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LoveVersn – अध्याय 1एक अनजान सफरदिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा...
छोटे शहर का लड़का और वो पहली मुलाकातलखनऊ से करीब दो घंटे की दूरी पर बसा एक छोटा,...
एपिसोड 1: गुलाबी शहर की धूप और टोक्यो की यादेंदृश्य 1: जापान (टोक्यो) – निहाल का...
नया काव्य संग्रह -चरपाई की व्यथा *- डॉ वंदना शर्मा*कविता लिखना मेरे लिए शब्दों क...
रात का गहरा अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था।सड़क लगभग सुनसान थी।दूर-दूर तक कोई दिखा...
महाराणा प्रताप सिंह : बाल्यकाल व युवावस्था(1572-1597 ईसवी)बाल्यकाल एवं यौवनसांगा...
अध्याय 1: कलाई पर ठहरती कशमकश1.1 धुंध और धड़कनेंसुबह के ठीक पाँच बजे थे। उत्तर भ...
खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पू...
शहर की रंगीन रोशनियाँ भाग 01- (पहली नज़र का अहसास) ️ Written by H. K. Bha...
कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जो...
This is a drametical story on a human sense and comedy life. There are a many people of a different religions and different nature are live together in a society. And live with bro...
एक था ठुनठुनिया। बड़ा ही नटखट, बड़ा ही हँसोड़। हर वक्त हँसता-खिलखिलाता रहता। इस कारण माँ का तो वह लाड़ला था ही, गाँव गुलजारपुर में भी सभी उसे प्यार करते थे। गाँव में सभी आकर ठुन...
पेशेंस एक गुण है, खूबी है, जो एक शिकारी को जरूरत होती है, और वोह उसके पास भरपूर थी। वोह उसमे बहुत अच्छा था जिसमे उसे एक नाम, एक खिताब जीता था, 'द हंटर'। उसकी चतुराई और फुर्...
यह कहानी आलोक कुमार तिवारी की है जो कि इलाहाबाद का रहने वाला है आलोक कुमार दिल्ली यूनिवर्सिटी में अपनी शिक्षा प्राप्त करने आता है इसी दौरान उससे एक लड़की से प्यार हो जाता है एक बुरे...
आज मैं कोई कहानी नही बल्कि एक ऐसी सच्ची घटना के बारे में लिख रहा हूं जिसका प्रमाण वो ख़ुद है जो किसी और कि एक अनजाने में हुई गलती का परिणाम एक श्राप के रूप में आज भी भुगत रहा है। को...
आजकल बहुत बड़ा हीरो बन रहा है तू, कल हम तुझे बुला रहे थे और तू लड़की के साथ जा रहा था तो तूने पलट कर देखा भी नहीं अब बता बच कर कहां जाएगा? 4 लगभग 10 से 12 साल के बच्चे एक लड़के को...
ये एक एक शब्द इस कहानी को सार्थक करते है। ये कहानी है एक ऐसे आर्मी ऑफिसर की जो आदिवासी जाति से सम्बन्ध रखता था और अपनी मेहनत से उसने भारतीय आर्मी से जुड़ कर देश की सेवा करने का फैस...
PART 2 “dear स्तुति,तुम जानती हो किसी कारणवश मेरी पढ़ाई थोड़ी देर से सुरू हुई थी॥ काश, तुम थोड़ी बड़ी होती तो सीधा तुम्हारे पापा के पास सीधा रिस्ता लेके आता हमारी शादी के लिए but, I kn...
“अरे अंकल! चल रहे हैं “? राहुल ने पूछा। कहां चलना है, पूछने पर राहुल ने उत्तर दिया, “आपको पता नहीं है, दो दिन पहले राकेश अंकल गिर पड़े थे जिससे उनके कमर की हड्डी टूट गई थी, अस्प...
ये समूचा विश्व सिर्फ एक भावना के चलते गतिमान है वो है विश्वास, कहा जाता रहा है कि " मानो तो मैं गंगा माँ हूँ, न मानो तो बहता पानी"। पर आज यहाँ पर बात गंगा माँ को मानने या न...
