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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


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  • पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10

    बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रह...

  • अजनबी - 3

    अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछा...

  • मौत से भागती दुल्हन - 12

    मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड...

पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10 By Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी में अब भी लाल साड़ी का वो फटा हुआ टुकड़ा था…और तभी उसने उसे देखा।एक सफेद अनारकली व...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 2 By RAAHULL SHARMA

फिर वह पागलों की तरह कमला की ओर मुड़ा। उसने अपनी माँ का पल्लू खींचते हुए कहा, "माँ, मुझे भूख लगी है... आपने कहा था शहर से लौटकर रोटी खिलाओगी। माँ, चुप क्यों हो? कुछ बोलो ना माँ!" जब...

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અસવાર - ભાગ 6 By Shakti Pandya

ભાગ ૬: મૂક સંવાદ: શબ્દો વગરની વાતસમય: જુલાઈ, ૨૦૦૦ (સારંગને લાવ્યાના ૧ અઠવાડિયા પછી)સ્થળ: દેવાયતની ડેલીનો તબેલોવરસાદ તો રહી ગયો હતો, પણ દેવાયતની ડેલીમાં હજી ભયનું તોફાન શાંત નહોતું...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ - 19 By Firdous kaSak

      કંપનીનું કામ કરી બધા એમ્પ્લોય પોત પોતાના ઘરે જવા માટે નીકળ્યા.         અબીર પાર્કિંગમાં અથર્વની રાહ જોઈ રહ્યો હતો અને ત્યાં જ ઝોયા પણ મીરાની રાહ જોઈ રહી હતી. અબીર ઝોયાને જ જો...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 15 By Priya Chaudhary

(एक ठंडी, अंधेरी रात। हवेली के मलबे के पास रखे आयशा के पुराने सामान के बक्से को खोलने की आवाज़—लकड़ी की चरचराहट। हवा की फुसफुसाहट जो आर्यन के नाम को पुकार रही है।)आर्यन के हाथ कांप...

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MTNL की घंटी - 19 By kalpita

हाल में सब कुछ शांत था। कार्यक्रम खत्म हो चुका था।लोग धीरे-धीरे अपनी सीटों से उठ रहे थे, बातें कर रहे थे, किताबों पर चर्चा कर रहे थे।लेकिन महक की नज़रें कुछ और ही खोज रही थीं…तभी द...

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अनकहा जुनूँ - 5 By Priya Chaudhary

(तेज़, धड़कते हुए दिल की आवाज़। रात की खामोशी और खिड़की के बाहर से आती हुई अजीब सी खरोंचने की आवाज़)नरेटर: निकी के घर के खाली होने का सच बियर के लिए किसी वज्रपात जैसा था। जिस लड़की...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

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Honted Jobplace - 11 By Sonam Brijwasi

ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

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ಹೆಲ್ಮೆಟ್ By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಕ್ಲಾಕ್ ಟವರ್ ಜಂಕ್ಷನ್ ಎಂದರೆ ಅದು ವಾಹನಗಳ ಸಾಗರ. ಸುಡುವ ಬಿಸಿಲಿಗೆ ರಸ್ತೆಯೇ ಕರಗಿ ಹೋಗುವ ಹದದಲ್ಲಿತ್ತು. ಕರ್ಕಶ ಹಾರ್ನ್ ಶಬ್ದಗಳ ನಡುವೆ ಟ್ರಾಫಿಕ್ ಪೊಲೀಸ್ ವಿಕ್ರಮ್ ಸಿಂಹ ತನ್ನ HF Deluxe ನಿಲ್ಲಿಸಿ, ಹ...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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ಅನ್ನದ ಋಣ By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಆ ಸುಡುವ ಏಪ್ರಿಲ್ ತಿಂಗಳ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ. ರಸ್ತೆಗಳು ಬಿಸಿಯಿಂದ ಕಾದ ಹೆಂಚಿನಂತಾಗಿದ್ದವು. ಶರತ್ ತನ್ನ HF Deluxe ಬೈಕ್ ಮೇಲೆ ಕುಳಿತು ಕುತ್ತಿಗೆಗೆ ಸುತ್ತಿಕೊಂಡಿದ್ದ ಟವೆಲ್‌ನಿಂದ ಬೆವರಿನ ಹನಿಗಳನ್ನು ಒರೆಸಿಕೊಳ...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 5 By Praveen Kumrawat

घर वापसी : जब इंसान बदल जाए, लेकिन माहौल न बदलेउपचार के बाद वह लड़का पहले जैसा नहीं रहा था। वर्षों तक जिस अंधेरे ने उसके जीवन को घेर रखा था, उसमें अब कुछ रोशनी दिखाई देने लगी थी। व...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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લોહી તરસ્યા લોક - પ્રકરણ 4 By Ashoksinh jadeja

*પ્રકરણ ૪: વૃદ્ધાશ્રમની ખામોશી અને અંતિમ સત્ય**     ગાડી જ્યારે વૃદ્ધાશ્રમના લોખંડી અને ઠંડા ગેટ પાસે આવીને ઉભી રહી, ત્યારે જાણે સમય થંભી ગયો હતો. રઘુભાઈએ શાંતિબાનો ધ્રૂજતો હાથ પોત...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10 By Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी में अब भी लाल साड़ी का वो फटा हुआ टुकड़ा था…और तभी उसने उसे देखा।एक सफेद अनारकली व...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 2 By RAAHULL SHARMA

फिर वह पागलों की तरह कमला की ओर मुड़ा। उसने अपनी माँ का पल्लू खींचते हुए कहा, "माँ, मुझे भूख लगी है... आपने कहा था शहर से लौटकर रोटी खिलाओगी। माँ, चुप क्यों हो? कुछ बोलो ना माँ!" जब...

