Hindi Books read free and download pdf online

You are at the place of Hindi Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. Hindi novels are the best in category and free to read online.


Languages
Categories
Featured Books

D J By Writer Digvijay Thakor

इस कहानी में ,

एक लड़की एक लड़के से बहुत प्यार करती है मगर उन दोनों के बीच एक रावण आ जाता है और दोनों के बीच इतनी गलत फेमिया भर देता है , इतनी गलत फेमिया भर देता...

Read Free

मम्मी पढ़ रही हैं By Pradeep Shrivastava

कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो?
- ठीक हूं शिवा, दिव्यांश का होमवर्क पूरा करा रही हूं, तुम बताओ तुम क्या कर रही हो?
- मैं बहुत टेंशन में हूं यार। आज सुबह ही तुम्हें फ़ोन करने वाली...

Read Free

नेपोलियन बोनापार्ट By Anarchy Short Story

शाल ओढ़े एक नवयुवती अंधेरे में टेण्ट के भीतर बैठी अपने शिशु को स्तनपान करा रही है। उसकी उजली छाती का आधा भाग शाल से ढका हुआ है तथा वह दूर से आती शेर की दहाड़ और पेड़-पौधों व पत्तों...

Read Free

उधड़े ज़ख़्म By Junaid Chaudhary

ये कहानी दो लेखकों की मोहब्बत पर आधारित है, जिसे लगभग 7 पार्ट में प्रकाशित किया जाएगा, लगातार अपडेट रहने के लिए फॉलो करें और अपने प्यार और दुआओं से नवाज़े, तो आइए शुरू करते हैं,हैलो...

Read Free

मृगतृष्णा तुम्हें देर से पहचाना By Ranjana Jaiswal

मैं जब भी आपके बारे में सोचती हूँ तो महात्मा गाँधी की शक्ल सामने आ जाती है। बुढ़ापे में आप लगभग उन्हीं की तरह लगते थे। खल्वाट सिर, लम्बी नासिका, छोटी आँखें, पतले होंठ और लम्बा दुबला...

Read Free

मैं वही हूँ! By Jaishree Roy

मैं वही हूँ! (1) मैं नया था यहाँ। नई-नई नौकरी ले कर आया था। इलाके की सभी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों की देख-रेख और मरम्मत की ज़िम्मेदारी थी मुझ पर। काम आसान तो नहीं था मगर मुझे पसंद...

Read Free

गुनाहों की सजा By Ratna Pandey

माही आज पहले दिन जब ऑफिस पहुँची तो सबसे पहले उसकी मुलाकात उस लड़के से हुई जिसकी तस्वीर कुछ दिन पहले ही उसके घर आई थी। उनके रिश्ते की बातें भी दोनों के माता-पिता के बीच चल रही थीं।...

Read Free

पलायन By Kishanlal Sharma

उसका मन अजीब सा हो रहा था।दिल उदास था।मन मे एक के बाद एक उटपटांग ख्याल आ रहे थे।दिन भर निठल्ला इधर उधर घूमने के बाद वह घर लौटा था।कमरे में आते ही उसे सालू की याद आने लगी
सालू आज...

Read Free

रंगीन कहानी By HARSH PAL

लखनऊ की गलियों में, जहाँ शाम की चाय की खुशबू हवा में घुली होती है, वहीं कॉलेज के बाहर एक लड़का, आरव, अपनी किताबों में खोया हुआ बैठा था। वह मेडिकल का छात्र था, अपने माता-पिता की उम्...

Read Free

होप इस हेल By kuldeep vaghela

होप इस हेलये एक काल्पनिक कथा है। जिसे रोचक बनाने के लिए कुछ वर्तमान प्रवाह, स्थान, संस्था, देश और अन्य उचित वस्तुओं का प्रयोग किया गया है। जिसका वस्तावमे हो रही घटनाओं के साथ संब...

Read Free

सचमुच तुम ईश्वर हो! By ramgopal bhavuk

व्यंग्य की तेजधर उच्छंखल समाज की शल्य-क्रिया करने में समर्थ होती है। आज के दूषित वातावरण में यहाँ संवेदना मृत प्रायः हो रही है। केवल व्यंग्य पर ही मेरा विश्वास टिक पा रहा है कि कही...

