Best Poems Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. They...Read More


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  • ગરીબ ના દિલ ની વાત

    કોણે કીધું ગરીબ છીએકોને કીધું છીએ અમે રાંકતમે કદી માપ્યા નથી અમારા હદય ના આંકગરી...

  • नियति

    पेड़ों पर फलने वाले फलों से लेकरउन पर बसने वाले पंछियों तक को हर कोई चाहता हैतो...

  • स्त्री का सृजन

    ईश्वर ने स्त्री का सृजन किया, देवी स्वरूप में पूजे जाने के लिए? ममता का अमृत बरस...

હું અને મારા અહસાસ - 92 By Dr Darshita Babubhai Shah

વ્રતના દોરાઓ વડે ભગવાનને પ્રસન્ન કરવાનું બંધ કર્યું. હું મારી જાતને અને મારા પ્રિયજનોને હેરાન કરવાનું બંધ કરીશ.   અંધકારથી ડરશો નહીં, કોઈની પાસેથી આશા રાખશો નહીં. મેં નાની નાન...

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ગરીબ ના દિલ ની વાત By Shreya Parmar

કોણે કીધું ગરીબ છીએકોને કીધું છીએ અમે રાંકતમે કદી માપ્યા નથી અમારા હદય ના આંકગરીબ હોઇશું અમે પૈસા થીદિલ ના અમે દિલદાર કટકો રોટલો ખાઈ ને પણ રહીએ અમે શાનદારમહેમાન મારો ભગવાન ને ભગવાન...

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में और मेरे अहसास - 98 By Dr Darshita Babubhai Shah

मन्नत के धागों से ख़ुदा को मनाना छोड़ दिया l अपने और अपनों के लिए सताना छोड़ दिया ll   अँधेरों से न घबराना, किसीसे आश भी नहीं रखते l छोटी छोटी बातों को दिलसे लगाना छोड़ दिया l...

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नियति By Preeti

पेड़ों पर फलने वाले फलों से लेकरउन पर बसने वाले पंछियों तक को हर कोई चाहता हैतो उन्हीं पेड़ों से टूट कर मुरझाते हुएझड़ने वाली पत्तियों से इतना बैर क्यूं?हाय कितना कूड़ा फैल गया! पत...

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स्त्री का सृजन By Preeti

ईश्वर ने स्त्री का सृजन किया, देवी स्वरूप में पूजे जाने के लिए? ममता का अमृत बरसाने के लिए? नहीं! औरत अस्तित्व में आई उसके पीछे भी ईश्वर रूपी पुरुष का अपना स्वांग था। पुरुष का पौरु...

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آواز By Dr Darshita Babubhai Shah

بے روزگاری اور مہنگائی کا سوال اب بھی کھڑا ہے۔ جواب دینے جائیں تو معاملہ بہت بڑا ہے۔   اس پر آواز اٹھانے والا ملک میں کوئی نہیں۔ جدھر دیکھو پورا نظام بالکل بوسیدہ ہے۔   ر...

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સમય ( કવિતા ) By Ink Writer

સમય ની વાત સમય સમય ની વાત છેકોઈક વાર ખુશી તો કોઈક વાર ગમ છે આજ ની ઘડી છે જીવવાની બાકી ભૂતકાળ નો અફસોસ ને ભવિષ્ય ની ચિંતા તો રહવાની જ છે બાળપણ તો ચાલ્યો ગયું દોડાદોડી ને ભાગભાહી માં...

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मी आणि माझे अहसास - 83 By Dr Darshita Babubhai Shah

बेरोजगारी आणि महागाईचा प्रश्न आजही कायम आहे. उत्तर द्यायला गेलं तर मुद्दा फार मोठा आहे.   यावर आवाज उठवणारे देशात कोणी नाही जिकडे पाहावे तिकडे संपूर्ण यंत्रणा पूर्णपणे कुजलेली...

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काव्यांजलि, कविता संग्रह - 3 By Bhupendra Kuldeep

यह कृति मन से उपजी हुई भावनाएँ है जिसे काव्य के रूप में अर्थ दिया गया है। इस संग्रह में विभिन्न् विषयों वाले काव्यों का संकलन है। यह आवश्यक नहीं है कि मेरी सभी भावनाओं से आप सब सहम...

