अधूरापन - 9

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अध्याय - 9अमृता अपने बेडरूम में दाखिल हुई। कमरे में कदम रखते ही उसके मन में विचार आया कि राजेश के मुंह से उसने कभी माफी शब्द नहीं सुना था, और आज अचानक पहली बार वह यह शब्द सुन रही थी, इसीलिए आधी तो वह ऐसे ही पिघल गई थी। अब तक बर्फ बनकर जी रही थी और परिवार को ठंडक दे रही थी, फिर भी उसकी कोई कद्र नहीं करता था; लेकिन आज अमृता अचानक राजेश के प्यार से पिघल गई थी। हर शादीशुदा औरत अपने पति के मुंह से ज़रा सी भी प्यार भरी बात सुन ले, तो