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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • रेत होते रिश्ते - भाग 2

    मैं सकपकाया। लेकिन तुरन्त ही संभलते हुए मैंने कहा— ‘‘वह मुझे निश्चित जगह पर मिले...

  • શંખનાદ - 15

    કેન્દ્રીય ગૃહ પ્રધાન Shri સતીશ શાહ સાહેબે સીબીઆઈ ઓફિસર વિક્રમ સાન્યાલ ની ધરપક્ડ...

  • रंजना

    रंजना - एक सच्ची घटना पर आधारित एक अधूरे प्यार की कहानी है, जिसको मैने दिनाँक 26...

रेत होते रिश्ते - भाग 2 By Prabodh Kumar Govil

मैं सकपकाया। लेकिन तुरन्त ही संभलते हुए मैंने कहा— ‘‘वह मुझे निश्चित जगह पर मिलेगा सुबह।’’ ‘‘आपको इस समय नहीं पता कि वह कहाँ है?’’ ‘‘बिलकुल नहीं।’’ ‘‘उसका फोन नम्बर भी नहीं है आपके...

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अनीश (माँ का प्यार) By DINESH KUMAR KEER

1. अनीश और माँ का प्यारएक दिन की बात है । अनीश अपने दोस्तों के साथ रविवार की शाम मेला देखने पास के गाँव ये कह कर माँ से गया कि - "माँ ! मैं बस थोड़ी देर में ही आ जाऊँगा । पास के मै...

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કાંતા ધ ક્લીનર - 24 By SUNIL ANJARIA

24.'હવે ઝડપ કરવી પડશે.' કહેતી કાંતા પિસ્તોલ એ વેક્યુમ ક્લીનરની અંદર જ સંતાડી, વીંટી હળવેથી એપ્રન ઊંચો કરી ડ્રેસ આગળ ખેંચી તેની અંદર છેક પોતાની છાતીને અડી રહે તેમ સંતાડતી ફટ...

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Lighting Our Own Matches By Harshil Shah

Lighting Our Own Matches : The Little Match Girl's New Flame On this frigid Christmas Eve, there was complete silence. Preparations for the next major event were underway in the to...

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શંખનાદ - 15 By Mrugesh desai

કેન્દ્રીય ગૃહ પ્રધાન Shri સતીશ શાહ સાહેબે સીબીઆઈ ઓફિસર વિક્રમ સાન્યાલ ની ધરપક્ડ કરવાનો આદેશ આપી દીધો હતો . આખા દેશ માં પોલિસ ની દરેક શાખાએ કામ ગિરી ચાલુ કરી દીધી હતી .. બીજી બાજુ વ...

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सलाईन थेरपी By Prof Shriram V Kale

सलाईन थेरपी के. के. अॅग्रो प्रॉडक्टस च्या डायरेक्टर बोर्डाची दुपारी अडीज वाजता सुरो झालेली मिटिंग रात्री साडे दहाला संपली.चौदावर्षाच्या कारकीर्दीत इतकी लांबलेली ही पहिलीच मिटींग! प...

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रंजना By Narayan Menariya

रंजना - एक सच्ची घटना पर आधारित एक अधूरे प्यार की कहानी है, जिसको मैने दिनाँक 26 जुलाई, 2015 को लिखा था। अधूरा प्यार इसलिए क्योंकि, इस कहानी का एक पात्र अब हमारे बीच इस दुनियां में...

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मकान नम्बर बासठ By Lalit Kishor Aka Shitiz

सुबह सुबह नहा धो कर मैं सेकेंड फ्लोर की बालकनी में आ कर बैठ गया... करीबन छ: सवा छ: बज रहे थेसीढ़िया चढ़ते हुए जब आ रहा था तो सभी कमरों के बाहर लगे कूलर सररर सरर्र कर रहे थे, किसी क...

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पैरासाइट By ABHAY SINGH

पैरासाइट, याने पिस्सू !!!खून चूसने वाला, दूसरे के दिये पर जीने वाला, औरो को खाकर जीने वाला.. हिंदी में परजीवी कहते है। परजीवी का अस्तित्व स्वतंत्र नही होता। उसे जिंदा रहने के लिए क...

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अमर अमर By Shakti

अमर मै अमर तो हो गया। लेकिन फिर इससे कई प्रॉब्लम भी आने लगी। जवान और अमर होने के फायदे तो कई हुए। लेकिन घाटे भी कई हुए। सैकड़ो साल जिंदा रहने के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं।...

