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जब खामोशी ने सवाल पूछा पाँच साल बाद…मुंबई अब भी वही थी—भागती हुई, शोर से भरी हुई...
कहते हैं, प्यार कभी दूरियों का मोहताज नहीं होता—वह बिना पास आए भी किसी को बेहद क...
मीठे नमकीन दलिया 1 . इसिडुडु ...
---कहानी - गाँव नहीं, भूतों का भंडारमैं हूँ रोहन शेखर, मैं 10वीं जमात का छात्र ह...
अध्याय १: धूल, पुरानी किताबें और एक अजनबी आवाज़अम्बरपुर शहर में समय जैसे सुस्तान...
part - 1सुबह के छह बज रहे थे।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज...
उत्तराखंड के छोटे से शहर कोटद्वार में अमन का बचपन एक साधारण लेकिन स्नेहभरे माहौल...
ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमारी अक़्ल और समझ से बाहर होती है...
ट्रिपलेट्स भाग 1 अमर – प्रेम – राजअध्याय 1 : अंधेरी रात, एक माँ और अधूरा सचबरसात...
Part .1 गाँव की सुबह हमेशा की तरह शांत थी। हल्की धूप खेतों पर फैल रही थी, हवा...
शहर का सबसे बड़ा वृद्धाश्रम जिसका नाम कुटुम्ब है,जहाँ बहुत से वृद्धजन रहते हैं,उनमें महिलाएंँ और पुरुष दोनों ही शामिल हैं,सभी हँसी खुशी उस आश्रम में रहते हैं,किसी वृद्ध महिला को उसक...
यह कहानी मेरी कल्पना हैं और काल्पनिक हैं पूरी तरह से। इसका किसी सच्चाई से कोई वास्ता नहीं। बचपन में अक्सर हम जिद्द करते थे की हमें कहानियां सुनाइए और हमारे बड़े बूढ़े या यूं कहे...
सीढ़ियों से ऊपर की ओर भागती हुई एक लड़की रोती जा रही थी। ना ही उसे होश था ना ही आँसू रुक रहे थे। कॉरिडोर से होते हुए वोह एक कमरे में जा पहुँची। कमरे में दाखिल होते ही उसने अपने पीछ...
शाम का समय है, सूरज डूबने के लिए तैयार प्रतीत हो रहा है, उत्तरप्रदेश के मालपुरा गॉंव में खेतों की मुँडेर पर किशन और सोमेश बैठे हैं । किशन तो आराम से ढलते सूरज की तरफ देख रहा है तो...
1999, 27 साल की अनु सॉफ्टवेअर प्रोफेशनल, राजधानी में एक ऊंचे पद पर काम करती है। अकेली अपने शर्तों पर रहती है। पिता गोपालन केरल से हैं और मां निशिगंधा पुणे से। अनु की जिंदगी में मात...
हवलदार साठे बाकी के हवलदारों को जांच करने का बोल उस युवक को उठाते हुए एक कोने में ले जाते हैं। इधर इंस्पेक्टर विजय लाश को बड़े गौर से देखते हैं। दोनो का गला चीरकर बड़ी निर्ममता से उ...
कौन होगा जिसने अपनी पूरी जिंदगी में भूत पिशाच के बारे मे सुना ही नहीं होगा??? बोहोत कम लोग! नहीं उंगलीयो पर गिने इतने भी मुश्किल से मिलेंगे। पर क्या हो अगर किसी का वजूद ही एक पिशाच...
गीता एक नौकरानी है,जो लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा बरतन करके अपना और अपने परिवार का पेट पालती है,यूँ तो उसकी उम्र अठारह साल है लेकिन दुनिया को समझते समझते उसमें इतनी समझदारी आ गई है...
सुबह - सुबह पोस्टमैन एक चीट्ठी देकर गया है और देवेंद्र जी उसे लेकर देख रहे थे , उनके दिमाग में एक बात समझ नही आ रहा कि एकाएक विजय ने उन्हें चीट्ठी क्यों लिखा ? वैसे भी चीट्ठी के ऊप...
'डर, अजीब सा डर मेरे दिलो-दिमाग को दिमक की तरह अंदर से खा रहा है। 'रात' के इस काले अंधेरे में फैले खौफनाक सन्नाटे के बीच उस डर का असर कुछ ज्यादा ही हो रहा है. पर इस डर...
