल भावुक ASIN B077BYR6Y3 कुल पृष्ठ: 88 भाषा: हिंदी श्रेणी: उपन्यास समीक्षक: कुमार अजित लेखक के बारे में: रामगोपाल भावुक ग्वालियर के भवभू...

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लाइफ आजकल- आलोक कुमार By राजीव तनेजा

कहते हैं कि किसी भी चीज़ के होने ना होने का पहले से तय एक मुक़र्रर वक्त होता है। किताबों के संदर्भ में भी यही बात लागू होती है। कुछ किताबों को पढ़ने की इच्छा से आप मँगवा तो लेते हैं म...

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हिंदी कथा साहित्य में पाश्चात्य प्रभाव By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कथा साहित्य में पाश्चात्य प्रभावभारतीय समाज पश्चिम के संपर्क में यूं तो पहले ही आ गया था पर उसकी जीवन शैली, उसकी विचारधारा, उसकी कला और उसके साहित्य पर पश्चिमी प्रभाव वर्तमान स्थित...

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काली धूप- सुभाष नीरव (अनुवाद) By राजीव तनेजा

जब किसी दुख भरी कहानी को पढ़ कर आप उस दुःख.. उस दर्द..उस वेदना को स्वयं महसूस करने लगें। पढ़ते वक्त चल रहे हालातों को ना बदल पाने की अपनी बेबसी पर कुंठित हो..कभी आप तिलमिला उठें छटप...

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बापू मेरी नज़र में By DIPAK CHITNIS. DMC

बापू मेरी नजर में (जवाहरलाल नेहरू) ……………………………………………………………………DIPAK CHITNIS(dchitnis3@gmail.com)-------------------------------------------------------------------------------------...

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ગુજરાતના શિલ્પી બાબુભાઈ By DIPAK CHITNIS. DMC

ગુજરાતના શીલ્પી બાબુભાઇ •.¸♡ Dipak Chitnis ♡¸.• (dchitnis3@gmail.com) આજનું ગુજરાત રાજ્ય બૃહદ મુંબઈ રાજ્યમાંથી તારીખ ૧લી, મે ૧૯૬૦ ના રોજ ભાષાની દૃષ્ટિએ અલગ થયેલ ગુજરાત રાજ્ય છે....

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साँझी छत- छाया सिंह By राजीव तनेजा

आमतौर पर किसी का शुरुआती लेखन अगर पढ़ने को मिले तो उसमें से उसकी अनगढ़ता या सोंधी महक लिए कच्चापन स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। मगर सुखद आश्चर्य के रूप में कई बार किसी का शुरुआती...

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यह सड़क मेरे गांव को नही जाती By डॉ0 व्योमेश चित्रवंश, एडवोकेट

यह सड़क मेरे गांव को नही जाती : बदलते ग्रामीण परिवेश पर व्योमेश चित्रवंश की एक बेहतरीन किताब एक लंबे अंतराल के बाद एक किताब पढ़ने को मिली जिसने गांव की यात्रा करवाई,जिसका...

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ठरकी- मुकेश गाते By राजीव तनेजा

ज़्यादातर कहानियों के प्लॉट..किस्से या किरदार हमारे ही आसपास के माहौल में..हमारे ही इर्दगिर्द जाने कब से बिखरे पड़े होते हैं मगर हमें उनका पता तक नहीं चलता। उन्हें तब तक अहमियत नहीं...

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3020 ई.- राकेश शंकर भारती By राजीव तनेजा

खगोल विज्ञान शुरू से ही हमारी उत्सुकता, जिज्ञासा, दिलचस्पी एवं उत्कंठा का विषय रहा है। बचपन में खुले आसमान में चाँद तारों को देख उन दिनों हम कई तरह की कल्पनाओं में खो जाया करते थे।...

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સ્વાદેંદ્રિય By DIPAK CHITNIS. DMC

દિપક ચિટણી (dchitnis3@gmail.com)----------------------------------------------------------------------------------------------------મનુષ્યની બધી ઈન્દ્રિયોમાં જીવનનું મહત્વ વિશેષ છે...