चुड़ैल ? चुड़ैल क्या होती हैं ? बता सकता है तुम में से कोई क्या होती है यह चुड़ैल ? मैंने अपने दोस्तों से पूछा मुझे याद है यह उस दिन की बात है जब हम दोस्त मिलकर पूस की रात में जल...
इंस्पेक्टर सुखी सुबह के 6 बजे शुख की नींद में थे, कि अचानक उनके मोबाइल की रिंग बजी..आँखें मलते हुए..हाथ में मोबाइल लेकर बोले “नाम सुखी है लेकिन दुनिया शुख से रहने नहीं देती..इस मोब...
*"पार्ट-1"*रात के करीब दस बजे का समय था।हर तरफ खामोशी छाई हुई थी।"आह..... !आह....! मैं कहाँ हूं,मैं कौन हूँ ?!" कोलकाता शहर के आलीशान प्राइवेट सिटी हॉस्पिटल के एक ब...
होटल टाशकेंट के बाहर चारों तरफ बर्फ फैली हुई थी। सामने के पार्क में मरियल धूप का एक टुकड़ा बर्फ से लड़ने की कोशिश कर रहा था। सुशांत अभी ऊंघ रहा था। तय नहीं कर पा रहा था कि बिस्तर छोड़...
कशिश सीमा असीम (1) गर न होते आँसू आँखों में खूबसूरत इतनी आँखें न होती गर होता न दर्द दिल में कीमत खुशी की पता न होती जीवन में आगे आने की चाहत न होती गर होता मन में सकूँ औ करार वक़्त...
रात के कुछ बारह बज रहे होंगे नितिन के कमरे से कुछ आवाजें उसकी माँ को सुनाई दी " नितिन तुम क्या कर रहे हो " उसकी माँ ने बाहर से आवाज देते हुए पूछा । एकाएक अंदर से सभी च...
बचपन से ही भारतीय सेना के जवानों के लिए मेरे मन में बहुत आदर था। मेरे परिवार में कोई भी सेना में नहीं है। मैंने सिर्फ सिनेमा में सैनिकों के बहादुरी भरे कामों को देखा और हमेशा ही उन...
जबलपुर शहर की तूफानी अंधेरी रात में, एक लड़की खुद को बचाने के लिए हाथ में चाकू लिए बेतहाशा भागे जा रही थी क्योंकि कुछ लोग हाथों में बंदूक लिए उसका पीछा कर रहे थे। तेज़ बारिश में भा...
एक बड़े से आलीशान कमरे मे.... बिस्तर पर एक लड़की लेती हुई थी...... खिड़की के आती सूरज कि रौशनी उस लड़की के चेहरे पर पड़ने लगती है... और धीरे धीरे उस लड़की कि आँख भी खुलने लगती है.... ...
~आरंभ~पतझड़ के दिन अभी अभी खत्म हुए थे, अब मौसम का सफर बसंत ऋतु की सुगंध सेमहकती हवाओं की रवानगी की और बढ़ रहा था | यह कहानी भी कई सौ साल पहले इन्हीं दिनों शुरू हुई थी | यह वह समय...
"हैलो !इशिता" "हाय!पायल " "तेरी फाइटींग की ट्रेनिंग पूरी हो गयी" "हां!" "अब क्या करगी " "मैं सोशल वर्क करूंगी मां की यही इच्छा थी&#...
घड़ी की सुइयों के साथ भागता ये वक़्त कितना जल्दी - जल्दी ख़तम हो गया , हमें तो पता भी नहीं चला कब छुट्टियां ख़तम हो गई थी उन बगीचों में फूलों का खुशबू , तितलियों के साथ खेलना वो...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
दिन भर की थकी माँदी वो अभी अभी अपने बिस्तर पर लेटी थी और लेटते ही सो गई। म्युनिसिपल कमेटी का दारोगा सफ़ाई, जिसे वो सेठ जी के नाम से पुकारा करती थी। अभी अभी उस की हड्डियां पसलियां झ...
