अधूरापन - 24

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अध्याय-२४शोभाबहन एकदम गुस्से में घर के गेट से बाहर निकल गईं और बहुत तेज़ी से चलने लगीं। घर के बाकी सदस्य शोभाबहन के इस कदम को समझ पाते, उससे पहले ही वह गुस्से में काफी दूर निकल चुकी थीं।शोभाबहन के इस अप्रत्याशित रवैये से सब असमंजस में थे कि क्या बोलें या क्या करें, सिवाय अमृता के... अमृता ने हनी को राजेश के हाथों में सौंपा और खुद भी अपनी सास के पीछे दौड़ लगा दी। "मम्मी... मम्मी..." करती हुई अमृता उनके पास पहुँच गई और उनसे ढेरों सवाल पूछने लगी, "कहाँ जाना है मम्मी आपको? क्यों ऐसे अचानक बाहर