हम अभी भी ऐसे समाजमें रहते हैं जहां किसी अंजान रोगने इंसान को घेर लिया है | तो उसके निदान या इलाज के बारे में सोचना तो दूर की बात, वह मरीज़ को नफरत की नज़रो से देखा जाता है, उस व्यक...
मेरे चाचा ने एक महान खोज की उस घटनापूर्ण दिन के बाद से मेरे साथ जो कुछ भी हुआ है, उसे देखते हुए, I मैं अपने कारनामों की वास्तविकता पर शायद ही विश्वास कर पा रहा हूँ। वह थे वास्तव मे...
हनुवा धारूहेड़ा, हरियाणा से कई बसों में सफर करने, और काफी पैदल चलने के बाद जब नोएडा सेक्टर पंद्रह घर पहुंची तो करीब ग्यारह बजने वाले थे। मौसम में अच्छी खासी खुनकी का अहसास हो रहा था...
हिमाचल प्रदेश , शिमला । सुबह का वक्त । दूर पहाड़ों में सूरज निकल रहा था । ओस से भीगी पत्तियों पर जब सूरज की किरण पड़ रही थी तो ओस की बूंदें किसी हीरे की तरह चमकती हुई प्रतीत ह...
धमाके से बचा खतरनाक लड़का रात का समय था, आसमान में हल्के बादल थे, और चांदनी ज़मीन पर ठंडी रोशनी बिखेर रही थी। एक काले रंग का प्राइवेट जेट अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रहा था। जेट के अं...
एक लड़की बेड पर बडो अजीबो गरीब स्थिति में जबरदस्ती खुद को बिस्तर पर डाले हुई थी कराहने कि आवाजे लगातार आ रही थी अपने हाथ से पेट को बार बार सलहा रही थी शायद असहनीय दर्द कम पड जाय ले...
कहानी में बताए गए पात्र व स्थान काल्पनिक भी हो सकते हैं । लेखक ने इसका प्रयोग केवल कहानी के डर को बढ़ावा देने के लिए किया है । इस काल्पनिक कहानी को केवल कहानी के दृष्टि से पढ़े सच्चा...
शरीर की ताकत, मनकी ताकत, बुद्धि की ताकत, आत्मा की ताकत, ये चार प्रमुख ताकते (बल) है । इसके अलावा भी शक्तियां है । जैसे धन बल, अधिकार बल, छल बल, संख्या बल, ये सारी ताकते आत्मा की त...
(अब तक आपने देखा स्वप्निल और मीरा दोनों के एक दूसरे के खिलाफ इस तरह मानो किसी धागे के दो अलग-अलग सीरे, दोनों का अलग-अलग स्वभाव होने के कारण दोनों में अब तक काम के अलावा और कोई बात...
काव्या प्यार में विश्वास नहीं करती। उसका अपना परिवार है - उसके पिता और दोस्त और वह उनके साथ खुश है। एक दुर्घटना ने उसके जीवन में सब कुछ बदल दिया। उसे अपने सबसे अच्छे दोस्त के अतीत...
अमावस्या की अँधेरी रात ने बखरी सलोना अंचल को अपनी काली चादर तले समेट लिया था। समस्त बखरीवासी अपने-अपने झोपड़ों के अंदर गहन-निद्रा में खोये थे, परन्तु ड्योढ़ी में जाग थी। बखरी की स्...
कुछ रिश्ते ऐसे होते है की उसे कितना भी सजाके रखो, पर हाथ से छुट ही जाते है। ये कहानी एक लड़का और लड़की की दोस्ती की है। ऐसी दोस्ती जिसमे झगड़ा बहोत होता पर कभी मनाने की जरूरत नहीं...
एक बड़ी सी कार पुलिस स्टेशन के सामने रुकी और ड्राइवर ने उतरकर अपने मालिक के लिए कार का दरवाजा खोला,सूट बूट पहने हुए कार का मालिक पुलिस स्टेशन के भीतर पहुँचा,जैसे ही वो पुलिस स्टेशन...