Read Free

फिर कौन था वो? By Shilpa Sharma

फिर कौन था वो? शिल्पा शर्मा (1) ‘‘याद है न तुम्हें, हमारी शादी को छह महीने हो गए हैं आज,’’ थके-हारे ऑफ़िस से लौटे पति को चाय थमाते हुए मीता ने बड़े उत्साह से कहा. ‘‘हम्म...’’ बड़ा...

Read Free

मेरी नजर से देखो By Rajat Singhal

मै एक नवीन लेखक अपनी इन लघु कहानियों से एक समाज की भिन्न - २ समस्याओ से ग्रस्त छवि को दिखाने का प्रयत्न करूँगा। मै हर समस्या के मध्य रह व मुझसे जूडे अनुभवो की भ्रांतियो को अपने लेख...

Read Free

जीवन का गणित By Seema Singh

शाम तक पूरा घर चमाचम हो जाना चाहिए नीतू! अवंतिका ने फिर से दोहराया। नीली सलवार, पीला कुर्ता, गुलाबी स्वेटर के साथ लाल दुपट्टा कंधे से ओढ़ कर कमर तक लपेटे, नीतू ठुमकती सी दरवाजे के...

Read Free

चुप्पी By Ratna Pandey

क्रांति एक ऐसी लड़की थी जिसे ऊपर वाले ने वह उपहार दिया था जो हर किसी के भाग्य में नहीं होता। वह बहुत ही तेज दौड़ती थी। वह जब भी टीवी पर लड़कियों या फिर लड़कों को हॉकी खेलते देखती, उ...

Read Free

The Vampire Hunter By Kahani ka Safar Pocket fm

अजीब अवाज़े अलेक्स अपने छोटे से गांव में एक साधारण और शांतिपूर्ण जीवन जी रहा था। वो हर सुबहा सूरज की पहली किरण के साथ उठता, खेतों में मेहनत करता और शाम को अपने दोस्तों के साथ समय बि...

Read Free

बेटी By Anil Sainger

मेरी शादी हुए पाँच साल हो गए हैं लेकिन मैं आजतक न तो अपने पति को और न ससुराल वालों को समझ पाई हूँ | सब कहते हैं कि दुनिया बदल रही है साथ ही हमारे देश की सोच भी बदल रही है | मगर मुझ...

Read Free

A Secret Letter By Hardik Chande

DISCLAIMERप्रस्तुत कथा संपूर्ण: काल्पनिक है। इसका किसी भी घटना, व्यक्ति, स्थान, समय, जाति, लिंग, धर्म से कोई संबंध नहीं है। ये कथा का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँचाना नह...

Read Free

बद्री विशाल सबके हैं By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

पंडित विभूति नारायण सर्दियों में क्षेत्र के यजमानों के पास आए थे।

उन्‍हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी सांस चलने लगी थी वे ठीक से सो नहीं पाए थे । उनके यजमान पटेल साहब, उन्‍हें...

Read Free

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी By PANKAJ SUBEER

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (1) इस कहानी में जो चिरइ चुरमुन हैं वो ही ‘हम’ हैं । ‘हम’ का मतलब वो जो कहानी सुना रहा है । यहाँ पर ‘मैं’ की जगह पर ‘हम’ इसलिये सुना रहा...

Read Free

सरल नहीं था यह काम By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

1 तनी बंदूकों के साए



तनी बंदूकों के साए हों, भय के अंधियारे छाए हों

घड़ी-घड़ी आशंक...

Read Free

ये हम आ गए कहां!!! By दुःखी आत्मा जलीभूनी

पूरे आठ साल बाद लौटा था वह, वापस अपने शहर, अपने देश में! फिर से उन्हीं हवाओं उन्हीं गलियों में जहां वापस ना आने की कसम खाई थी उसने। लेकिन जिंदगी हमारे हिसाब से कहां चलती है! मजबूरी...

