Best humour stories in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

गधादेश का मंत्रीमण्‍ड़ल
by Alok Mishra

गधादेश का मंत्रीमण्‍ड़ल      गधादेश में अभी-अभी चुनाव हुआ है । जैसा की आप तो जाते ही है, आज कल अल्‍पमत सरकारों का जमाना  है । इसी से पता ...

Seven Days of Love
by SHAMIM MERCHANT
  • 111

"Aree…. All this is nothing, but foolish timepass for youngsters like you. There were no such extravagant days back then, when I was of your age."Grandma scolded me. I ...

सेब क्यों गिरा
by Alok Mishra
  • 153

सेब क्यों गिरा           एक दिन मैं यूॅ ही स्कूल के गलियारे में टहल रहा था । छुट्टी का समय होने के कारण छात्र-छात्राएँ भी ...

હસતા નહીં હો! - 18 - ગુણપત્રકના ગોટાળા
by પ્રથમ પરમાર
  • 276

    કોઈ વાંઢો પુરુષ રૂપાળી કુંવારી કન્યાની પાછળ ગાંડો થઈને તેને પામવા પ્રયત્ન કરે એટલા પ્રયત્નો કરવા છતાંય જ્યારે મને મારુ ગુણપત્રક ન મળ્યું ત્યારે મને ભર્તુહરિનું આ ...

क्यों लिखूं....?
by Alok Mishra
  • 357

   क्यों लिखूं....?          आपका ये नाचीज कभी-कभार अपने मन की बात लिखकर आप तक पहुंचा कर अपने मन के बोझ को कम करता रहता है, ...

ગુજરાતી કહેવતો અને તેનો અર્થ-ગમ્મત સાથે - 4
by Yuvrajsinh jadeja
  • 330

(1) ઘંટ ટાણે સરપ કાઢવો...● શાળામાં બાળકો રીસેસના સમયે બહાર નીકળ્યા હોય અને જેવો રીસેસ નો સમય પૂરો થવાનો ઘંટ વાગવાનો હોય કે મદારી કાકા પોતાના ડાબલા માંથી સરપ ...

चोलबे ना - 9 - इज्जतदार लेखक
by Rajeev Upadhyay
  • 207

  लेखक नामक प्रजाति के सदस्य अक्सर अकादमियों और मंत्रालय के अधिकारियों को कोसते रहते हैं। ये उनकी स्पष्ट राय है कि ये अधिकारी लेखकों को उनके जीते-जी सम्मान ...

रामलाल का सन्यास
by Alok Mishra
  • 312

रामलाल का सन्यास          अभी -अभी प्राप्त समाचार के अनुसार रामलाल जी ने राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है । रामलाल जी को ...

कस्बे का आई.सी.यू.
by Alok Mishra
  • 396

कस्बे का आई.सी.यू.          ये एक छोटा सा कस्बा है । इस कस्बे में एक सरकारी अस्पताल भी है । जहॉं कुछ डॅ़ाक्टर केवल इसलिए आ जाया करते है ...

पंछी उवाच
by Alok Mishra
  • 360

                  पंछी उवाच        ये जंगल बहुत ही अच्छा और सुंदर था । कल-कल करती नदियॉ , हरे-भरे पेड़ों से ...

ગુજરાતી કહેવતો અને તેનો અર્થ ગમ્મત સાથે - 3
by Yuvrajsinh jadeja
  • (11)
  • 754

(1) પ્રથમ ગ્રાસે મક્ષિકા● આપણે નક્કી કરી લીધું હોય કાલથી તો વજન ઉતારવા મહેનત કરવી જ છે, સવારે ઉઠતા વેંત કસરત કરશું , બહારનું જમવાનું બંધ , નાસ્તામાં બાફેલા ...

चोलबे ना - 8 - गाली ही आशीर्वाद है
by Rajeev Upadhyay
  • 351

मुझे भाषण देने की आदत जो है कि लोग देखा नहीं कि बस उड़ेलना शुरू कर देता हूँ। बस कुछ दोस्त मिल गये तो मैं लग गया झाड़ने। खैर ...

पुतला (व्यंग्य )
by Alok Mishra
  • 216

‘‘पुतला’’      मैं पुतला हूँ। यदि आप न समझें हो तो मैं वही पुतला हूँ, जो दशहरे में रावण के रूप में और होली में होलिका के रूप ...

गरीबी और गरीब ( व्यंग्य )
by Alok Mishra
  • 537

गरीबी और गरीब ( व्यंग्य )        गरीबी और मंहगाई दो बहनें आजादी के मेले में एक दूसरे का हाथ पकड़े भारत के पीछे-पीछे लग गई । ...

सत्य मोहे न सोहते ( व्यंग्य )
by Alok Mishra
  • 366

          सत्य मोहे न सोहते ( व्यंग्य )         बचपन से एक ही पाठ पढ़ा है ‘‘सत्य बोलो’’ क्योंकि ‘‘सत्यमेव जयते।’’ सत्य की विजय को ...