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शायराना फिज़ा... 2 - किस्से, तेरे-मेरे। By Utpal Tomar

~किस्से तेरे-मेरे ~कुछ किस्से बुनूं, तेरे और मेरे ,कुछ ख्वाब देखू जिनमें, मैं हूं और तू हो लिखूं कुछ कहानी तेरी और मेरी कोई सफर तय करूं, मुझसे जो तुझ तक हो, एक ऐलान करूं, जिसमें ना...

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HAPPINESS - 87 By Dr Darshita Babubhai Shah

The question of unemployment and inflation still stands. If you go to answer then the issue is very big.   There is no one in the country who will raise voice that Everywhere...

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अधूरे प्यार की कहानी - 3 By Jay Khavada

घर माइक्रोसॉफ्ट 365विषय संदेश पर जाएं️ लोकतंत्र प्रेम की एक अधूरी कहानीचर्चा विकल्प कुर्ता1605तांबे का योगदानकर्ता‎अप्रैल 28 2021 03:41 पूर्वाह्न️ लोकतंत्र प्रेम की एक अधूरी कहानी...

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कुएं का मेंढक By Choudhary SAchin Rosha

"कुएं का मेंढक” तीन कविताओं का संग्रह है. क्या है, कैसी है यह तो आप पाठकगण ही बताएं तो अच्छा रहेगा . मैं तो बस आशा कर सकता हूं कि आपको यह संग्रह पसन्द आवें.
तो करो "अभी पढ...

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प्रेरक कविताएँ By Er.Vishal Dhusiya

1 पापा मेरे पापा मेरे सुबह सूरज निकलने से पहले घर छोड़ देते मेरे खुशियों के खातिर दिनभर हैं भटकते शाम को सूरज ढलने के बाद हैं घर लौटते कितना ख्याल रखते हैं मेरा पापा मेरे खुद पहनकर...

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कविता संग्रह By Ankush Shingade

MATITLYA KAVITAमातीतल्या कविताप्रकाशक निर्मला शिंगाडे मो नं ९३७३३५९४५०कवी अंकुश शिंगाडे१२२ बी गजानन नगर भरतवाडा कळमना मार्केट रोड नागपूर ४४००३५ मो नं ७२७६८१७१९७अक्षरजुळवणी अंकुश शि...

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ADHURA ISHQ By Raj_tells

1. सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ याजितना था वो काफी ना था,नहीं समझ पाया तो समझा दिया होताया जितना समझ पाया वो काफी ना था,शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहींप्यार है तो कभी जमान...

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خوبصورتی کی خوبصورتی By Dr Darshita Babubhai Shah

آج ہم خوبصورتی کی خوبصورتی کو اپنے دل کے مواد سے دیکھتے ہیں۔ آئیے محفل میں رہیں اور نظریں بچا کر دیکھتے رہیں۔   مجھے قسمت پر بھروسہ ہے، میں تمہیں دیکھوں گا، میرے دوست. آئیے تھ...

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शब्दों की बारात By Preetam Gupta

~कोई ख्याल बचा कर रखो प्रीतम ~ इरादे उम्मीदों के, सख़्त लगते हो, तुम मुझे मेरा, बुरा वक्त लगते हो    होठों पर नज़र, नहीं जाती है क्या, माथा चूम कर, क्यू गले लगते हो.   यार लहज़ा ऐस...

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आह्वान प्रेम का - 1 By Choudhary SAchin Rosha

आह्वान प्रेम का1. तेरी यादों को मैं कितना भुलाऊं,बेझिझक चली आती है चाहे मैं बुलाऊं या न बुलाऊं और हाल दिल का तुझे मैं क्या बताऊं अब रहा नहीं जाता, तुझसे मिलने का बेसब्री से दिल चाह...

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آنکھ مارنا By Dr Darshita Babubhai Shah

سردیوں کے دن اپنے رنگ دکھانے لگے ہیں۔ لوگ گھروں میں محصور ہوکر دن گزارنے لگے ہیں۔   بے رحم موسم نے سارے جسم کو ٹھنڈا کر دیا تھا۔ اگرچہ ہم تذبذب کا شکار ہیں لیکن ہم نے ایک دوسر...

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POEM By Vishram Goswami

कुछ पल   कभी-कभी कुछ पल मन को, बहुत दूर ले जाते हैं परिचित सी मधुर आवाजों से, मीठा अहसास कराते है। दिल करता हैं यूं ही सैर करते, बहुत दूर निकल जाऊं मैं, भागम-भाग के दौर से, कही उन्...