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राजनारायण बोहरे - आलोचना की अदालत By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

राजनारायण बोहरे की कहानियां यानी हमारी आत्म कथाएं केबीएल पांडे विगत दशकों में कहानी ने जितने रूप गढे हैं वे रचना शीलता का आह्लाद उत्पन्न करते हैं पर इसके साथ ही पाठ की प्रतिक्रिया...

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जीवन के बर्णमाला By Kalpana Sahoo

वैसे तो देखी गयी है कि किताब में लिखी हुई बर्णमाला के साथ जिवन का हर भाव जुड़ी हुई होती है । तो इस दौरान हम आपको अपनी जीन्दगी के हर सुख-दुख पलों को याद दिलान...

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स्वतन्त्र सक्सेना के विचार - 3 By बेदराम प्रजापति "मनमस्त"

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શ્રી કૃષ્ણ વિષ્ટિકાર By DIPAK CHITNIS. DMC

શ્રી કૃષ્ણ વિષ્ટિકાર DIPAK CHITNIS(dchitnis3@gmail.com) શ્રીકૃષ્ણ વિષ્ટિકાર બનીને હસ્તિનાપુર ગયા હતા. હસ્તિનાપુર જવાનો તેમનો મુખ્ય કારણ તે શાંતિના દૂત બનીને ગયા હતા. શાંતિના દ...

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ढाक के तीन पात- मलय जैन By राजीव तनेजा

उपन्यास या कहानियों के संदर्भ में अगर हम बात करें तो आमतौर पर कहीं इनमें सामाजिक चेतना डंके की चोट पर सरेआम अपना परचम लहराती दिखाई देती है तो कहीं इनमें प्रेम एवं दुख का कॉकटेलिए म...

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दर्पण छवि पर कुछ रोचक तथ्य. By Piyush Goel

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मन अदहन- मधु चतुर्वेदी By राजीव तनेजा

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समीक्षा इब्नबतूती By राज बोहरे

समीक्षा इब्नबतूतीइब्ने बतूती उपन्यास दिव्य प्रकाश दुबे का उपन्यास है जो हिंद युग्म ने प्रकाशित किया है। यह उपन्यास लेखक के बहुबिक्रीत उपन्यासों में से एक बताया गया है। दिव्य प्रकाश...

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बनारस टॉकीज-सत्य व्यास By राज बोहरे

बनारस टॉकीज उपन्यास सत्य व्यास का उपन्यास है, जिसके मुख पृष्ठ पर लखप्रति लेखक ; यानी ऐसा लेखक जिसकी कई क़िताबों की एक लाख प्रतियां बिक चुकी हों, और इस पुस्तक पर फिल्म निर्माणाधीन हो...

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नैना- संजीव पालीवाल By राजीव तनेजा

अगर बस चले तो अमूमन हर इनसान अपराध से जितना दूर हो सके, उतना दूर रहना चाहता है बेशक इसके पीछे की वजह को सज़ा का डर कह लें अथवा ग़लत सही की पहचान भरा हमारा विवेक। जो अपनी तरफ से हमें...

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રાધાવતાર.... - 23 અને 24 - છેલ્લો ભાગ By Khyati Thanki નિશબ્દા

શ્રી રાધાવતાર....લેખક: શ્રી ભોગીભાઈ શાહપ્રકરણ 23. શ્રીકૃષ્ણનો દેહોત્સર્ગ..... અંતિમ બિંદુ પર પહોંચેલી શ્રીકૃષ્ણની અવતાર લીલા અને સાથે સાથે અંતિમ પ્રકરણ તરફ પ્રયાણ પ...

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हर बात को सोचने ..समझने का नज़रिया सबका अपना अपना एवं अलग अलग होता है। ये ज़रूरी नहीं कि आप किसी की बात से या कोई आपकी बात से इतेफाक रखता हो। खास तौर पर जब आप अपने मन में किसी बात को...

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ભારેલો અગ્નિ - 3 - છેલ્લો ભાગ By Rohiniba Raahi

આગળ આપણે ખંડ - 2 સુધી જોયું. હવે આગળ...ખંડ-૩ 'સિંહનું ભૂમિશયન' પણ અન્ય ખંડ ની જેમ નાના નાના કુલ આઠ પ્રકરણમાં વિભાજીત થયેલો છે. જેમાં પ્રથમ શહીદ મંગળના મૃત્યુ પછી અપક્વ બળવા...

