Hindi Stories PDF Free Download | Matrubharti

खुशी
by નિમિષા દલાલ્
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“रूपल निहार कहा है?’ घर में आते ही देवांग ने पूछा.“सो गया रोते रोते, आज आप उसे पटाखे लेने ले जाने वाले थे. आपका इंतजार करते करते सो गया. ...

कहाँ गईं तुम नैना - 16
by Ashish Kumar Trivedi
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            कहाँ गईं तुम नैना (16)संजय नैना को अपने मन की बात नहीं बता सका था। लेकिन औरतों को लेकर मन में जो कड़वाहट ...

असली आज़ादी वाली आज़ादी (भाग-4)
by devendra kushwaha
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भाग 3 से आगे- मनोरमा ने सभी के सामने चौहान साहब को चुनौती तो दे डाली पर उसके आगे क्या करना है और कैसे करना है उसे कुछ नही ...

अदृश्य हमसफ़र - 4
by Vinay Panwar
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कन्यादान की रस्म आरम्भ हो चुकी थी। ममता अमु के साथ बातों में अन्तस् की पीड़ा को भूल चुकी थी। अमु के साथ घण्टों तोतली भाषा में बतियाना उसका ...

मनचाहा - 13
by V Dhruva
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निशा- ओह..! थेंक्यू चन्टु.. love u beta...♥️ दीदी कहने के लिए वरना आजकल के बच्चे सीधा आंटी बोल देते है। सेतुभाभी- अच्छा ये बताओ क्या लेंगे? ठंडा, गरम या ...

रहमत-ए-खुदा-वंदी के फूल
by Saadat Hasan Manto
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ज़मींदार, अख़बार में जब डाक्टर राथर पर रहमत-ए-ख़ुदा-वंदी के फूल बरसते थे तो यार दोस्तों ने ग़ुलाम रसूल का नाम डाक्टर राथर रख दिया। मालूम नहीं क्यूँ, इस लिए ...

बेटे घर कब आओगे
by RN CREATION WORLD
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आज - कल खुश कम और परेशान इंसान ज्यादा दिखते हैं, जबकि आज के समय में हर कोई कामयाब है और अच्छा पैसा कमा रहा है। फिर ऐसा क्या ...

अंतर्द्वन्द्व
by Asha Pandey Author
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आज उसे घर से निकलने में थोड़ी देर हो गई थी वह तेज कदमों से चलकर ठीक समय पर काम पर पहुँच जाना चाहता था ...

गुलाबो
by Mukteshwar Prasad Singh
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                " गुलाबो ’’साहेबपुर कमाल स्टेशन के पश्चिमी छोर पर चालीस -पचास बनजारे कुछ दिनों से अपने तम्बुओं को तान डेरा जमाए ...