Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


Languages
Categories
Featured Books

કોર્પોરેટ ચક્કર - 1 By Ankit Maniyar

મહેશ એક રિલેશનશિપ મેનેજર હતો, પણ તેની ઓળખ માત્ર પદ સુધી સીમિત નહોતી. તેની ઓળખ હતી તેની મહેનત, તેની શાંતિ અને તેની ઈમાનદારી. શહેરની કોર્પોરેટ ઓફિસમાં બેઠો હોવા છતાં, તેનું જીવન ફાઇલ...

Read Free

पुरानी हेवेली का प्रेम By kajal jha

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ स...

Read Free

शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद By Prithvi Nokwal

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद...

Read Free

नेहरू फाइल्स - भूल-113 By Rachel Abraham

भूल-113 नेहरू और नेताजी का चोरी किया गया युद्ध खजाना कोई भी स्वतंत्रता सेनानी नेताजी जितनी धनराशि नहीं इकट्ठा कर सका। उन्होंने पूर्ववर्ती ब्रिटिश उपनिवेशों में अपने जापानी सहयोगियो...

Read Free

Republic Day By bhavesh

"ગૌરવ છે મને ભારતીય હોવાનો, ગર્વ છે મને મારા લોકશાહી દેશનો. હેપ્પી રિપબ્લિક ડે!""જેનો સૂરજ કદી આથમતો નથી, એવો મારો ભારત દેશ મહાન છે.""વિવિધતામાં એકતા એ જ અમારી શાન છે, એટલે જ તો મા...

Read Free

श्री कृष्ण द्वार हस्तिनापुर की राजसभा में शांति प्रस्ताव! By Prithvi Nokwal

श्रीकृष्ण द्वारा शांति प्रस्ताव संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)हस्तिनापुर की राजसभा सजी हुई थी। विशाल स्तंभों से सुसज्जित उस सभा में कौरवों और पांडवों के बीच चल रहे त...

Read Free

बलि का बकरा By Jeetendra

गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों...

Read Free

जीरो बेरोजगारी By Jeetendra

शहर की सुबह अब अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अजीब सी खामोशी से शुरू होती थी। निखिल अपनी बालकनी में खड़ा नीचे की सड़क को देख रहा था। सड़क बिल्कुल साफ थी, न कहीं कचरा, न कहीं ट्र...

Read Free

श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग By Prithvi Nokwal

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र...

Read Free

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिर By Prithvi Nokwal

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिरमहाभारत: जब धर्म पासों की चाल में उलझ गयाहस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असामान्य रूप से शांत था। आकाश में बादल घिरे थे, म...

Read Free

आजाद सवेरा By Jeetendra

 कोहरे की चादर ने पूरी घाटी को ढका हुआ था। दूर कहीं से आती हुई झरनों की आवाज सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। एक पुरानी लकड़ी की चौकी, जिसकी दीवारें समय की मार से काली पड़ चुकी थीं,...

Read Free

आज़मी साहब मीठा नहीं खाते By Dr Sandip Awasthi

संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब हमें चला रहा होता है। यह तो जगजाहिर  है कि मनुष्य पहले या धर्म पहले?  तो फिर कुछ लोग इ...

Read Free

પ્રેમનો બદલાવ By Mrugzal

|| # વિચારોનું વૃંદાવન # ||                                    !!! પ્રેમનો બદલાવ !!!                            રાજુ એટલે મારી ઓફિસનો એક પટાવાળો. શાહપુરના મારા ત્રણ વર્ષના નોકરીના...

Read Free

The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 4 By Miguel A Reyes Mariano

The Voodoo Halfworlds (series). Netherworlds Remembers – Ch.4Clark (2014), Dayan (1995), Fernández Olmos & Paravisini-Gebert (2017), Hebblethwaite (2015), and Nwokocha (2023) argue...

Read Free

युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण के बीच हुए संवाद पर आधारित ! By Prithvi Nokwal

यह महाभारत की कथाओं पर आधारित रचनात्मक संवाद है, जिसमें मूल भाव सुरक्षित रखे गए हैं।युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण का संवादकुरुक्षेत्र के युद्ध की विभीषिका से ठीक पहले...