Read Free

एलओसी- लव अपोज क्राइम By jignasha patel

नशे से बोझिल नंदिनी की आंखों में थोड़ी चैतन्यता नज़र आने लगी। फाइव स्टार होटल के बार में बैठी नंदिनी के कानों में गीत संगीत की स्वर लहरियां धीरे धीरे गूंजने लगी-तेरे वादे क...

Read Free

शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

Read Free

आत्म विवाह By r k lal

अरे भाई! तुमने आज की मजेदार खबर सुनी? अच्छे नागरिक को देश-दुनिया की खबर भी जानना चाहिये। यह नहीं कि सुबह उठते ही काम पर निकल पड़े और सारा दिन खटने कै बाद घर जाकर सो गये। लोकल ट्रे...

Read Free

बेगुनाह गुनेहगार By Monika Verma

सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो करना चाहती है वो कर के ही रहती...

Read Free

प्रेम और युद्ध By Anand Tripathi

आर्या एक छोटे से गाँव में रहती थी, जो कि एक बड़े शहर से कुछ दूरी पर स्थित था। वह एक साधारण लड़की थी, जो कि अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती थी।

आर्या के पिता एक किसान थे,...

Read Free

उलझन By Amita Dubey

उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर’ होता था। घनी आबादी के बड़े से...

Read Free

प्यार वाली पठरी By vidya,s world

पांच माले कि सुंदर सी इमारत के दूसरी मंजिल पर डॉक्टर ऋतुराज ने अपनी नई क्लिनिक शुरू की थी । उन्हें यहा का इलाका बड़ा पसंद आया था और यहां उनकी क्लिनिक भी जोरो शोरो से चल रही थी । उन...

Read Free

आधी नज्म का पूरा गीत By Ranju Bhatia

अमृता इमरोज, प्यार के दो नाम, जिनके बारे में तब जाना ,जब मेरी उम्र सपने बुनने की शुरू हुई थी, और प्यार का वह हल्का एहसास क्या है अभी जाना नहीं था। बहुत याद नहीं आता कि कब किताबें प...

Read Free

बड़े बाबू का प्यार By Swapnil Srivastava Ishhoo

भाग 1/16: हैप्पी बर्थ डे वन्स अगेन..... “बड़े-बाबू.....ओ बड़े-बाबू.....दरवाज़ा खोलिए, कब से घंटी बजा रहे हैं”, मंदार दरवाज़ा पीटते हुए बोला|थोड़ी देर में दरवाज़ा खुला और दिवाकर झांकते हु...

Read Free

हवाओं से आगे By Rajani Morwal

“जाना है... जाने दो हमें... छोरो, न... चल परे हट लरके ! ए दरोगा बाबू सुनत रहे हो !”
“क्या चूँ-चपड़ लगा रखी है तुम लोगों ने ?” दारोगा ज़रा नाराज़ लहज़े में बोला या ये भी हो सकता है कि...

Read Free

प्रायश्चित. By Devika Singh

यह कहानी चोर की है जिसका नाम राज है।

अपने दोस्त के साथ रह रहा है उसके दोस्त का नाम अंकित है। जिंदगी से उसे खास उम्मीद तो नही है। उसे पता है। जिंदगी से क्या मिलने वाला है। और जिं...

Read Free

साया By ekshayra

अर्जुन रॉय ने अपनी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा फ़ैसला लिया था।

अपने पुराने शहर को छोड़कर एक नए शहर में शिफ्ट होना, जहाँ न उसे कोई जानता हो, न ही उसकी पुरानी ज़िन्दगी का कोई हिस्सा हो।...

Read Free

यारबाज़ By Vikram Singh

यारबाज़ विक्रम सिंह (1) उन तमाम बेरोजगार वह कलाकार साथियों को जो अपनी मंजिल ना पा सके जिसके वे हकदार थे युवा कथाकार विक्रम सिंह ने हाल‌ के वर्षों में हिंदी कहानी लेखन में अपनी एक स...

Read Free

नविता की कलम से... By navita

नविता की कलम से... ✍️ ?Navita ? ✍️? Dedicated to ?My lovely family Specially my mother- in -lawMy friends- Garry ,Sonam & me ..Thanks to - Wr.Messi ?? Also Dedicated to...