काफ़ी सारी गुजराती कहानियों के बाद ये मातृभारती पर मेरी पहली हिंदी कहानी है। उम्मीद हैं कि हमारे पाठकों को गुजराती कहानियों के जैसे मेरी ये हिंदी कहानी भी पसंद आएगी। तो मेरी कहानी...
उर्वशी और पुरुरवा एक प्रेम कथा भूमिकाप्रेम मानवीय भावनाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। प्रेम एक भावना है। अतः किसी वस्तु की भांति इसे परिभाषित कर पाना कठिन है। इसे तो केव...
यह एक क्राइम, सस्पेंस सीरीज है, जिसमे एक हत्या के मामले की पड़ताल सीरीज (धारावाहिक) की मुख्य किरदार इंस्पेक्टर शिवानी शुक्ला करेंगी। यह कहानी मुख्यतः कल्पना पर आधारित है जीवंत करने...
सुबह खिड़की से आती सूरज की किरणों की वजह से रूम में चारो तरह रौशनी फैली हुई थी अपनी आँखों पर पड़ती हुई रौशनी से तंग आकर क़ाव्या ने धीरे से आँखे खोली आँखे खोलते हीं उसे अपनी बॉडी मे शा...
स्वर्णभूमि सोसायटी, रमा तीसरी मंजिल पर फ्लैट की बालकनी में बैठकर ऑफिस का कुछ काम निपटा रही थी। अभी-अभी सूर्योदय हुआ था। हल्की बौछार के बाद अचानक धूप के खिलने से मिट्टी की सौंधी...
"हटिए हटिए...... चलिए दूर होइए आप लोग।" कहते हुए कांस्टेबल चहल भीड़ को लाश से दूर हटाने लगा। इंस्पेक्टर अनिरुद्ध खत्री, कांस्टेबल चहल और एक लेडी कॉन्स्टेबल प्रीति पाटिल के...
परियों का पेड़ (1) राजू एक लकड़हारे का बेटा था | उसके पिताजी जंगल से पेड़ काटकर लकड़ियाँ लाते | फिर उन्हें बाजार में बेच देते | उसकी माँ लकड़ियों से ही कुछ खिलौने भी बना लेती थी, जिसे ब...
एक बार फिर विनय का फोन। अब तो मैं मोबाइल की तरफ देखे बिना ही बता सकती हूं कि विनय का ही फोन होगा। वह दिन में तीस चालीस बार फोन करता है। कभी यहां संख्या पचास पार कर जाती है। और इतनी...
वह अपनी इस नौकरी से तंग आ चुकी थी। अलबत्ता नौकरी में कोई कमी नहीं थी। एक एसी कार सुबह उसे लेने आती थी और शाम को घर छोड़ जाती थी। अच्छी खासी तनख्वाह थी। सैटरडे और सनडे ऑफ रहता था। क...
यह कहानी भानगढ़ के अभिशप्त किले को आधार बना कर लिखी गई है लेकिन पूर्णतः काल्पनिक है। कहानी- आज चारों परम मित्र फिर 6 महीने बाद summer vacation पर अपने गृह नगर जौधपुर में श्याम...
जिज्जी….. हमें अपने पास बुला लो…” बस ये एक वाक्य कहते-कहते ही कुंती की आवाज़ भर्रा गयी थी. और इस भर्राई आवाज़ ने सुमित्रा जी को विचलित कर दिया. मन उद्विग्न हो गया उनका, जैसा कि हमे...
जनवरी 1995 की एक सुबह... उत्तरी गोवा में स्थित वागातोर बीच की सुनहरी रेत पर बैठी सत्रह वर्षीय क्रिस्टीना समुंदर पर छाई धुंध को निहार रही थी। सफ़ेद रंग की सुंदर सी लॉन्ग फ्रॉक पहने,उ...
ह कहानी,, पूर्ण रुप से काल्पनिक है ।किसी भी जाति धर्म स्थान व्यक्ति से कोई संबंध नहीं रखती है ।इसे सिर्फ मनोरंजन की दृष्टि से लिखा गया है ।तो इसे सिर्फ मनोरंजन की दृष्टि से ही पड़...
हेल्लो दोस्तों कैसे है। रहस्मय जगह के बारे में और उनसे जुडी रहस्मय और डरावनी कहानियां उम्मीद करता हूँ आपको काफी पसन्द होगी। मै आपके सामने लेकर के आया हूँ । एक ऐसी ही भूतिया ,डर...