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परिक्षाफल (हम आगे बढ़ सकें) By DINESH KUMAR KEER

15 मई को बच्चों का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाना था। बच्चों को परीक्षा परिणाम जानने की बहुत ही उत्सुकता थी। सभी बच्चे आपस में एक - दूसरे से चर्चा करते कि - "मैंने ऐसा लिखा है... म...

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मौन का रहस्य By नंदलाल मणि त्रिपाठी

जुबान ,जिह्वा और आवाज़ जिसके संयम संतुलन खोने से मानव स्वयं खतरे को आमंत्रित करता है और ईश्वरीय चेतना की सत्ता को नकारने लगता है।अतः जिह्वा जुबान का सदैवसंयमित संतुलित उपयोग ही नैति...

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વરસાદ સાથે ની યાદો By Mansi

કેમ છો મિત્રો , હું માનસી આજે જ્યારે વરસાદ આવ્યો તેને જોઈ ને મારા મન માં નાનપણ માં જે વરસાદ માં કરેલી મજા હતી તેની જલખ ઉમટી આવી, તેથી આ એક ટૂંકી વાર્તા તમારા સુધી પોહચાડવા માંગુ છુ...

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करंजी By Prof Shriram V Kale

करंजी बरेच दिवस वाजत असलेले जोशांचे वेगळेचार एकदाचे झाले अन् अण्णांनी त्यांचा मोठा मुलगा 'भाऊ' याला वेगळा टाकला. हे सगळे नाटक अण्णां जोशांची ची बायको बायजाई, धाकटा मुलगा दि...

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વરદાન કે અભિશાપ - ભાગ 36 By Payal Chavda

વરદાન કે અભિશાપ (ભાગ-૩૬) (નરેશ અને સુરેશ સાથે જમવા બેઠા હોય છે. વાતવાતમાં સુરેશ મિત્રના છોકરાના લગ્ન પ્રસંગની વાત કરે છે. સુરેશ તેને બહારગામ છેડા છોડાવવા જવાની વાત કરે છે. તે વખતે...

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मराठेसर देवो भव By Prof Shriram V Kale

मराठे सर देवो भव आठवीच्या वर्गावर मराठेसरांचा संस्कृतचा तास सुरू झालेला ‘हस्तस्य भूषणं दानं सत्यं कंठस्य भुषणं।श्रोत्रस्य भूषणं शास्त्रं भूषणै: किम् प्रयोजनम्’ फळ्यावर सुवाच्च्य सु...

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यारो मै़ने पंगा ले लिया By Prof Shriram V Kale

यारो मैंने पंगा ले लिया ......... “कार्पोरेट वर्डमें तुम्हें कभी न कभी सरेंडर होना ही पडता है. तुने दुनिया देखी कहाँ है गधे? बेकारीसे भुखे मरोगे तब होशमें आओगे . तुमने तो पानीमें र...

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પ્રેમ કે દોસ્તી? - ભાગ 23 By PRATIK PATHAK

“કાવ્યા તો નાદાન છે,તું ક્યારથી આ બધી વાતમાં ઘૂંસવા લાગ્યો?મહેબાની કરીને ખોટી સળી કરતો નહિ.મને ખબર છે રવિને મેસેજ કરીને તુજ હેરાન કરે છે.હિંમત હોયતો મને રૂબરૂ મળ.”પ્રતિકે કોઈને મેસ...

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देवाची सामक्षा By Prof Shriram V Kale

देवाची सामक्षा चार मुलींच्या पाठीवर काकुला नवससायासाने मुलगा झाला. सगळे देव पालवुन झाले. शेवटी आमच्या घृष्णेश्वराला अण्णानी जाब घातला नि त्याच्या प्रसादाने मोहनचा जन्म झाला. तेव्हा...

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शिदोरी By Prof Shriram V Kale

शिदोरी बाळुच्या दत्तकविधानासाठी त्याचे म्हातारे वडिल बापू आणि वडिलभाऊ अण्णा मास्तर दामल्यांच्या वाड्यात आले. आपल्याला बघून बाळू धाव मारीत येईल, आपण त्याला पोटाशी घेऊ, बाळू हमसा हुम...

