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कुंठित मानसिकता
by Ramanuj Dariya

मेरी सोंच उस आधुनिकता की भेंट नहीं चढ़ना चाहती थी जिसमें एक लड़की के बहुत से बॉयफ्रेंड हुआ करते हैं और ओ जब जिससे चाहे उससे बात करे  , ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 6
by रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 6                      एक यात्रा वृतांत              कोल्हापुर दक्षिण काशी कहलाती है। यहाँ के महालक्ष्मी मन्दिर के श्रीयंत्र की महिमा प्रसिद्ध है।               ...

उजाले की ओर - 13
by Pranava Bharti
  • 114

उजाले की ओर--12  --------------------  प्रिय एवं स्नेही मित्रो        आप सबको नमन      आज एक कहानी याद आ रही है | सोचा ,आपसे साँझा की जाए |एक बहुत समृद्ध ...

चेक मेट - 15
by Saumil Kikani
  • 318

                       Episode 15White SUV हाइवे के किनारे आके खड़ी रहती है जिसमे से सुमित ऒर नेहा उतरते है। वह ...

बंद दरवाजे का शहर (रश्मि रविजा)
by Dr Jaya Anand
  • 192

'बंद दरवाज़ों का शहर' मेरे लिए तब खुला जब पूरी तरह से शहर के दरवाज़े बंद थे । पर जब दरवाज़े बंद होते हैं तो अध्ययन ,मनन ,चिंतन भीतर ...

पुस्तक समीक्षा जर्नी टू द सेंटर ऑफ अर्थ,
by Shobha Sharma
  • 117

पुस्तक समीक्षा उपन्यास – जर्नी टू द सेंटर ऑफ अर्थ, लेखक -जूल्स वर्न, अनुवादक- श्री आलोक कुमार जी । जूल्स बर्न ने इस उपन्यास को एक विज्ञान कथा और ...

नियति... - 12 - (अंतिम भाग)
by Apoorva Singh
  • 225

गार्ड कार्ड देख अंदर आफिस रिसेप्शन में कॉल करता है और कॉल कर पूछता है कि दो लोग आफिस के बाहर खड़े हुए है उनका कहना है कि वो ...

अन देखी दुनिया - 7
by Vaibhav Surolia
  • 126

अन देखी दुनिया - 7 अजय केशव की मदद करने के लिए नजर बट्टू के सामने आता है। नजरबट्टू उसको देखकर कहता है अच्छा तो तू भी उसके साथ मिला ...

मे और मेरे अह्सास - 24
by Darshita Babubhai Shah
  • 132

होश   तुम्हें पा लिया है lफ़ायदा किया है ll होश खो रहे हैं lजाम जो पिया है ll चैन पा लिया है lहोठो को सिया है ll दूर ...

क्या हमारी भी आजादी आएगी
by अनकहे शब्द
  • 132

 चार तो देखो झूल गएक्या बाकियों की बारी भी आएगीजिस सम्मान की नारी लड़ रहीक्या वो सम्मान कभी भी पाएगी...?लड़ाई है सम्मान कीअस्तित्व की, पहचान कीजो दरिंदे खुले में ...

इश्क़ 92 दा वार - (पार्ट-11)
by Deepak Bundela AryMoulik
  • 72

इश्क़ 92 दा वार (पार्ट-11)(7 दिसंबर 1992)सुबह होते हीं पूरे देश में आग जल चुकी थी.. दोनो  समुदाय की आना पर जो ठन चुकी थी आज की सुबह एक ...

बूंद से सागर बने कर्मवीर - 3
by Rajesh Maheshwari
  • 90

  विवेक अग्निहोत्री (अमेरिका)   विवेक अग्निहोत्री अमेरिका में विगत 25 वर्षों से अमेरिकी सरकार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जबलपुर से ...

बर्फीली रातों के गुलदस्ते
by Jayanti Ranganathan
  • 429

शीला शाम को जब लंबी सैर से वापस आई, सामने ही उसे राबर्ट नजर आ गया अपने कुत्ते जीरो के साथ। राबर्ट उसे देख ठिठक गया। शीला ने उसे ...

मुकम्मल मोहब्बत - 22
by Abha Yadav
  • 171

  मुकम्मल मोहब्बत -22   बेड टी लिए हुए आधा घंटा हो गया है. लेकिन, शरीर अभी भी अलसाया हुआ है. जबकि बेड टी लेने के बाद मैं दोबारा नहीं ...

नासाज़ - 1
by Srishtichouhan
  • 216

दुनिया एक पिपरमिंट सी लगती है जुबान से मिलते ही चिंगम सी चिपकती हुई जुर्म और जुनून के बादशाह पापलोस की कहानी उसके अजीब ढ़ंग से उसी के नजरिए ...