लेखक : इब्ने सफ़ी अनुवादक : प्रेम प्रकाश 1 तर्रवान की पहाड़ियां कई देशों की सीमाओं का निर्धारण करती थी । यह मख्लाकार पहाड़ियां अपने अंचल में एक ऐसी सुंदर घाटी रखती थीं कि उसका नाम ही...
नमस्कार दोस्तों मैं मुस्ताक अली शायर आप सभी का स्वागत करता हूं। सन 1940 में कोलकाता के रहने वाले नवाज हुसैन के घर एक लड़का पैदा होता है। नवाज हुसैन की यह तीसरी संतान थी। नवाज...
ब्लैक शर्ट, ब्लू जींस, आंखों पर काला चश्मा, स्टालिश बाल, कंधे पर बैग और हीरो साइकिल पर सवार होकर मानव अपने कॉलेज के लिए चल पड़ा था। यह उसके कॉलेज का पहला दिन था। हाल ही में स्कूल मे...
वो गर्मियों की एक ऐसी रात थी जिसमें देर तक पढ़ते रहने के बाद, मैं ये सोच के लेटा था कि सुबह देर तक सोता रहूँगा। पर एन उस वक़्त जब नींद सपने जैसी किसी चीज से टेक लगाकर रात काटना शुरू...
यह कहानी है, सुहानी और अनिकेत की। अनिकेत जो की अभी कॉलेज स्टूडेंट था जो बहुत ज्यादा शरारती और मस्तीखोर था उसकी इन्ही शरारतों के कारण उसके दादा जी उसकी शादी किसी नाबालिक लड़की से तय...
उन सभी लड़कियों के नाम जो पहले नहीं मिलीं! ज़िंदगी से यूं भी तमाम शिकायतें हैं मुझे. लेकिन उन तमाम शिकवों में से एक ये भी है कि ज़िंदगी मुझे तुमसे पहले नहीं मिलवा सकती थी. हालांकि ऐ...
रात के दो(2) बज रहे थे और रितिक अपने दोस्त अमर के साथ कार ड्राइव कर रहा था। कार तेज स्पीड के साथ अपने रास्ते पर भागी जा रही थी। चारो ओर गहरा अंधेरा पसरा हुआ था। आस पास ना तो कोई घर...
यह एक अनाड़ी और अंतर्मुखी लड़की की कहानी है जिसे अगवा कर 'स्वयंवधू' नामक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया। यह उसके लिए अमीर लोगों की मूर्खतापूर्ण आकर्षण के अल...
“अपने आप को समझते क्या हो तुम. कितनी देर से हुमारे पीछे पीछे चले आ रहे हो. ज़यादा दिमाग़ खराब हो तो बताओ ? बुलाती हूँ अभी प्रिन्सिपल को.” बड़े ही गुस्से मैं बोली थी रिया। इतने म...
हरिया ने एक नज़र जंगल में चरती अपनी भेड़ों पर डाली। सभी आराम से चर रही थीं। वह अपने खाने की पोटली लेकर चश्मे के पास चला गया। वहाँ एक पत्थर पर बैठकर उसने पोटली खोली। आज भी उसकी पत्न...
सुबह के 8:00 बजे थे और सना अब भी सोई हुई थी कि तभी Sara ने उसे आवाज दिया,सना कब तक सोएगी अब तो उठ जा सुबह के 8:00 बज चुके हैं और तू अब तक घोड़े बेच कर सो रही है और आज तुझे कॉलेज जा...
गहरी नींद में थीं वे, लगा कहीं दूर कोई गाना बज रहा है, पर जैसे जैसे नींद हलकी होती गयी, गाने का स्वर पास आता प्रतीत हुआ, पूरी तरह आँख खुलने के बाद उन्हें अहसास हुआ ये आवाज तो मेज प...
चूल्हे के सामने बैठी ताहिरा धीमे-धीमे रोती हुई नाक सुड़कती जाती और दुपट्टे के छोर से आँसू पोंछती जाती अंगारों पर रोटी करारी हो रही थी खटिया पर फूफी अल्यूमीनियम की रक़ाबी में रखी लह...
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