शोभना एक गृहणी हैं, जिसका लगभग सारा दिन घर के काम-काज में ही बीत जाया करता हैं । पति रघुनाथ की सरकारी नौकरी हैं, इसलिए सुबह 9 से शाम 6 बजे रोज ही घर से दफ्तर औऱ दफ्तर से घर तक का स...
यह कहानी के सभी पात्र और घटनाए काल्पनिक है, इसका किसी भी व्यक्ति या घटना से कोई संबंध नहीं है। इस कहानी का उद्देश्य किसी भी जाति धर्म आदि की भावनाओ को ठेस पहुंचाना नहीं है, यदि किस...
जंगल के बीचोंबीच एक पुरानी हवेली, जहाँ रात की स्तब्धता में कुछ चीख- पुकार सुनाई देती है। हवाओं की सनसनाती आवाजें उस हवेली से गुजरते हुए कुछ राज़ की बातें बयान करना चाहती हैं, लेकिन...
यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव बहुआपुर की रहने वाली लाजवंती की है ,लाजवंती 18 साल की थी। लाजवंती कुर्ती और अपने बदन पर हमेशा एक दुपट्टा लिए रहती थी । उसकी मां कुछ ह...
समय बीतने पर राजेन्द्र माया के साथ छेड़छाड़ भी करने लगा कभी वह माया के नितम्बो को सहला देता।कभी उसके गुलाबी होठो को चूम लेता।कभी माया को बांहों में लेकर गोद मे उठा लेता।माया ने राजेन...
कान्ता बार बार दरवाजे तक आती और घूंघट से झांक कर देखती पर दूर दूर भी कही सत्तू नहीं दिखाई दे रहा था। ये इंतजार की घड़ियां बढ़ती ही जा रही थी। शाम हो गई । सुबह से राह देखते देखते शा...
रात का सूरजमुखी मूल तमिल लेखक राजेश कुमार हिन्दी अनुवाद एस. भाग्यम शर्मा संपादिका रितु वर्मा तमिल लेखक राजेश कुमार इस कहानी के मूल तमिल लेखक राजेश कुमार है। आपने 50 वर्षों में डेढ़...
मेरी दिन मे दो बार धर्म पत्नी से बात होती थी अक्सर फोन मै ही करता था किन्तु एक दिन मोबाईल पर घंटी बजी टर्न..टर्न मैने देखा कि पत्नी का फोन.. मै खुश हुआ खुशी का कारण यह था कि जब भी...
श्रीमद्भगवद्गीता हिन्दुओं के पवित्रतम ग्रन्थों में से एक है। महाभारत के अनुसार कुरुक्षेत्र युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने गीता का सन्देश अर्जुन को सुनाया था। यह महाभारत के भीष्मपर्...
जादूगर जंकाल और सोनपरी बाल कहानी लेखक.राजनारायण बोहरे जादूगर जंकाल और सोनपरी बहुत पुरानी बात है। जब इस देश में जादूगर और परी, बहुत सारे राजा...
ग्वालियर संभाग के कहानीकारों के लेखन में सांस्कृतिक मूल्य 1डॉ. पदमा शर्मासहायक प्राध्यापक, हिन्दीशा. श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी (म0 प्र0) पुरोवाक् कहान...
नन्दपुर गाँव___ ओ..बेला की माँ !जरा सम्भालों तो अपने लाल को देखो तो बस,रोए ही जा रहा है, दयाशंकर ने अपनी पत्नी मंगला से कहा।। आती हूँ जी! तुम्हारा ही तो काम कर रही थीं, तुम्हा...
ये कहानी है दो ऐसे दिलो की जो मिल कर भी कभी मिल ना सके, इनकी कहानी पूरी होकर भी अधूरी थी,कहते है प्यार और रिश्ते में अगर सच्चाई ना हो तो वो धोखा ही कहलाता है चाहे वो प्यार "रूह...
