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यजुर्वेद सूक्ति(17} की व्याख्या "ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्" यजुर्वेद --11/84 भावार्थ...
श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथाभाग 2 — देवकी-वसुदेव का कारागार और छह संतानों की कथाजय...
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने 24 अगस्त 20...
एपिसोड 29 – धमकी के पीछे कौन?रात के लगभग ग्यारह बज रहे थे।हॉस्पिटल की बिल्डिंग द...
उसे अब अपने अस्तित्व की परवाह नहीं थी; उसे बस उस मुक्ति को रोकना था जो उसके प्रत...
वो गाँव जो हर रात गायब हो जाता थाPart 4 — मंदिर के नीचे का रास्ता“पापा…”आवाज सु...
भाग 3: बिछाया गया जालहवेली के बाहर शाम ढल रही थी और आसमान में काले बादल घिर आए थ...
कॉफ़ी कॉर्नर में एक नौजवान जोड़ा बैठा था। वह जोड़ा इतना हसीन था कि हर किसी की नज...
इस हिस्से को उसी उपन्यास-जैसे अंदाज़ में, भावनाओं और अतीत के दर्द को थोड़ा और गह...
(कहानी अब भावनाओं और रहस्यों की गहराई में उतर चुकी थी।कबीर यानी करण अब दो दुनिया...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यहां lकैसे कटेगी एक उम्र भला यहा...
( एक बहुत बड़ी कंपनी है DSR इस कंपनी की मालकिन है मियाओ - देखने में अच्छी है, पर बहुत ज्यादा सख्त है , इसे हर काम समय पर चाहिए। किसी की भी उसके सामने बोलने की हिम्मत नहीं मि...
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 में मुझसे अनजाने में प्रातिलिपि पर रेटिंग लिख दी गई, जबकि मेरा...
“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...
चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...
बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है। सुबह की ताजी ठंडी हवा के बीच जब घाटों पर घंटियाँ बजती हैं, तो पूरा शहर...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
मैं... अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी चिल्लाने की आवाज सुनाई दी, पर मुझे अपने ऑफिस का काम जल्दी खत्म करना था इसलिए मैंने उस आवाज को नजर...
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