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अपनी सी रंग दीन्ही रे- सपना सिंह By राजीव तनेजा

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स्वयँ प्रकाश-ईंधन By राज बोहरे

पुस्तक समीक्षा उपन्यास। ईंधन स्वयँ प्रकाश जिनका अपने संचालन में कोई हाथ ना हो जन्म जन्म रहे जाएं अकेले कोई साथ ना हो मुकुट बिहारी सरोज आज की हिंदी कथा साहित्य के सर्वश्रेष्ठ और बेह...

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સમીક્ષા લેખો By શબીના ઈદ્રીશ અ.ગની પટેલ

૧.સમય સમય હિ બલવાન"સમય..." સમય એ એક એવી અનંત શક્તિ છે કે એના સામે ભલભલાને જૂકવું પડે છે... સમય કોઈની રાહ જોતો નથી... સમયની આગળ ગમે એવી શક્તિ ધરાવતો વ્યક્તિ હારી જતો હોય છે... ક્યાર...

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जो लरे दीन के हेत- सुरेंद्र मोहन पाठक By राजीव तनेजा

अगर आप थिर्लर/रोमांचक उपन्यासों को हिंदी में कभी भी पढ़ा है तो यकीनन आप सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के नाम से बिल्कुल भी अपरिचित नहीं होंगे। अब तक वे 300 रोमांचक/थ्रिलर उपन्यास लिख लुगदी...

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आमतौर पर मानवीय स्वभाव एवं सम्बन्धों को ले कर बुनी गयी अधिकतर कहानियों को हम कहीं ना कहीं..किसी ना किसी मोड़ पर..खुद से किसी ना किसी बहाने कनैक्ट कर लेते हैं। कभी इस जुड़ाव का श्रेय...

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मेघना- कुसुम गोस्वामी By राजीव तनेजा

मीडिया और मनोरंजन के तमाम जनसुलभ साधनों की सहज उपलब्धता से पहले एक समय ऐसा था जब हमारे यहाँ लुगदी साहित्य की तूती बोलती थी। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मोहल्ले की पत्र पत्रिकाओं क...

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સરદાર વલ્લભભાઈ પટેલ By DIPAK CHITNIS. DMC

(આદરણીય સરદાર વલ્લભભાઈ પટેલ બાબતનો લેખ થોડા દિવસોના અંતે અમદાવાદ તેમજ રાજ્યના મોટાભાગના શહેરોમાં બીજેપી ના હોદ્દેદારો જે હોદ્દો ગ્રહણ કરનાર છે, તેમના માટે અપઁણ. મેં ૧૯૨૪ થા ૧૯૨૮ નુ...

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राजनटनी- गीताश्री By राजीव तनेजा

बचपन से ही आमतौर पर ऐसे किस्से या कहानियाँ हमारे आकर्षण, उत्सुकता एवं जिज्ञासा का सदा से ही केंद्र बनते रहे हैं जिनमें किसी राजा की अद्वितीय प्रेम कहानी अथवा शौर्य गाथा का विशुद्ध...

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શહિદ ક્રાંતિકારી રામપ્રસાદ બિસ્મિલ By DIPAK CHITNIS. DMC

શહિદ ક્રાંતિકારી રામપ્રસાદ બિસ્મિલ ………………………………………………………… DIPAKCHITNIS (dchitnis3@gmail.com) બ્રિટીશ સલ્તનતની ઉંધ ઉડાડી દેનાર ભારતનો સપુત "સરફરોશી કી તમન્ના અબ હમારે દિલ મેં હૈ, દે...

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મૃત્યુંજય By Sonal

|| મૃત્યુંજય || મૃત જીવાત્માનો અજય રાગ. સતયુગ અને એકવીસમી સદીની સાથે ચાલતી રોચક અને રહસ્યોથી ભરપૂર નવલકથા એટલે માહ-અસુર શ્રેણી નો ભાગ 1 મૃત્યુંજય. સોમનાથ અને અરબપ્રદેશના દુબઈ ક...

