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रिश्ता एक कागज का । - 4
by Dhruv oza

(निशांत अपने डेस्क पे वर्क कर रहा होता है तभी एक पार्सल एक गार्ड के तरफ़ से मिलता है)शंकर - अरे निशांत क्या मंगाया यार, भाभी के लिए गिफ्ट ...

कोपभवन
by Renu Yadav

“चार दिन से घर में चूल्हा नाहीं जला, बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं । उ तो रामनयना क माई खाना दे जात है त बच्चे आपन परान जियावत ...

राजा रानी - Suicide
by Mens HUB

राजा रानी - Suicide Men's HUB Team & Swastik Dey     प्रथम आयाम आकाश की आयु 17 साल की थी और उसने इसी वर्ष 12 वी की परीक्षा ...

इच्छा - 10
by Ruchi Dixit

हादसे के बाद कम्पनी कई दिनो के लिए सील कर दी गई. हादसे की भयानक पीड़ा को वक्त के मरहम ने कुछ हद तक कम कर दिया था | ...

विश्रान्ति - 8
by Arvind Kumar Sahu
  • 31

विश्रान्ति (‘रहस्य एक रात का’A NIGHT OF HORROR) अरविन्द कुमार ‘साहू’ विश्रान्ति (The horror night) ("ये लो बेटी"- बूढ़े ने ढेरों चमचमाते हुए चाँदी के सिक्के दुर्गा मौसी के ...

वो आसमान से आती थी - 3
by Adil Uddin
  • 26

भाग 2 में हमनें पढ़ा कैसे कबीर उस अजनबी लड़की की ख्वाबों की दुनिया से बाहर आता है और नींद से जाग जाता है आगे पढ़ते हैं क्या होता ...

इक़बाल - भाग ४
by Afzal Malla
  • 16

हीना पानी भरके घर आती है मामा सामने बैठे है, बेटा देखलिया कुआ कहा है तुम वह से पानी ला सकती हो ना अगर कोई तकलीफ हो तो बोल ...

एसिड अटैक - 2
by dilip kumar
  • 11

एसिड अटैक (2) यो अपनी तरफ से डॉ0 शीला ने पहल करके कभी भी प्रोफेसर साहब से संपर्क बनाने की कोशिशें नहीं की थी। मगर प्रोफेसर साहब के ई-मेल ...

प्रेम दो दिलो का - 4
by VANDANA SINGH
  • 26

निर्मल को उस दिन नीरू को देखना ऐसा लगा जैसे निर्मल ने उसे अपनी आँखो से छु लीया हो। पूरा दिन नीरू यह सोचती रही की वो क्या था ...

ख्यालों का बगीचा
by Chandni Sethi Kochar
  • 16

काव्य संग्रह "ख्यालों का बगीचा" भूमिका "साहित्य समाज का दर्पण होता है।''यह कहावत तभी तक सार्थक है, जब तक साहित्य समाज को आईना दिखाने का काम करे। साहित्य समाज ...

आँसरिंग मशीन
by PANKAJ SUBEER
  • 33

आँसरिंग मशीन (कहानी - पंकज सुबीर) ‘‘घिन आती है मुझे इन सबसे’’ सुदीप का स्वर काफी हिकारत से भरा हुआ था। ‘‘क्यों ...? इसमें घिन की क्या बात है, ...

Jerry : a story of palette - 2 :  the unknown child
by Udit Ankoliya
  • 1k

         Chapter 2 :  the unknown child             जेस और इवा अपने घरके शयनरूम  के आईने के सामने खड़े थे । जेस ...

पत्नी
by Kumar Kishan Kirti
  • 1k

      लम्बे अरसे के बाद उसके घर गया था काम के सिलसिला में उसके क्षेत्र की जाना था, तो सोचा एक बार बहन के यहाँ घूम आऊं ...

जलती जवानी चलता भिखारी (उपन्यास) - 13
by Bhupendra Dongriyal
  • 1k

                             अँधेरी,मुंबई पहुँचकर बंटी और रवि ने अपनी-अपनी ड्यूटी ज्वाइन की । करीब दो सप्ताह बाद दोनों ने अपनी-अपनी ...

अधूरे प्रेम के वारिस
by Anil Makariya
  • 1.1k

दो भविष्य बताने वाले पत्थर हमेशा उसे भावी वारिस चुनते है, जो उनके वर्तमान वारिस को सबसे ज्यादा प्रिय होता है और भावी वारिस चुनते ही होती है वर्तमान ...

स्वीच ऑफ
by विनीता परमार
  • 1.4k

कैंटीन से ठहाकों की गूँज सुनाई दे रही है । वैसे आमतौर पर यहाँ गहरी उदासी ही पसरी रहती है । यहाँ बिकनेवाली सारी चीजों को पता है कि ...