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એક મુલાકાત - જીવનભરનો સાથ By Shreya Parmar

એની ને મારી એ પહેલી મુલાકાતનાજુક નમણી નાર ને ગુલાબી એના ગાલનાકે પહેરી નથણી ને કામણગારી ચાલઆંખો જાણે મોતી ને કપડે તિલક લાલમસ્ત મજાના હોઠ એના હોઠ પર એના સ્મિતલાગે જાણે આવી પડ્યું વગર...

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आज फिर मुझे नज़र आई वो... By Utpal Tomar

~उनसे बिछड़ना था~तन्हा होना था, सुकून पाना था खुद से मिलना था, सो उनसे बिछड़ना था lआवारा फिर ना था, गिर के संभालना था सबसे लड़ना था ,सो उनसे से बिछड़ना था l याद करना था, वह क्या था...

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نیا سال‎ By Dr Darshita Babubhai Shah

نیا سال آ گیا ہے، اس کا لطف اٹھائیں! آج ہی اپنے گھر اور آنگن کو پھولوں سے سجائیں۔   نئی توانائی سے بھریں، نئے شعور سے بھریں۔ خوبصورت رنگین رنگولی بنائیں   نئے سال کو خوش...

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अवध में राम आएँगे By Er.Vishal Dhusiya

1 फूलों से सजादो राहों को फूलों से सजा दो राहों को भगवान आएँगे फूलों से सजा दो राहों को भगवान आएँगे एकबार फिर इस धरतीपे प्रभु श्रीराम आएँगे एकबार फिर इस धरती पे प्रभु श्रीराम आएँगे...

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बेफिक्री लड़की By K T

1] अजीब सी लड़की..मैं हूं लड़की अजीब सी.....सुनती तो सबकी, मगर करती सिर्फ अपने मन की हूं..जब भी बारिश आती है, तो मैं सब कुछ भूल कर पूरे मन से भीगती हूं..तेज हवाओं में भी, झूम के चल...

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جام پیو By Dr Darshita Babubhai Shah

کرشنا نے جمنا کے کنارے رادھا کے ساتھ راس کھیلا۔ سخی سہیار کرشن راس کھیل رادھا کے ساتھ   ورنداون میں محبت کا عادی اپنے نیک ارادوں کو بھول جاتا ہے۔ گوپ گوپیوں نے رادھا کے ساتھ ک...

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आंसू By Devansh

आंसू आंसू की बात करती है दुनिया कुछ लोग बिन आंसू रोते हैं...  अकेले में खुद को ही वो टोहते हैं।   टोहते है वो खुद को, वो देखे मन में रोते खुद को, अकेले में खुद को ही वो टोहते हैं।...

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હું અને મારા અહસાસ - 92 By Dr Darshita Babubhai Shah

વ્રતના દોરાઓ વડે ભગવાનને પ્રસન્ન કરવાનું બંધ કર્યું. હું મારી જાતને અને મારા પ્રિયજનોને હેરાન કરવાનું બંધ કરીશ.   અંધકારથી ડરશો નહીં, કોઈની પાસેથી આશા રાખશો નહીં. મેં નાની નાન...

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ગરીબ ના દિલ ની વાત By Shreya Parmar

કોણે કીધું ગરીબ છીએકોને કીધું છીએ અમે રાંકતમે કદી માપ્યા નથી અમારા હદય ના આંકગરીબ હોઇશું અમે પૈસા થીદિલ ના અમે દિલદાર કટકો રોટલો ખાઈ ને પણ રહીએ અમે શાનદારમહેમાન મારો ભગવાન ને ભગવાન...

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में और मेरे अहसास - 98 By Dr Darshita Babubhai Shah

मन्नत के धागों से ख़ुदा को मनाना छोड़ दिया l अपने और अपनों के लिए सताना छोड़ दिया ll   अँधेरों से न घबराना, किसीसे आश भी नहीं रखते l छोटी छोटी बातों को दिलसे लगाना छोड़ दिया l...

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नियति By Preeti

पेड़ों पर फलने वाले फलों से लेकरउन पर बसने वाले पंछियों तक को हर कोई चाहता हैतो उन्हीं पेड़ों से टूट कर मुरझाते हुएझड़ने वाली पत्तियों से इतना बैर क्यूं?हाय कितना कूड़ा फैल गया! पत...

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स्त्री का सृजन By Preeti

ईश्वर ने स्त्री का सृजन किया, देवी स्वरूप में पूजे जाने के लिए? ममता का अमृत बरसाने के लिए? नहीं! औरत अस्तित्व में आई उसके पीछे भी ईश्वर रूपी पुरुष का अपना स्वांग था। पुरुष का पौरु...