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जुहू चौपाटी- साधना जैन By राजीव तनेजा

मायानगरी बॉलीवुड और उससे जुड़ी कहानियाँ सदा से ही हमारे चेतन/अवचेतन में आकर्षण का केंद्र रही हैं। फिल्मी सितारों का लक्ज़रियस जीवन, लैविश रहनसहन, लंबी चौड़ी गाड़ियाँ, उनकी मस्ती, नोक झ...

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एकलव्य - पुस्तक समीक्षा By Kumar Ajit

पुस्तक का नाम: एकलव्य लेखक: रामगोपाल भावुक ASIN B077BYR6Y3 कुल पृष्ठ: 88 भाषा: हिंदी श्रेणी: उपन्यास समीक्षक: कुमार अजित लेखक के बारे में: रामगोपाल भावुक ग्वालियर के भवभू...

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लाइफ आजकल- आलोक कुमार By राजीव तनेजा

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हिंदी कथा साहित्य में पाश्चात्य प्रभाव By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

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काली धूप- सुभाष नीरव (अनुवाद) By राजीव तनेजा

जब किसी दुख भरी कहानी को पढ़ कर आप उस दुःख.. उस दर्द..उस वेदना को स्वयं महसूस करने लगें। पढ़ते वक्त चल रहे हालातों को ना बदल पाने की अपनी बेबसी पर कुंठित हो..कभी आप तिलमिला उठें छटप...

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बापू मेरी नज़र में By DIPAK CHITNIS. DMC

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ગુજરાતના શિલ્પી બાબુભાઈ By DIPAK CHITNIS. DMC

ગુજરાતના શીલ્પી બાબુભાઇ •.¸♡ Dipak Chitnis ♡¸.• (dchitnis3@gmail.com) આજનું ગુજરાત રાજ્ય બૃહદ મુંબઈ રાજ્યમાંથી તારીખ ૧લી, મે ૧૯૬૦ ના રોજ ભાષાની દૃષ્ટિએ અલગ થયેલ ગુજરાત રાજ્ય છે....

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साँझी छत- छाया सिंह By राजीव तनेजा

आमतौर पर किसी का शुरुआती लेखन अगर पढ़ने को मिले तो उसमें से उसकी अनगढ़ता या सोंधी महक लिए कच्चापन स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। मगर सुखद आश्चर्य के रूप में कई बार किसी का शुरुआती...

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यह सड़क मेरे गांव को नही जाती By डॉ0 व्योमेश चित्रवंश, एडवोकेट

यह सड़क मेरे गांव को नही जाती : बदलते ग्रामीण परिवेश पर व्योमेश चित्रवंश की एक बेहतरीन किताब एक लंबे अंतराल के बाद एक किताब पढ़ने को मिली जिसने गांव की यात्रा करवाई,जिसका...

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ठरकी- मुकेश गाते By राजीव तनेजा

ज़्यादातर कहानियों के प्लॉट..किस्से या किरदार हमारे ही आसपास के माहौल में..हमारे ही इर्दगिर्द जाने कब से बिखरे पड़े होते हैं मगर हमें उनका पता तक नहीं चलता। उन्हें तब तक अहमियत नहीं...

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3020 ई.- राकेश शंकर भारती By राजीव तनेजा

खगोल विज्ञान शुरू से ही हमारी उत्सुकता, जिज्ञासा, दिलचस्पी एवं उत्कंठा का विषय रहा है। बचपन में खुले आसमान में चाँद तारों को देख उन दिनों हम कई तरह की कल्पनाओं में खो जाया करते थे।...

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સ્વાદેંદ્રિય By DIPAK CHITNIS. DMC

દિપક ચિટણી (dchitnis3@gmail.com)----------------------------------------------------------------------------------------------------મનુષ્યની બધી ઈન્દ્રિયોમાં જીવનનું મહત્વ વિશેષ છે...

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राजनारायण बोहरे - आलोचना की अदालत By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

राजनारायण बोहरे की कहानियां यानी हमारी आत्म कथाएं केबीएल पांडे विगत दशकों में कहानी ने जितने रूप गढे हैं वे रचना शीलता का आह्लाद उत्पन्न करते हैं पर इसके साथ ही पाठ की प्रतिक्रिया...

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