फिरोजी रेखाओं के नीड़
by Husn Tabassum nihan
  • 1.1k

फिरोजी रेखाओं के नीड़ प्रेम हमेशा स्थिर नहीं रहता। यह चंद्रमाओं की कलाओं की तरह घटता रहता है...बढ़ता रहता है। ‘‘ बादल, वो देखो दूर क्षितिज पर झुका जा ...

....और जिंदगी चलती रही
by Dr.Ranjana Jaiswal
  • (11)
  • 1.6k

          तीन दिन हो गए थे चलते-चलते...पाँव में छाले निकल आये थे। शरीर धूल और पसीने से तर-बतर हो चला था। गाँव इतना दूर पहले कभी ...

होने से न होने तक - 19
by Sumati Saxena Lal
  • 1.1k

होने से न होने तक 19. घर के सामान में काफी चीज़े ख़तम हो गयी हैं। कुछ मैचिंग रूबिया भी लेने हैं सो शापिंग के लिए हज़रतगंज चली गई ...

चंपक की माँ (दानी की कहानी )
by Pranava Bharti
  • 1.7k

चंपक की माँ (दानी की कहानी ) ----------------------------         नन्ही कुनमुन खाने की बड़ी चोर थी | उसकी मम्मी उसका खाना दानी के पास रख जातीं ...

रिश्ता प्यार का
by Prashant Kumar
  • 1.7k

सिम्मी सिसकती हुई अपना सामान पैक करते हुए बीच-बीच मे सुशांत को देख भी रही थी,इस आस में की अभी सुशांत उठकर उसके हाथ पकड़कर उसे अपने मायके जाने ...

किसी ने नहीं सुना - 12
by Pradeep Shrivastava
  • 1.7k

किसी ने नहीं सुना -प्रदीप श्रीवास्तव भाग 12 बातों ही बातों में उसने डिनर का भी ऑर्डर दे दिया था। जिसमें मेरी पसंद भी उसने पूछी थी। खाना सब ...

यूँ ही राह चलते चलते - 1
by Alka Pramod
  • 1.8k

यूँ ही राह चलते चलते -1- चाय की चुस्की लेते हुए रजत बोले ’’ अगर तुम मुझे पाँच लाख रुपये दो तो मैं तुम्हें एक सरप्राइज दे सकता हूँ। ...

life is Mathematics
by Anant Dhish Aman
  • 1.8k

बचपन और गणित मुझे गणित विषय से शुरु से हीं खास रुचि नही रही जिसका सबसे बङा कारण अंको के साथ खेलना हीं नही आया ।। आठवां बोर्ड के इग्जाम में ...

जो घर फूंके अपना - 28 - विदेश की राह में वो लड़खड़ाता पहला कदम
by Arunendra Nath Verma
  • 1.6k

जो घर फूंके अपना 28 विदेश की राह में वो लड़खड़ाता पहला कदम हमारी यात्रा का प्रथम चरण दिल्ली से दुबई का था, जहां जहाज़ में ईंधन भरवा कर ...

महामाया - 4
by Sunil Chaturvedi
  • 1.6k

महामाया सुनील चतुर्वेदी अध्याय – चार भोजनशाला में अखिल की अनुराधा से मुलाकात हुई। दोनों बहुत देर तक भोजनशाला में ही खड़े-खड़े बतियाते रहे। सामान्य परिचय से शुरू हुई ...

बेड टी
by Ashish Saxena
  • 1.7k

  "कविता! मेरी चाय कहाँ हैं " रवि बिस्तर पर सुबह उठते ही पूछता हैं और फिर कोई उत्तर न मिलने पर ढूढ़ते हुए पूरे घर में आवाज़ लगाता ...

भैरवी साधना एक परिचय
by विजित शर्मा अघोरा
  • 1.7k

स्त्री केवल वासनापूर्ति का एक माध्यम ही नहीं, वरन शक्ति का उदगम भी होती है और यह क्रिया केवल सदगुरुदेव ही अपने निर्देशन में संपन्न करा सकते हैं। तंत्र ...

श्री मद्भगवतगीता माहात्म्य सहित (अध्याय-२)
by Durgesh Tiwari
  • 2.1k

     जय श्रीकृष्ण बंधु!      आज फिर आप सभी बंधु जनों का सस्नेह पाने की अभिलाषा लेकर आप सभी के सम्मुख उपस्थित हूँ 'श्रीगीताजी का दुसरा अध्याय और उसके ...

पुनर्जन्म
by Narendra Rajput
  • 2.1k

पुनर्जन्म एक ऐसा विषय है जिस पर कोई विश्वास करता है तो कोई नहीं करता है, ज्यादातर पुनर्जन्म की कहानी फिल्मो में ही होती है। पुनर्जन्म के किस्से तो ...