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آواز By Dr Darshita Babubhai Shah

بے روزگاری اور مہنگائی کا سوال اب بھی کھڑا ہے۔ جواب دینے جائیں تو معاملہ بہت بڑا ہے۔   اس پر آواز اٹھانے والا ملک میں کوئی نہیں۔ جدھر دیکھو پورا نظام بالکل بوسیدہ ہے۔   ر...

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સમય ( કવિતા ) By Ink Writer

સમય ની વાત સમય સમય ની વાત છેકોઈક વાર ખુશી તો કોઈક વાર ગમ છે આજ ની ઘડી છે જીવવાની બાકી ભૂતકાળ નો અફસોસ ને ભવિષ્ય ની ચિંતા તો રહવાની જ છે બાળપણ તો ચાલ્યો ગયું દોડાદોડી ને ભાગભાહી માં...

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मी आणि माझे अहसास - 83 By Dr Darshita Babubhai Shah

बेरोजगारी आणि महागाईचा प्रश्न आजही कायम आहे. उत्तर द्यायला गेलं तर मुद्दा फार मोठा आहे.   यावर आवाज उठवणारे देशात कोणी नाही जिकडे पाहावे तिकडे संपूर्ण यंत्रणा पूर्णपणे कुजलेली...

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काव्यांजलि, कविता संग्रह - 3 By Bhupendra Kuldeep

यह कृति मन से उपजी हुई भावनाएँ है जिसे काव्य के रूप में अर्थ दिया गया है। इस संग्रह में विभिन्न् विषयों वाले काव्यों का संकलन है। यह आवश्यक नहीं है कि मेरी सभी भावनाओं से आप सब सहम...

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शायराना फिज़ा... 2 - किस्से, तेरे-मेरे। By Utpal Tomar

~किस्से तेरे-मेरे ~कुछ किस्से बुनूं, तेरे और मेरे ,कुछ ख्वाब देखू जिनमें, मैं हूं और तू हो लिखूं कुछ कहानी तेरी और मेरी कोई सफर तय करूं, मुझसे जो तुझ तक हो, एक ऐलान करूं, जिसमें ना...

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HAPPINESS - 87 By Dr Darshita Babubhai Shah

The question of unemployment and inflation still stands. If you go to answer then the issue is very big.   There is no one in the country who will raise voice that Everywhere...

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अधूरे प्यार की कहानी - 3 By Jay Khavada

घर माइक्रोसॉफ्ट 365विषय संदेश पर जाएं️ लोकतंत्र प्रेम की एक अधूरी कहानीचर्चा विकल्प कुर्ता1605तांबे का योगदानकर्ता‎अप्रैल 28 2021 03:41 पूर्वाह्न️ लोकतंत्र प्रेम की एक अधूरी कहानी...

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कुएं का मेंढक By Choudhary SAchin Rosha

"कुएं का मेंढक” तीन कविताओं का संग्रह है. क्या है, कैसी है यह तो आप पाठकगण ही बताएं तो अच्छा रहेगा . मैं तो बस आशा कर सकता हूं कि आपको यह संग्रह पसन्द आवें.
तो करो "अभी पढ...

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प्रेरक कविताएँ By Er.Vishal Dhusiya

1 पापा मेरे पापा मेरे सुबह सूरज निकलने से पहले घर छोड़ देते मेरे खुशियों के खातिर दिनभर हैं भटकते शाम को सूरज ढलने के बाद हैं घर लौटते कितना ख्याल रखते हैं मेरा पापा मेरे खुद पहनकर...

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कविता संग्रह By Ankush Shingade

MATITLYA KAVITAमातीतल्या कविताप्रकाशक निर्मला शिंगाडे मो नं ९३७३३५९४५०कवी अंकुश शिंगाडे१२२ बी गजानन नगर भरतवाडा कळमना मार्केट रोड नागपूर ४४००३५ मो नं ७२७६८१७१९७अक्षरजुळवणी अंकुश शि...

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ADHURA ISHQ By Raj_tells

1. सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ याजितना था वो काफी ना था,नहीं समझ पाया तो समझा दिया होताया जितना समझ पाया वो काफी ना था,शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहींप्यार है तो कभी जमान...

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خوبصورتی کی خوبصورتی By Dr Darshita Babubhai Shah

آج ہم خوبصورتی کی خوبصورتی کو اپنے دل کے مواد سے دیکھتے ہیں۔ آئیے محفل میں رہیں اور نظریں بچا کر دیکھتے رہیں۔   مجھے قسمت پر بھروسہ ہے، میں تمہیں دیکھوں گا، میرے دوست. آئیے تھ...

