बारह बरश का इंतज़ार - 4

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किटी... अंकित ने धीरे से कहा “ …कुसुम ने अपनी आंखें खोल दी ! “हम्म।” कुसुम ने धीरे से जवाब दिया ! “तुमने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया।”“क्यों  किया? तुम जवाब देना नहीं चाहती?”“नहीं।”“क्यों?”“पता नहीं।”“नाराज़ हो?”“नहीं।”“मुझसे बात नहीं करना चाहती?”“पता नहीं।”“मुझसे कोई गलती हुई है क्या?”“नहीं।”“तो फिर तुम ऐसे क्यों बिहेव कर रही हो!”अंकित की आवाज़ तेज़ हो गई ! और वो उठकर खड़ा हो गया। उसने कुसुम को अपनी क़रीब खींच लिया। अब दोनों ही एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे। अंकित ने अब भी कुसुम की कलाई नहीं छोड़ी थी। कुसुम अपनी कलाई छुड़ाने की कोशिश कर रही