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અસવાર - ભાગ 6 By Shakti Pandya

ભાગ ૬: મૂક સંવાદ: શબ્દો વગરની વાતસમય: જુલાઈ, ૨૦૦૦ (સારંગને લાવ્યાના ૧ અઠવાડિયા પછી)સ્થળ: દેવાયતની ડેલીનો તબેલોવરસાદ તો રહી ગયો હતો, પણ દેવાયતની ડેલીમાં હજી ભયનું તોફાન શાંત નહોતું...

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બેઇન્તેહા : નફરત અને પ્રેમ - 19 By Firdous kaSak

      કંપનીનું કામ કરી બધા એમ્પ્લોય પોત પોતાના ઘરે જવા માટે નીકળ્યા.         અબીર પાર્કિંગમાં અથર્વની રાહ જોઈ રહ્યો હતો અને ત્યાં જ ઝોયા પણ મીરાની રાહ જોઈ રહી હતી. અબીર ઝોયાને જ જો...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 15 By Priya Chaudhary

(एक ठंडी, अंधेरी रात। हवेली के मलबे के पास रखे आयशा के पुराने सामान के बक्से को खोलने की आवाज़—लकड़ी की चरचराहट। हवा की फुसफुसाहट जो आर्यन के नाम को पुकार रही है।)आर्यन के हाथ कांप...

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MTNL की घंटी - 19 By kalpita

हाल में सब कुछ शांत था। कार्यक्रम खत्म हो चुका था।लोग धीरे-धीरे अपनी सीटों से उठ रहे थे, बातें कर रहे थे, किताबों पर चर्चा कर रहे थे।लेकिन महक की नज़रें कुछ और ही खोज रही थीं…तभी द...

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अनकहा जुनूँ - 5 By Priya Chaudhary

(तेज़, धड़कते हुए दिल की आवाज़। रात की खामोशी और खिड़की के बाहर से आती हुई अजीब सी खरोंचने की आवाज़)नरेटर: निकी के घर के खाली होने का सच बियर के लिए किसी वज्रपात जैसा था। जिस लड़की...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

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ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

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ಹೆಲ್ಮೆಟ್ By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಕ್ಲಾಕ್ ಟವರ್ ಜಂಕ್ಷನ್ ಎಂದರೆ ಅದು ವಾಹನಗಳ ಸಾಗರ. ಸುಡುವ ಬಿಸಿಲಿಗೆ ರಸ್ತೆಯೇ ಕರಗಿ ಹೋಗುವ ಹದದಲ್ಲಿತ್ತು. ಕರ್ಕಶ ಹಾರ್ನ್ ಶಬ್ದಗಳ ನಡುವೆ ಟ್ರಾಫಿಕ್ ಪೊಲೀಸ್ ವಿಕ್ರಮ್ ಸಿಂಹ ತನ್ನ HF Deluxe ನಿಲ್ಲಿಸಿ, ಹ...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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ಅನ್ನದ ಋಣ By Danger Writer

ಮಂಗಳೂರಿನ ಆ ಸುಡುವ ಏಪ್ರಿಲ್ ತಿಂಗಳ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ. ರಸ್ತೆಗಳು ಬಿಸಿಯಿಂದ ಕಾದ ಹೆಂಚಿನಂತಾಗಿದ್ದವು. ಶರತ್ ತನ್ನ HF Deluxe ಬೈಕ್ ಮೇಲೆ ಕುಳಿತು ಕುತ್ತಿಗೆಗೆ ಸುತ್ತಿಕೊಂಡಿದ್ದ ಟವೆಲ್‌ನಿಂದ ಬೆವರಿನ ಹನಿಗಳನ್ನು ಒರೆಸಿಕೊಳ...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 5 By Praveen Kumrawat

घर वापसी : जब इंसान बदल जाए, लेकिन माहौल न बदलेउपचार के बाद वह लड़का पहले जैसा नहीं रहा था। वर्षों तक जिस अंधेरे ने उसके जीवन को घेर रखा था, उसमें अब कुछ रोशनी दिखाई देने लगी थी। व...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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લોહી તરસ્યા લોક - પ્રકરણ 4 By Ashoksinh jadeja

*પ્રકરણ ૪: વૃદ્ધાશ્રમની ખામોશી અને અંતિમ સત્ય**     ગાડી જ્યારે વૃદ્ધાશ્રમના લોખંડી અને ઠંડા ગેટ પાસે આવીને ઉભી રહી, ત્યારે જાણે સમય થંભી ગયો હતો. રઘુભાઈએ શાંતિબાનો ધ્રૂજતો હાથ પોત...

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