ગુજરાતી કહેવતો અને તેનો અર્થ ગમ્મત સાથે - 2
by Yuvrajsinh jadeja
  • 854

સહેજે વીચાર આવેલો કે કહેવતોનો વપરાશ કેટલો ઘટી ગયો છે ને "ગુજરાતી કહેવતો અને તેનો અર્થ ગમ્મત સાથે" લખેલું અને ખૂબ સારો પ્રતિસાદ મળ્યો એટલે હવે થોડી બીજી કહેવતો ...

चोलबे ना - 7 - फ्रैक्चर, प्लॉस्टर और चुनाव
by Rajeev Upadhyay
  • 333

अभी मैं उहापोह की स्थिति में पेंडुलम की तरह डोल ही रहा था कि चच्चा हाँफते हुए कहीं चले जा रहे थे। देखकर लगा कि चिढ़े हुए हैं। जैसे ...

व्हीप......व्हीप......व्हीप.... (व्यंग्य)
by Alok Mishra
  • 399

व्हीप......व्हीप......व्हीप....          ‘‘आज के समाचार यह है कि राम प्रसाद जो कि गधा पार्टी के नेता हैं, से सुअर पार्टी पर प्रहार करते हुये व्हीप.......व्हीप.......व्हीप कहा। ...

होली का दिन ( होली स्पेशल)
by RACHNA ROY
  • 876

दीपू होली के पहले दिन ही पापा के साथ जाकर तरह-तरह के रंग, पिचकारी, गुब्बारे सब कुछ खरीद कर ले आया।दीपू होली के पहले दिन ही पापा के साथ ...

यमराज का आगमन
by Alok Mishra
  • 477

यमराज का आगमन    अचानक एक धमाकेदार खबर सुर्खियाॅ बन गई । बनती भी क्यों न , खबर ही ऐसी थी । खबर आई कि यमदूत आने वाले है ...

होली कब है ?
by Alok Mishra
  • 504

होली कब है ?         रामलाल एक दिन बाजार में मिल गए । बाताे - बातों में वे बोले ''होली कब है ? हम सोचने लगे कि ...

उपवास कैसे रखें ....  (व्यंग्य)
by Alok Mishra
  • 396

उपवास कैसे रखें ......    व्यंग्य          अब साहब आपके ये दिन आ गए कि कोई  मुझ जैसा अदना सा व्यक्ति आपको यह बताए कि उपवास ...

चोलबे ना - 6 - राम को आईएसआई मार्का
by Rajeev Upadhyay
  • 624

इस बार के दशहरा में वो हुआ जो कभी भी नहीं हुआ था। जिसका सपना लोग सत्तर साल से देख रहे थे वो इस बार ‘पहली बार’ हो ही ...

दावत-अदावत (व्यंग्य )
by Alok Mishra
  • 636

 दावत-अदावत (व्यंग्य )          दावत शब्द सुनते ही लज़ीज पकवानों के की महक से मुंह में पानी आना स्वाभाविक ही है । शादी - ब्याह हो , ...

बिना मुद्दे की बकवास (व्यंग्य)
by Alok Mishra
  • 558

बिना मुद्दे की बकवास      ( व्यंग्य)    नमस्ते ....आदाब....सत्तश्रीअकाल....आज फिर शाम के छः बज रहे है और मैं खवीश हाजिर हुँ बिना मुद्दे की बकवास के साथ । आप को ...

धंधा मारा जाएगा
by किशनलाल शर्मा
  • 594

इक्कीसवीं सदी साइंस का जमाना।शिक्षा के प्रसार के साथ लोगो का ज्ञान बढ़ा है।लोग जागरूक हुए है और उनमें समझदारी आयी है।पहलेकी तरह लोग अज्ञानी और कूप मण्डूक नही ...

मन चिंती ते.....
by लता
  • 1.3k

       मार्चमध्ये कोरोना आला आणि लाॅकडाऊन सुरू झाले. तेव्हापासून आम्ही सगळे घरीचं अडकलो होतो.ते बंद दार आणि वर्क फार्म होम करून जीव मेतकुटीस आला होता. घरात बायको,मी ...

2 મિનીટ માં રેડી...
by Bansi Modha
  • (18)
  • 1k

બંસી મોઢા..????પત્ની: વાહ! સરસ રેસ્ટોરન્ટ માં લાવ્યા હોપતિ: સારું ચાલ ધક્કો મારપત્ની: અરે આટલાં બધાં લોકો ની વચ્ચે તમને ધક્કો કેમ મારું? ઘર થોડું છે આ?પતિ: અરે ભાગ્યવાન! આ ...

मेरी कीमत क्या है ? (व्यंग्य)
by Alok Mishra
  • 534

मेरी कीमत क्या है ?      (व्यंग्य)        हम  ठहरे एक आम आदमी ........नहीं ... नहीं , जनता..... अरे......नहीं...... फिर राजनैतिक हो गया । खैर आप ...

How are you, Mr. Khiladi ?
by BRIJESH 'PREM' GOPINATH
  • 984

देर रात शिफ्ट पूरी कर घर पहुंचा तो हालत देखकर भौंचक्का रह गया.ऐसा लगा मानो भूकंप आया हो.एक जूता बाथरूम के पास तो दूसरा किचन के दरवाज़े पर,अख़बार के ...