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व्रत - 6 By Sonali Rawat

शाम को दफ्तर से छुट्टी कर के वह एक्टिवा पर आ रहा था कि पीछे से एक ट्रक वाले ने उसे टक्कर मारी. उस की एक्टिवा ट्रक के भारी पहियों के नीचे आ कर चकनाचूर हो गई और वह उछल कर पटरी पर जा...

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पड पड आंब्या By Prof Shriram V Kale

पड पड आंब्या पड पड आंब्या गोडांब्या गोडांब्याची कोय कोयमदल्या पोराच्या डोय डोय डोयेक् झाला खाण्डुक खा रे बोडया शेण्डुक बर्व्याच्या आगरात पडीचे आंबे पुंजावायला वाणी वाडी, गिरमे वाडी...

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मतदान करायचे आहे? By Ankush Shingade

मतदान करायचं आहे. काय करता येईल? आज समाजात बरीच मंडळी ही बढाया मारतांना दिसतात. ते स्वतःला फारच हुशार समजतांना दिसतात. त्यांच्याकडं पाहून असं वाटायला लागतं की त्यांच्या एवढी अक्कल...

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સાટા - પેટા - 15 (છેલ્લો ભાગ) By કરસનજી રાઠોડ તંત્રી

કોલેજના વિશાળ પટાગણમાં ભવ્ય મંડપ બાંધવામાં આવ્યો હતો .તેને જાતજાતના સુશોભિત તોરણો અને પુષ્પ ગુચ્છ થી શણગારવામાં આવ્યો હતો. રંગપુરના જાહેર રસ્તાઓ ઉપર રંગબેરંગી તોરણો સજાવી દેવામાં આ...

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भुतां रडचत By Prof Shriram V Kale

भुतां रडचत   ऊं ऽऽ ऊं ऽऽऽऽ ऊं असा गळा काढून रडण्याचा भीषण सूर कानांवर आला. ओसरीवर आप्पा आजोबांच्या कुशीत झोपलेला नातू बाळ्या भेदरून जागा झाला. खोतांच्या घराखाली मळ्याच्या कडेला अ...

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राधा रानी का इतिहास By Guri baba

देवी राधा का जन्म दिवस भाद्रमास की शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को माना जाता है। इस साल यह तिथि गुरूवार 9 सितंबर को है। पुराणों का मत है कि देवी राधा भगवान श्री कृष्ण से ग्यारह महीने ब...

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जनाज़ा By Sharovan

ज़नाज़ा कहानी / शरोवन. देश में भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही का शासन था. जनता के पास रोज़गार नहीं था. किसानों के पास बीज बोने के पैसे नहीं बच पाते थे. ऋण की रकम की भरपाई न करने के...

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એક અધૂરો? પ્રેમસંબંધ By Nisha Patel

એ મારાં જન્મદિવસની આગળનો દિવસ હતો. લગભગ મહિના પછી મુકેશ ઘરે મળવા આવ્યા. મને કહે, “બસ, હવે મને સારું થઈ ગયું છે. હવે પછી મારે કીમો થેરાપી લેવા નથી જવાનું. બસ, હવે બધું પતી જ ગયું છે...

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रेत होते रिश्ते - भाग 2 By Prabodh Kumar Govil

मैं सकपकाया। लेकिन तुरन्त ही संभलते हुए मैंने कहा— ‘‘वह मुझे निश्चित जगह पर मिलेगा सुबह।’’ ‘‘आपको इस समय नहीं पता कि वह कहाँ है?’’ ‘‘बिलकुल नहीं।’’ ‘‘उसका फोन नम्बर भी नहीं है आपके...

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अनीश (माँ का प्यार) By DINESH KUMAR KEER

1. अनीश और माँ का प्यारएक दिन की बात है । अनीश अपने दोस्तों के साथ रविवार की शाम मेला देखने पास के गाँव ये कह कर माँ से गया कि - "माँ ! मैं बस थोड़ी देर में ही आ जाऊँगा । पास के मै...

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કાંતા ધ ક્લીનર - 24 By SUNIL ANJARIA

24.'હવે ઝડપ કરવી પડશે.' કહેતી કાંતા પિસ્તોલ એ વેક્યુમ ક્લીનરની અંદર જ સંતાડી, વીંટી હળવેથી એપ્રન ઊંચો કરી ડ્રેસ આગળ ખેંચી તેની અંદર છેક પોતાની છાતીને અડી રહે તેમ સંતાડતી ફટ...