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शब्दों की बारात By Preetam Gupta

~कोई ख्याल बचा कर रखो प्रीतम ~ इरादे उम्मीदों के, सख़्त लगते हो, तुम मुझे मेरा, बुरा वक्त लगते हो    होठों पर नज़र, नहीं जाती है क्या, माथा चूम कर, क्यू गले लगते हो.   यार लहज़ा ऐस...

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आह्वान प्रेम का - 1 By Choudhary SAchin Rosha

आह्वान प्रेम का1. तेरी यादों को मैं कितना भुलाऊं,बेझिझक चली आती है चाहे मैं बुलाऊं या न बुलाऊं और हाल दिल का तुझे मैं क्या बताऊं अब रहा नहीं जाता, तुझसे मिलने का बेसब्री से दिल चाह...

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آنکھ مارنا By Dr Darshita Babubhai Shah

سردیوں کے دن اپنے رنگ دکھانے لگے ہیں۔ لوگ گھروں میں محصور ہوکر دن گزارنے لگے ہیں۔   بے رحم موسم نے سارے جسم کو ٹھنڈا کر دیا تھا۔ اگرچہ ہم تذبذب کا شکار ہیں لیکن ہم نے ایک دوسر...

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POEM By Vishram Goswami

कुछ पल   कभी-कभी कुछ पल मन को, बहुत दूर ले जाते हैं परिचित सी मधुर आवाजों से, मीठा अहसास कराते है। दिल करता हैं यूं ही सैर करते, बहुत दूर निकल जाऊं मैं, भागम-भाग के दौर से, कही उन्...

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એક મુલાકાત - જીવનભરનો સાથ By Shreya Parmar

એની ને મારી એ પહેલી મુલાકાતનાજુક નમણી નાર ને ગુલાબી એના ગાલનાકે પહેરી નથણી ને કામણગારી ચાલઆંખો જાણે મોતી ને કપડે તિલક લાલમસ્ત મજાના હોઠ એના હોઠ પર એના સ્મિતલાગે જાણે આવી પડ્યું વગર...

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आज फिर मुझे नज़र आई वो... By Utpal Tomar

~उनसे बिछड़ना था~तन्हा होना था, सुकून पाना था खुद से मिलना था, सो उनसे बिछड़ना था lआवारा फिर ना था, गिर के संभालना था सबसे लड़ना था ,सो उनसे से बिछड़ना था l याद करना था, वह क्या था...

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نیا سال‎ By Dr Darshita Babubhai Shah

نیا سال آ گیا ہے، اس کا لطف اٹھائیں! آج ہی اپنے گھر اور آنگن کو پھولوں سے سجائیں۔   نئی توانائی سے بھریں، نئے شعور سے بھریں۔ خوبصورت رنگین رنگولی بنائیں   نئے سال کو خوش...

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अवध में राम आएँगे By Er.Vishal Dhusiya

1 फूलों से सजादो राहों को फूलों से सजा दो राहों को भगवान आएँगे फूलों से सजा दो राहों को भगवान आएँगे एकबार फिर इस धरतीपे प्रभु श्रीराम आएँगे एकबार फिर इस धरती पे प्रभु श्रीराम आएँगे...

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बेफिक्री लड़की By K T

1] अजीब सी लड़की..मैं हूं लड़की अजीब सी.....सुनती तो सबकी, मगर करती सिर्फ अपने मन की हूं..जब भी बारिश आती है, तो मैं सब कुछ भूल कर पूरे मन से भीगती हूं..तेज हवाओं में भी, झूम के चल...

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جام پیو By Dr Darshita Babubhai Shah

کرشنا نے جمنا کے کنارے رادھا کے ساتھ راس کھیلا۔ سخی سہیار کرشن راس کھیل رادھا کے ساتھ   ورنداون میں محبت کا عادی اپنے نیک ارادوں کو بھول جاتا ہے۔ گوپ گوپیوں نے رادھا کے ساتھ ک...

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आंसू By Devansh

आंसू आंसू की बात करती है दुनिया कुछ लोग बिन आंसू रोते हैं...  अकेले में खुद को ही वो टोहते हैं।   टोहते है वो खुद को, वो देखे मन में रोते खुद को, अकेले में खुद को ही वो टोहते हैं।...

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