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पं0 जवाहर लाल नेहरू का लेखन
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 54

पं0 जवाहर लाल नेहरू का लेखन, ज्ञान और संवेदना का रचनात्मक संयोग डा0 के0बी०एल० पाण्डेय आधुनिक भारत के प्रमुख शिल्पी युग पुरुष पं० जवाहर लाल नेहरू अन्तर्राष्ट्रीय जगत् के ...

अक्टूबर जंक्शन- दिव्य प्रकाश दुबे
by राजीव तनेजा
  • 198

कई बार हमारे द्वारा कुछ काम बिना किसी खास मकसद या उद्देश्य के खामखाह भी कर लिए जाते हैं। आमतौर पर ऐसा हम बिना किसी के प्रभाव या दबाव ...

मिथिलेश कुमारी मिश्रा-उपन्यास के कबीर
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 147

मिथिलेश कुमारी मिश्रा के उपन्यास के कबीर -डॉ के.बी.एल. पाण्डेय हिन्दी के जीवनीपरक उपन्यासों में एक उपविधा यह विकसित हुई है जिसमें कवियों की जीवनी को आधार बनाया गया ...

प्रेम नाम है मेरा..प्रेम चोपड़ा- रकिता नंदा
by राजीव तनेजा
  • 186

"प्रेम नाम है मेरा..प्रेम चोपड़ा।"इस संवाद के ज़हन में आते ही जिस अभिनेता का नाम हमारे दिलोदिमाग में आता है..वह एक घने बालों वाला..हीरो माफ़िक सुन्दर कदकाठी लिए हुए ...

महेश कटारे सुगम की कविता
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 171

महेश कटारे सुगम की कविता : हमारे समय का यथार्थ के0बी0एल0 पाण्डेय कहानी, गीत, नवगीत, गजल और समकालीन कविता के अन्यतम रचनाकार महेश कटारे सुगम की रचनाओं के साथ ...

जहीर कुरैशी का गजल संसार
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 111

जहीर कुरैशी का गजल संसार किस्से नहीं हैं ये किसी विरहन की पीर के। ये शेर हैं अँधेरों से लड़ते जहीर के।चिन्तन ने कोई गीत लिखा या ग़ज़ल कही ...

भली लड़कियाँ.. बुरी लड़कियाँ - अनु सिंह चौधरी
by राजीव तनेजा
  • 150

कहते हैं कि दुनिया गोल है और संयोगों से भरी इस अजब ग़ज़ब दुनिया में अगर एक तरफ़ भले लोग हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ बुरे भी कम नहीं ...

मदन मोहन दानिश-शुभकामनाओं का विनम्र पाठ
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 288

मदन मोहन यानि की कविताः शुभकामनाओं का विनम्र पाठ के.बी.एल.पाण्डेय मैक्सिको के ऑक्टागवियो पाज की एक कविता की पंक्तियाँ है.. हमें तब तक गाना है जब हमारा गीत जड़ों ...

ख़्वाहिशों का खाण्डववन- योगिता यादव
by राजीव तनेजा
  • 174

कहते हैं कि हर चीज़ का कभी ना कभी अंत हो जाता है लेकिन ख्वाहिशों..इच्छाओं का कोई अंत नहीं है। एक इच्छा के पूरी होने से पहले ही दूसरी ...

काली बकसिया- आभा श्रीवास्तव
by राजीव तनेजा
  • 246

ऐसा बहुत कम होता है कि किसी का लिखा आप पहली बार पढ़ें और पहली बार में ही उसके लेखन के इस हद तक मुरीद हो जाएँ कि लव ...

मैत्रैयी पुष्पा अल्मा कबूतरी
by राज बोहरे
  • 264

    मैत्रैयी पुष्पा . अल्मा कबूतरी   पुस्तक समीक्षा- अल्मा कबूतरीरू कुछ सवाल, कुछ बातें पुस्तक - अल्मा कबूतरी लेखिका - मैत्रैयी पुष्पा   हमारे यहा जब किसी ...

बद्री नारायण: शब्दपदीयम्
by राज बोहरे
  • 252

बद्री नारायण: शब्दपदीयम् पुस्तक समीक्षा- ’ बद्री नारायण हिन्दी के एकमात्र ऐसे कवि है जो उलटबांसी नुमा कविता नहीं लिखते । वे जो लिखते है वह आम पाठक भी ...

नौशाद - भूमिका द्विवेदी अश्क
by राजीव तनेजा
  • 354

कई बार हम चाह कर भी अपने जज़्बातों पर काबू नहीं रख पाते और ज़हन में भारी कशमकश और हाँ.. ना से निरंतर जूझते हुए दिल के हाथों मजबूर ...

जितेन्द्र विसारिया-हादसा- राज बोहरे
by राज बोहरे
  • 219

जितेन्द्र विसारिया-हादसा- राज बोहरे    पुस्तक समीक्षा:                  अपने समय से मुठभेड़ करती  राजनारायण बोहरे  की  कहानियाँ                    -जितेन्द्र विसारिया पुस्तक: हादसा (कहानी संग्रह)/लेखक: राजनारायण बोहरे/प्रकाशन: ...

हिंदी साहित्य की पुरस्कार परंपरा
by Suryabala
  • 171

सूर्यबाला हिंदी साहित्य के लेखकों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है - एक, पुरस्कृत लेखक और दुसरा, अपुरस्कृत लेखक। मोटे तौर पर पुरस्कृत लेखक वे ...