Read Free

अधुरी चिट्ठी By kajal jha

अधूरी चिट्ठीगांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में राधा मैया रहती थीं। उम्र हो चली थी उनकी – साठ के पार। चेहरे पर झुर्रियां थीं, लेकिन आंखों में आज भी वही चमक जो बचपन में बेटे को गोद...

Read Free

నా కోసం రెండు అడుగులు By M C V SUBBA RAO

నా కోసం రెండు అడుగులు ఒరేయ్ ప్రసాదు… అమలాపురానికి బస్సు రిజర్వేషన్ చేయించు. ఇప్పటినుంచి చేయించుకోపోతే టికెట్లు దొరకవు. ఆఖరి సమయంలో వేలకు వేలు పోసి కొనుక్కోవాలి… అన్నాడు రామారావు ఉద...

Read Free

सपनों का कैनवस: एक जादुई हकीकत By khushboo

लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विचार, उसकी पसंद और जीने का तरीका सबसे अलग था, शायद इसीलिए लोगों से उसकी पटरी कभी नहीं बैठी। रिश्तों के...

Read Free

पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

Read Free

रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

Read Free

बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

Read Free

दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

Read Free

My Paranormal Incidents - 6 By Payal

Chapter 6. The creepy girl Now, this is when I transferred out of city somewhere else far from my birth place. Tho, I don't find people here too pleasant to talk to I've ad...

Read Free

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

Read Free

उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

Read Free

बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

Read Free

इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

Read Free

मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

Read Free

घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

Read Free

बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

Read Free

मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

Read Free

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

Read Free

बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

Read Free

सुबह का तारा By Rakesh Kaul

सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे शहरों या विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं | लिहाज़ा संयुक्त परिवा...

Read Free

युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद By Prithvi Nokwal

पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार में, न मान में , न अपमान में, न जीवन मे ,...

Read Free

खडकातलो झरो (मालवणी कथा) By Balkrishna Rane

खडकातलो झरोउगवती लाल झाली तशी पाखरा किलबिलाट करूक लागली. गार वारो भिरभिराक लागलो.सोबतीक फुलांचोवास परमळाक लागलो.उगवतीकडे शुक्राची चांदणी चमका होती.मालग्या सुतारनीच्या कोंब्यान कुकू...

Read Free

कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात By Bharti 007

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी दो कप चाय,और अनगिनत सपने रखे जात...

Read Free

जिंदगी की खुशी By manshi

क्या आप ने कभी सोचा है, कि कोई ऐसा भी होगा, जिसमें गुण तो बहुत हैं, पर वह किसी को बताता नहीं है। अपने गुण वह किसी को दिखलाता नहीं है। उसके साथ अन्याय होता है, पर वह उसे चुप करके सह...

Read Free

પ્રેમ સાથે સમજણ By Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ         સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ અંદરથી પોતાને કોશી રહ્યો હતો. હા આજે મીટિંગમાં કંપની ના સીઇઓ આવવાનાં હતાં, જે અં...

Read Free

पतंगों से लालटेन तक By Ankur Saxena Maddy

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों पर चढ़ते लोगों की चहल-पहल, और आसमान में पहले से तनी हुई डोरें—मानो शहर ने खुद को त्योहार के लिए...

Read Free

हिकमत और कमाई By Devendra Kumar

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. उसके लिये मैंने उबेर से एक टैक्सी मंगाई. मेरे मोबाइल पर ड्राईवर का नाम आया था असलम और ठी...

Read Free

ऐसा ही होता है By Rajeev kumar

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के उपर ब्रीज पर बैठना ज्ञान को बड़ा सुखद अनुभूति देता था। वह अपने नाक पे, श्वास पे तो अत्चाचार बर्दाश्त कर सक...

Read Free

ग्रे शेड्स By Dr Sandip Awasthi

      ________________________   लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स पर आप नहीं हैं तो मानो आपका अस्तित्व ही दुनिया...

Read Free

The Letter That Waited By Amrin Chunara

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed long enough to be seen. It wasn’t cleanliness she cared about—it was habit...

Read Free

प्रवास अनंता पर्यंतचा By Vrishali Gotkhindikar

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे मनात होते ती सकाळीच देऊन आलो काही कारणाने गावात त्या द...

Read Free

कन्यादान By Jeetendra

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी...