जुहू के हाइट्स अपार्टमेंट के नीचे मीडिया का जमावड़ा लगा हुआ है और चैनल सैवन ट्रुथ की रिपोर्टर मिस शिवानी सिक्का अपने कैमरा पर्सन के साथ तेज बारिश में भीगते हुए आज जिस न्यूज़ को कवर क...
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।। — श्रीमद्भगवद्गीता संसार में दो प्रकार के पुरुष होते हैं। एक तो वह जो संसार के पीछे चलते हैं और...
मेरी मति मारी गयी थी कि पिछले साल मई की एक दुपहरिया में "मर्द उद्धार शिविर" में एक दोस्त के साथ पहुँचा शायद मेरे दोस्त ने मेरी बीवी के सामने मेरी बोलती बन्द जैसी हालत दे...
आज के अधिकांश लोग किसी न किसी संत या धर्म संस्थाओं से जुड़े हैं। यहाँ तक कि बहुत लोगों ने संतों से दीक्षा भी ले रखी है। परंतु देखने में आया है कि भजन करनेवालों की संख्या बहुत कम है।...
शाम होते ही मुझे घर में अकेलापन खाने को दौड़ता है इसलिए कॉलोनी के पार्क की ओर चल देता हूँ। आज भी शाम से ही पार्क में आ गया दो तीन चक्कर लगाये थक गया तो एक बेंच पर बैठ गया। काफी देर...
रमा शंकर पिछले 15 सालों से दीनदयाल के घर पर किराए से रह रहा था । रमा शंकर के पिता महादेव अपनी पत्नी गौरी के साथ गाँव में रहते थे, जहाँ उनका एक खेत था जिसमें उनके छोटे भाई का भी हिस...
----वो दोस्ती ही क्या जिसमें तक़रार न हो----वो दोस्ती ही क्या जिसमें प्यार न हो ,वो सफलता ही क्या जिसमें इन्तजार न हो , दोस्ती तो दो आत्माओं का मिलन है ,पर वो दोस्ती ही क्या जिसमें...
2 जन चर्चा में.शम्बूक अयोध्या में एक सुमत योगी नामके व्यक्ति निवास करते थे। उनके पिता जी योग साधना के अतिरिक्त पाण्डित्य कर्म में रत रहते थे। वे अष्टांग योग के ज्ञाता थे। उसी का...
विनोद की माँ हरिमती महेंद्र की माँ राजलक्ष्मी के पास जा कर धरना देने लगी। दोनों एक ही गाँव की थीं, छुटपन में साथ खेली थीं। राजलक्ष्मी महेंद्र के पीछे पड़ गईं - बेटा महेंद्र, इस...
वह दुल्हन के लिहाज में मंडप में आ गई थी, पिया पहले से बेहद खूबसूरत थी और अभी इस दुल्हन के पेहराव मैं तोह वह बेइंतहा खूबसूरत लग रही थी, मानो जैसे स्वर्ग से कोई अप्सरा यहाँ भूल से उत...
मूल लेखक राजेश कुमार राजेश कुमार यह उपन्यास तमिल उपन्यासकार राजेश कुमार जी का है। आपने अब तक डेढ़ हजार कहानियां और दो हजार उपन्यास लिख चुके हैं और निरंतर लिख रहे हैं। आपके पाठकों क...
प्राचीन युग से ही हमारे समाज में नारी का विशेष स्थान रहा है ,हमारे पौराणिक ग्रन्थों में नारी को पूज्यनीय एवं देवीतुल्य माना गया है , हमारी धारणा रही है कि देव शक्तियाँ वहीं पर निवा...
सुबह के 8:00 बजे हैं, लक्ष्मी अपने कमरे में बिस्तर पर लेटी हुई है, उसे बहुत तेज बुखार है, उसका बदन बुखार से बुरी तरह तप रहा है, वह उठना तो चाहती है, लेकिन उसकी हिम्मत साथ नहीं देती...
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