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Lighting Our Own Matches By Harshil Shah

Lighting Our Own Matches : The Little Match Girl's New Flame On this frigid Christmas Eve, there was complete silence. Preparations for the next major event were underway in the to...

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શંખનાદ - 15 By Mrugesh desai

કેન્દ્રીય ગૃહ પ્રધાન Shri સતીશ શાહ સાહેબે સીબીઆઈ ઓફિસર વિક્રમ સાન્યાલ ની ધરપક્ડ કરવાનો આદેશ આપી દીધો હતો . આખા દેશ માં પોલિસ ની દરેક શાખાએ કામ ગિરી ચાલુ કરી દીધી હતી .. બીજી બાજુ વ...

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सलाईन थेरपी By Prof Shriram V Kale

सलाईन थेरपी के. के. अॅग्रो प्रॉडक्टस च्या डायरेक्टर बोर्डाची दुपारी अडीज वाजता सुरो झालेली मिटिंग रात्री साडे दहाला संपली.चौदावर्षाच्या कारकीर्दीत इतकी लांबलेली ही पहिलीच मिटींग! प...

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रंजना By Narayan Menariya

रंजना - एक सच्ची घटना पर आधारित एक अधूरे प्यार की कहानी है, जिसको मैने दिनाँक 26 जुलाई, 2015 को लिखा था। अधूरा प्यार इसलिए क्योंकि, इस कहानी का एक पात्र अब हमारे बीच इस दुनियां में...

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मकान नम्बर बासठ By Lalit Kishor Aka Shitiz

सुबह सुबह नहा धो कर मैं सेकेंड फ्लोर की बालकनी में आ कर बैठ गया... करीबन छ: सवा छ: बज रहे थेसीढ़िया चढ़ते हुए जब आ रहा था तो सभी कमरों के बाहर लगे कूलर सररर सरर्र कर रहे थे, किसी क...

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पैरासाइट By ABHAY SINGH

पैरासाइट, याने पिस्सू !!!खून चूसने वाला, दूसरे के दिये पर जीने वाला, औरो को खाकर जीने वाला.. हिंदी में परजीवी कहते है। परजीवी का अस्तित्व स्वतंत्र नही होता। उसे जिंदा रहने के लिए क...

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अमर अमर By Shakti

अमर मै अमर तो हो गया। लेकिन फिर इससे कई प्रॉब्लम भी आने लगी। जवान और अमर होने के फायदे तो कई हुए। लेकिन घाटे भी कई हुए। सैकड़ो साल जिंदा रहने के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं।...

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परिक्षाफल (हम आगे बढ़ सकें) By DINESH KUMAR KEER

15 मई को बच्चों का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाना था। बच्चों को परीक्षा परिणाम जानने की बहुत ही उत्सुकता थी। सभी बच्चे आपस में एक - दूसरे से चर्चा करते कि - "मैंने ऐसा लिखा है... म...

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मौन का रहस्य By नंदलाल मणि त्रिपाठी

जुबान ,जिह्वा और आवाज़ जिसके संयम संतुलन खोने से मानव स्वयं खतरे को आमंत्रित करता है और ईश्वरीय चेतना की सत्ता को नकारने लगता है।अतः जिह्वा जुबान का सदैवसंयमित संतुलित उपयोग ही नैति...

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વરસાદ સાથે ની યાદો By Mansi

કેમ છો મિત્રો , હું માનસી આજે જ્યારે વરસાદ આવ્યો તેને જોઈ ને મારા મન માં નાનપણ માં જે વરસાદ માં કરેલી મજા હતી તેની જલખ ઉમટી આવી, તેથી આ એક ટૂંકી વાર્તા તમારા સુધી પોહચાડવા માંગુ છુ...

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करंजी By Prof Shriram V Kale

करंजी बरेच दिवस वाजत असलेले जोशांचे वेगळेचार एकदाचे झाले अन् अण्णांनी त्यांचा मोठा मुलगा 'भाऊ' याला वेगळा टाकला. हे सगळे नाटक अण्णां जोशांची ची बायको बायजाई, धाकटा मुलगा दि...

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વરદાન કે અભિશાપ - ભાગ 36 By Payal Chavda

વરદાન કે અભિશાપ (ભાગ-૩૬) (નરેશ અને સુરેશ સાથે જમવા બેઠા હોય છે. વાતવાતમાં સુરેશ મિત્રના છોકરાના લગ્ન પ્રસંગની વાત કરે છે. સુરેશ તેને બહારગામ છેડા છોડાવવા જવાની વાત કરે છે. તે વખતે...