Read Free

કોર્પોરેટ ચક્કર - 1 By Ankit Maniyar

મહેશ એક રિલેશનશિપ મેનેજર હતો, પણ તેની ઓળખ માત્ર પદ સુધી સીમિત નહોતી. તેની ઓળખ હતી તેની મહેનત, તેની શાંતિ અને તેની ઈમાનદારી. શહેરની કોર્પોરેટ ઓફિસમાં બેઠો હોવા છતાં, તેનું જીવન ફાઇલ...

Read Free

पुरानी हेवेली का प्रेम By kajal jha

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ स...

Read Free

शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद By Prithvi Nokwal

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद...

Read Free

नेहरू फाइल्स - भूल-113 By Rachel Abraham

भूल-113 नेहरू और नेताजी का चोरी किया गया युद्ध खजाना कोई भी स्वतंत्रता सेनानी नेताजी जितनी धनराशि नहीं इकट्ठा कर सका। उन्होंने पूर्ववर्ती ब्रिटिश उपनिवेशों में अपने जापानी सहयोगियो...

Read Free

Republic Day By bhavesh

"ગૌરવ છે મને ભારતીય હોવાનો, ગર્વ છે મને મારા લોકશાહી દેશનો. હેપ્પી રિપબ્લિક ડે!""જેનો સૂરજ કદી આથમતો નથી, એવો મારો ભારત દેશ મહાન છે.""વિવિધતામાં એકતા એ જ અમારી શાન છે, એટલે જ તો મા...

Read Free

श्री कृष्ण द्वार हस्तिनापुर की राजसभा में शांति प्रस्ताव! By Prithvi Nokwal

श्रीकृष्ण द्वारा शांति प्रस्ताव संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)हस्तिनापुर की राजसभा सजी हुई थी। विशाल स्तंभों से सुसज्जित उस सभा में कौरवों और पांडवों के बीच चल रहे त...

Read Free

बलि का बकरा By Jeetendra

गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों...

Read Free

जीरो बेरोजगारी By Jeetendra

शहर की सुबह अब अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अजीब सी खामोशी से शुरू होती थी। निखिल अपनी बालकनी में खड़ा नीचे की सड़क को देख रहा था। सड़क बिल्कुल साफ थी, न कहीं कचरा, न कहीं ट्र...

Read Free

श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग By Prithvi Nokwal

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र...

Read Free

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिर By Prithvi Nokwal

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिरमहाभारत: जब धर्म पासों की चाल में उलझ गयाहस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असामान्य रूप से शांत था। आकाश में बादल घिरे थे, म...

Read Free

आजाद सवेरा By Jeetendra

 कोहरे की चादर ने पूरी घाटी को ढका हुआ था। दूर कहीं से आती हुई झरनों की आवाज सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। एक पुरानी लकड़ी की चौकी, जिसकी दीवारें समय की मार से काली पड़ चुकी थीं,...

Read Free

आज़मी साहब मीठा नहीं खाते By Dr Sandip Awasthi

संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब हमें चला रहा होता है। यह तो जगजाहिर  है कि मनुष्य पहले या धर्म पहले?  तो फिर कुछ लोग इ...

Read Free

પ્રેમનો બદલાવ By Mrugzal

|| # વિચારોનું વૃંદાવન # ||                                    !!! પ્રેમનો બદલાવ !!!                            રાજુ એટલે મારી ઓફિસનો એક પટાવાળો. શાહપુરના મારા ત્રણ વર્ષના નોકરીના...

Read Free

The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 4 By Miguel A Reyes Mariano

The Voodoo Halfworlds (series). Netherworlds Remembers – Ch.4Clark (2014), Dayan (1995), Fernández Olmos & Paravisini-Gebert (2017), Hebblethwaite (2015), and Nwokocha (2023) argue...

Read Free

युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण के बीच हुए संवाद पर आधारित ! By Prithvi Nokwal

यह महाभारत की कथाओं पर आधारित रचनात्मक संवाद है, जिसमें मूल भाव सुरक्षित रखे गए हैं।युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण का संवादकुरुक्षेत्र के युद्ध की विभीषिका से ठीक पहले...

