अधूरापन - 28

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अध्याय-२८रमेशभाईने जैसे ही बात की, सभी बड़ों ने कहा, "वाह! यह तो आपने बहुत सुंदर प्रस्ताव दिया है।" सबने विस्तार से सभी के बायोडाटा मैसेज करने को कहा और फिर सभी प्रसाद लेने बैठ गए। उत्सुकता से भरा आज का दिन बस ऐसे ही पूरा हुआ। अमृता के याद दिलाने के बाद रमेशभाई ने बायोडाटा के साथ ही हनी की बात भी स्पष्ट रूप से बता दी थी।तीनों बहनें एक-दूसरे को अपनी-अपनी भावनाएँ बता रही थीं। सब अपने-अपने मन की बात कर रहे थे। भव्या बोली, "यार! प्रिंस को देखकर सचमुच ऐसा लगा जैसे वह वाकई कोई राजकुमार (प्रिन्स) ही