हिन्दी उपन्यास और समाज -ड़ा0 ओमप्रकाश शर्मा
by राज बोहरे
  • 219

हिन्दी उपन्यास और समाज -ड़ा0 ओमप्रकाश शर्मा पुस्तक समीक्षा- पुस्तक-हिन्दी उपन्यास और समाज                                                                             प्रकाशक-अरावली पब्लिकेशन, दिल्ली           लेखक-ओमप्रकाश शर्मा                            

ऐसा क्यों होता है समीक्षा-राज बोहरे
by कृष्ण विहारी लाल पांडेय
  • 270

के बी एल पांडे हिंदी के प्रसिद्ध वैचारिक गीत कार  राजनारायण बोहरे  हिंदी के प्रसिद्ध गीत कारों की चर्चा चलने पर बहुत से ऐसे नाम अचर्चित रह जाते हैं ...

पवनकरण का ‘काव्य संग्रह‘ इस तरह मैं
by राज बोहरे
  • 201

पवनकरण का ‘काव्य संग्रह‘ इस तरह मैं   पुस्तक समीक्षा- सहज और उम्दा कविताऐंः इस तरह मैं राजनारायण बोहरे पुस्तक-इस तरह मैं ‘काव्य संग्रह‘                                       कवि-पवनकरण     प्रकाशक-मेघा बुक्स दिल्ली   ...

सूरज प्रकाश की 10 चर्चित कहानियाँ- सूरज प्रकाश
by राजीव तनेजा
  • 210

कई बार किसी का परिपक्व एवं बहुचर्चित लेखन पढ़ने को मिल जाता है कि पढ़ने के बाद आप  निशब्द हो..असमंजस एवं संकोच में पड़ जाते हैं कि इस पर ...

अनिल करमेले (कविता संग्रह) ईश्वर के नाम पर
by राज बोहरे
  • 219

अनिल करमेले (कविता संग्रह)   ईश्वर के नाम पर    पुस्तक समीक्षा- ईश्वर के नाम पर: द्वंद्व की कवितायें राजनारायण बोहरे पुस्तक-ईश्वर के नाम पर (कविता संग्रह)                            कवि-अनिल करमेले                                         प्रकाशक-पुस्तक ...

आखिरी जवाब -महेश राही
by राजनारायण बोहरे
  • 336

कहानी संग्रह               आखिरी जवाब महेश राही                             अलग शिल्प की कहानियाँ परिवेश विचार मंच मुरादाबाद-रामपुर ने कहानीकार महेश राही का कहानी संग्रह “आखिरी जवाब“ पिछले दिनों अपने ...

मन्नत टेलर्स:प्रज्ञा
by राज बोहरे
  • 243

मन्नत टेलर्स:प्रज्ञा हुनरमंद लोगों  का दर्द: पुस्तक-मन्नत टेलर्स लेखिका-प्रज्ञा प्रकाशक-साहित्य भण्डार इलाहाबाद "मन्नत टेलर्स " देहली की बेहद सचेष्ट कहानीकार प्रज्ञा की ग्यारह कहानियों का ऐसा संग्रह है , ...

एस.आर. हरनोट-दारोश तथा अन्य कहानियां
by राज बोहरे
  • 225

 पुस्तक समीक्षा-                                   दारोश तथा अन्य कहानियां-एस.आर.हरनोट लेखकों मे कुछ लोग अपने कोई पेन नेम या दुख सुख से जुडें नाम नही रखते, ऐसे लोगों का यह कदम उनके ...

उसके हिस्से का पुरूष- पुष्पा सक्सैना
by राजनारायण बोहरे
  • 234

पुस्तक समीक्षा-                उसके हिस्से का पुरूष- पुष्पा सक्सैना                           उसके हिस्से का पुरूष कहानी संग्रह अनिधा पुस्तक ...

उफ़्फ़ कोलकाता- सत्य व्यास
by राजीव तनेजा
  • 207

हर इनसान मुख्य रूप से कुछ बेसिक अनुभूतियों जैसे खुशी..दुख..प्रेम..बिछोह..डर और रोमांच से अपने जीवन में कहीं ना कहीं..कभी ना कभी रूबरू होता ही रहता है। इन्हीं अनुभूतियों का ...

गोस्टा तथा अन्य कहानियाँ - रामगोपाल भावुक
by राज बोहरे
  • 399

समीक्षा - गोस्टा तथा अन्य कहानियाँ रामगोपाल भावुक कहानियाँ काल विशेष की धरोहर होतीं है। उन्हें जब हम पढ़ते हैं तो वर्तमान को सामने रखकर पढ़ना शुरू करते हैं। ...

कबूला पुल महेंन्द्र फुसकेले
by राजनारायण बोहरे
  • 237

पुस्तक समीक्षा-                                      कबूला पुल महेंन्द्र फुसकेले                                        हिन्दी कहानी आज ...

मुख़विर - वेदराम प्रजापति ‘मनमस्त
by राज बोहरे
  • 447

उपन्यास-मुख़विर- राजनारायण बोहरे समीक्षा दृष्टि- वेदराम प्रजापति ‘‘मनमस्त’’ मनुष्य का महत्व इस बात में नहीं है कि वह कितना धनी, कितना यषस्वी, कितना बली अथवा उच्च पदासीन है बल्कि ...

उसकी जमीन-ज्ञानप्रकाश विवेक
by राजनारायण बोहरे
  • 252

उसकी जमीन ज्ञानप्रकाश विवेक        जिंदगी का तथ्य परक विष्लेषण    उसकी जमीन गजलगो ज्ञानप्रकाश विवेक की कहानियों का नया संग्रह है जो पिछले दिनों प्रकाशित  हुआ है। यह उनका ...

मुखबिर - रामगोपाल भावुक
by राज बोहरे
  • 351

उपन्यास-मुख़विर- राजनारायण बोहरे                                            डाकूजीवन पर एक बृहद उपन्यास                           कथाकार के आइने में मुखबिर उपन्यास                                     समीक्षक