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मराठेसर देवो भव By Prof Shriram V Kale

मराठे सर देवो भव आठवीच्या वर्गावर मराठेसरांचा संस्कृतचा तास सुरू झालेला ‘हस्तस्य भूषणं दानं सत्यं कंठस्य भुषणं।श्रोत्रस्य भूषणं शास्त्रं भूषणै: किम् प्रयोजनम्’ फळ्यावर सुवाच्च्य सु...

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यारो मै़ने पंगा ले लिया By Prof Shriram V Kale

यारो मैंने पंगा ले लिया ......... “कार्पोरेट वर्डमें तुम्हें कभी न कभी सरेंडर होना ही पडता है. तुने दुनिया देखी कहाँ है गधे? बेकारीसे भुखे मरोगे तब होशमें आओगे . तुमने तो पानीमें र...

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પ્રેમ કે દોસ્તી? - ભાગ 23 By PRATIK PATHAK

“કાવ્યા તો નાદાન છે,તું ક્યારથી આ બધી વાતમાં ઘૂંસવા લાગ્યો?મહેબાની કરીને ખોટી સળી કરતો નહિ.મને ખબર છે રવિને મેસેજ કરીને તુજ હેરાન કરે છે.હિંમત હોયતો મને રૂબરૂ મળ.”પ્રતિકે કોઈને મેસ...

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देवाची सामक्षा By Prof Shriram V Kale

देवाची सामक्षा चार मुलींच्या पाठीवर काकुला नवससायासाने मुलगा झाला. सगळे देव पालवुन झाले. शेवटी आमच्या घृष्णेश्वराला अण्णानी जाब घातला नि त्याच्या प्रसादाने मोहनचा जन्म झाला. तेव्हा...

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शिदोरी बाळुच्या दत्तकविधानासाठी त्याचे म्हातारे वडिल बापू आणि वडिलभाऊ अण्णा मास्तर दामल्यांच्या वाड्यात आले. आपल्याला बघून बाळू धाव मारीत येईल, आपण त्याला पोटाशी घेऊ, बाळू हमसा हुम...

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व्रत - 6 By Sonali Rawat

शाम को दफ्तर से छुट्टी कर के वह एक्टिवा पर आ रहा था कि पीछे से एक ट्रक वाले ने उसे टक्कर मारी. उस की एक्टिवा ट्रक के भारी पहियों के नीचे आ कर चकनाचूर हो गई और वह उछल कर पटरी पर जा...

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पड पड आंब्या By Prof Shriram V Kale

पड पड आंब्या पड पड आंब्या गोडांब्या गोडांब्याची कोय कोयमदल्या पोराच्या डोय डोय डोयेक् झाला खाण्डुक खा रे बोडया शेण्डुक बर्व्याच्या आगरात पडीचे आंबे पुंजावायला वाणी वाडी, गिरमे वाडी...

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मतदान करायचे आहे? By Ankush Shingade

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સાટા - પેટા - 15 (છેલ્લો ભાગ) By કરસનજી રાઠોડ તંત્રી

કોલેજના વિશાળ પટાગણમાં ભવ્ય મંડપ બાંધવામાં આવ્યો હતો .તેને જાતજાતના સુશોભિત તોરણો અને પુષ્પ ગુચ્છ થી શણગારવામાં આવ્યો હતો. રંગપુરના જાહેર રસ્તાઓ ઉપર રંગબેરંગી તોરણો સજાવી દેવામાં આ...

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भुतां रडचत By Prof Shriram V Kale

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राधा रानी का इतिहास By Guri baba

देवी राधा का जन्म दिवस भाद्रमास की शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को माना जाता है। इस साल यह तिथि गुरूवार 9 सितंबर को है। पुराणों का मत है कि देवी राधा भगवान श्री कृष्ण से ग्यारह महीने ब...

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जनाज़ा By Sharovan

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એ મારાં જન્મદિવસની આગળનો દિવસ હતો. લગભગ મહિના પછી મુકેશ ઘરે મળવા આવ્યા. મને કહે, “બસ, હવે મને સારું થઈ ગયું છે. હવે પછી મારે કીમો થેરાપી લેવા નથી જવાનું. બસ, હવે બધું પતી જ ગયું છે...

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