पुस्तक समीक्षा - 16 - यशका शिकंजा
by Yashvant Kothari
  • 78

पुस्तक: यश  का शिकंजा लेखक: यश वन्त कोठारी प्रकाषक: सत्साहित्य प्रकाषन,   प्रभात प्रकाशन 205 बी. चावड़ी बाजार,दिल्ली-6 मूल्य: 30 रु. पृप्ठ 171 । यशवंत कोठारी का तीसरा व्यंग्य संकलन ...

पश्चाताप भाग -9
by Ruchi Dixit
  • 195

पश्चाताप भाग -9शशिकान्त फोन उठाकर हाँ माँ! कैसी हो? मै ठीक हूँ! तू कैसा है रे!  चुपचाप शादी कर ली ! मुझे बताया ही क्यों था? जब मेरी आवश्यकता ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 5
by रामगोपाल तिवारी
  • 81

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 5                        दिनांक 03-02-09 को महाराज जी ने यह प्रसंग सुनाया। अहमदाबाद में मेरे बड़े भ्राता जनार्दन स्वामी जी कपड़े की ...

दिल है छोटा सा- रणविजय
by राजीव तनेजा
  • 75

जहाँ एक तरफ कुछ कहानियों को पढ़ते वक्त हम उसके किरदारों से भावनात्मक तौर पर खुद को इस तरह जोड़ लेते हैं कि उसके सुख..उसकी खुशी को अपना समझ ...

A Dark Night – A tale of Love, Lust and Haunt - 16
by Sarvesh Saxena
  • 363

हॉरर साझा उपन्यास A Dark Night – A tale of Love, Lust and Haunt संपादक – सर्वेश सक्सेना भाग – 16 लेखक – अभिषेक हाडा अखिल ने सोचते हुए ...

यादों के झरोखे से Part 8
by S Sinha
  • 81

यादों के झरोखे से  Part 8      Yadon ke  Jharokhe Se  ================================================================ मेरे जीवनसाथी  की  डायरी के कुछ पन्ने - आखिर ड्रीम डेस्टिनेशन ऑस्ट्रेलिया पहुंचना   ====================================================

संगम--भाग (९)
by Saroj Verma
  • 282

श्रीधर ने जैसे ही प्रतिमा को देखा और प्रतिमा ने श्रीधर को, पर दोनों ने एक-दूसरे को देखकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी,बस एक-दूसरे की आंखों में ही देखकर एक-दूसरे ...

लिखे जो खत तुझे
by Saroj Prajapati
  • 219

रचना किचन में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। तभीऑफिस से लौटे समीर और बेटी दिशा की आवाज उसके कानों में पड़ी। " कैसे हो बेटा! और मम्मी ...

अनकहा अहसास - अध्याय - 25
by Bhupendra Kuldeep
  • 372

अध्याय - 25रमा पैर पटककर रह गयी।ओ ! रमा ! रमा, रमा ? अचानक माला पीछे से आकर लिपट गई।अब तुझे क्या हुआ ? रमा पीछे पलटकर पूछी। मुझे पहले ...

तीसरे लोग - 8
by Geetanjali Chatterjee
  • 144

8. न्यूयॉर्क स्मारक के लिए अजनबी शहर नहीं था। उसने स्वयं को एड्स की रोकथाम के अनुसंधान में डुबो दिया | उनकी रिसर्च टीम रोज सोलह-सत्रा घंटे काम कर ...

त्रिखंडिता - 15
by Dr Ranjana Jaiswal
  • 72

त्रिखंडिता 15 श्यामा से आगे नहीं लिखा जाता ।हाथ में कलम लिए ही वह अतीत में खो जाती है | अभी कुछ दिन पहले ही उसकी बहन गुड़िया ने ...

सुलझे...अनसुलझे - 18
by Pragati Gupta
  • 132

सुलझे...अनसुलझे भावनात्मक स्पर्श ------------------ आज मेरी मुलाक़ात एक अरसे बाद अपनी बचपन की मित्र लेखा से हुई। सुना था कि उसकी शादी एक बहुत ही धनाढ्य परिवार में हुई ...

ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य - 1
by padma sharma
  • 54

ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य 1डॉ. पदमा शर्मासहायक प्राध्यापक, हिन्दीशा. श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी (म0 प्र0) पुरोवाक् कहानीकार विशिष्ट प्रतिभा सम्पन्न सामाजिक प्राणी ...

लहराता चाँद - 29
by Lata Tejeswar renuka
  • 108

लहराता चाँद लता तेजेश्वर 'रेणुका' 29 महुआ की स्टेटमेंट से गैंग के कई बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरोहे के कुछ बदमाश लोग भाग निकले। महुआ को ...

अपने-अपने कारागृह - 12
by Sudha Adesh
  • 99

अपने-अपने कारागृह-11  हम सामान लेकर अभी बाहर निकले ही थे कि शैलेश और नंदिता 'वेलकम दीदी एवं जीजा जी 'का फ्लैग लेकर खड़े नजर आए । उन्हें देखते ही शैलेश ...