Read Free

अधुरी चिट्ठी By kajal jha

अधूरी चिट्ठीगांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में राधा मैया रहती थीं। उम्र हो चली थी उनकी – साठ के पार। चेहरे पर झुर्रियां थीं, लेकिन आंखों में आज भी वही चमक जो बचपन में बेटे को गोद...

Read Free

నా కోసం రెండు అడుగులు By M C V SUBBA RAO

నా కోసం రెండు అడుగులు ఒరేయ్ ప్రసాదు… అమలాపురానికి బస్సు రిజర్వేషన్ చేయించు. ఇప్పటినుంచి చేయించుకోపోతే టికెట్లు దొరకవు. ఆఖరి సమయంలో వేలకు వేలు పోసి కొనుక్కోవాలి… అన్నాడు రామారావు ఉద...

Read Free

सपनों का कैनवस: एक जादुई हकीकत By khushboo

लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विचार, उसकी पसंद और जीने का तरीका सबसे अलग था, शायद इसीलिए लोगों से उसकी पटरी कभी नहीं बैठी। रिश्तों के...

Read Free

पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

Read Free

रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

Read Free

बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

Read Free

दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

Read Free

My Paranormal Incidents - 6 By Payal

Chapter 6. The creepy girl Now, this is when I transferred out of city somewhere else far from my birth place. Tho, I don't find people here too pleasant to talk to I've ad...

Read Free

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

Read Free

उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

Read Free

बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

Read Free

इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

Read Free

मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

Read Free

घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

Read Free

बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

Read Free

मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

Read Free

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

Read Free

बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

Read Free

सुबह का तारा By Rakesh Kaul

सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे शहरों या विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं | लिहाज़ा संयुक्त परिवा...

Read Free

युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद By Prithvi Nokwal

पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार में, न मान में , न अपमान में, न जीवन मे ,...

Read Free

खडकातलो झरो (मालवणी कथा) By Balkrishna Rane

खडकातलो झरोउगवती लाल झाली तशी पाखरा किलबिलाट करूक लागली. गार वारो भिरभिराक लागलो.सोबतीक फुलांचोवास परमळाक लागलो.उगवतीकडे शुक्राची चांदणी चमका होती.मालग्या सुतारनीच्या कोंब्यान कुकू...

Read Free

कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात By Bharti 007

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी दो कप चाय,और अनगिनत सपने रखे जात...

Read Free

जिंदगी की खुशी By manshi

क्या आप ने कभी सोचा है, कि कोई ऐसा भी होगा, जिसमें गुण तो बहुत हैं, पर वह किसी को बताता नहीं है। अपने गुण वह किसी को दिखलाता नहीं है। उसके साथ अन्याय होता है, पर वह उसे चुप करके सह...

Read Free

પ્રેમ સાથે સમજણ By Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ         સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ અંદરથી પોતાને કોશી રહ્યો હતો. હા આજે મીટિંગમાં કંપની ના સીઇઓ આવવાનાં હતાં, જે અં...

Read Free

पतंगों से लालटेन तक By Ankur Saxena Maddy

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों पर चढ़ते लोगों की चहल-पहल, और आसमान में पहले से तनी हुई डोरें—मानो शहर ने खुद को त्योहार के लिए...

Read Free

हिकमत और कमाई By Devendra Kumar

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. उसके लिये मैंने उबेर से एक टैक्सी मंगाई. मेरे मोबाइल पर ड्राईवर का नाम आया था असलम और ठी...

Read Free

ऐसा ही होता है By Rajeev kumar

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के उपर ब्रीज पर बैठना ज्ञान को बड़ा सुखद अनुभूति देता था। वह अपने नाक पे, श्वास पे तो अत्चाचार बर्दाश्त कर सक...

Read Free

ग्रे शेड्स By Dr Sandip Awasthi

      ________________________   लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स पर आप नहीं हैं तो मानो आपका अस्तित्व ही दुनिया...

Read Free

The Letter That Waited By Amrin Chunara

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed long enough to be seen. It wasn’t cleanliness she cared about—it was habit...

Read Free

प्रवास अनंता पर्यंतचा By Vrishali Gotkhindikar

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे मनात होते ती सकाळीच देऊन आलो काही कारणाने गावात त्या द...

Read Free

कन्यादान By Jeetendra

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी...

Read Free