Read Free

BTS ??? By Black

Hey Army's आप सब BTS को तो जानते ही होंगे। वैसे भी इन्हें कौन नहीं जानता। क्योंकि वो सिर्फ girls के ही नहीं बल्कि children & oldest और कहीं ना कहीं boys के हीरो हैं। Heaters को...

Read Free

कोरोना काल की कहानियां By Prabodh Kumar Govil

आंसू रुक नहीं रहे थे। कभी कॉलेज के दिनों में पढ़ा था कि पुरुष रोते नहीं हैं। बस, इसी बात का आसरा था कि ये रोना भी कोई रोना है। जब प्याज़ अच्छी तरह पिस गई, तो मैंने सिल पर कतरे हुए...

Read Free

सुलोचना. By Jyotsana Singh

सुलोचना! जैसा नाम वैसा ही रूप बड़ी-बड़ी आँखे गेहुँआ रंग लम्बे काले बाल, उसके रूप को और भी निखार देते थे। उसकी गहरी सिंदूरी माँग बड़ी सी सुर्ख़ लाल सिंदूरी बिंदी! बहुत सलीक़े से माथ...

Read Free

गवाक्ष By DrPranava Bharti

गवाक्ष बसंत पंचमी दिनांक-12 2 2016 (नमस्कार मित्रो ! यह उपन्यास ‘गवाक्ष’ एक फ़िक्शन है जिसे फ़िल्म के लिए तैयार किया जा रहा था किन्तु इसके प्रेरणास्त्रोत 'स्व. इंद्र स्वरूप माथुर...

Read Free

अमर प्रेम. By Vandana Gupta

अमर प्रेम प्रेम और विरह का स्वरुप (1) प्रेम और विरह का स्वरुपप्रेम ----एक दिव्य अनुभूति --------कोई प्रगट स्वरुप नही,कोई आकार नही मगर फिर भी सर्व्यापक ।प्रेम के बिना न संसार है न भ...

Read Free

MUZE जब तू मेरी कहानी बन गई By Chaitanya Shelke

मुंबई की वो सुबह बाकी दिनों से कुछ अलग थी। समंदर की लहरें वैसे ही किनारों से टकरा रही थीं, पर हवा में एक अजीब सी बेचैनी थी — जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो।

आरव, एक मामूली सा लड़का,...

Read Free

सुलझे...अनसुलझे By Pragati Gupta

सुलझे….अनसुलझे!!! (भूमिका) ------------------------ जब किसी अपरिचित की पीड़ा अन्तःस्थल पर अनवरत दस्तकें देने लगती हैं, तब उसकी कही-अनकही पीड़ा हमको उसके बारे में बहुत कुछ सोचने और...

Read Free

अनूठी पहल By Lajpat Rai Garg

शनिवार का दिन था। कॉलेज की छुट्टी थी। सुबह के दस ही बजे थे, लेकिन सूर्य-नारायण अपने पूर्ण यौवन की ऊर्जा उत्सर्जित कर रहे थे। पृथ्वी-लोक के प्राणियों का गर्मी ने हाल बेहाल कर रखा था...

Read Free

राहबाज By Pritpal Kaur

मेरी राह्गिरी (1) शुरुआत मैंने वक़्त की धार में एक पैर छुआ कर देखा था और मेरा पैर दहक गया था बुरी तरह. ये नदी मेरी ख्वाहिशों ने गढ़ी थी. मैं नींद में डूबा बेखबर ख्वाबों से हार कर सोन...

Read Free

आखा तीज का ब्याह By Ankita Bhargava

सपनों को पूरा करने निकली वासंती अपने रिश्तों को ही खो बैठी। जब फिर से अतीत की गलियों ने उसे पुकारा तो वह अनिष्ट की आशंका से घबरा गई। मगर प्रतीक ने आश्वासन दिया कि कोई है वहां उसकी...

Read Free

गुजराती-हिंदी भाषाई नोंक-झोंक By Manju Mahima

सन १९८०-८१ में हम जयपुर राजस्थान से अहमदाबाद गुजरात में आए। मेरे पति होटल लाइन में थे और उनका जयपुर रामबाग़ पेलेस होटेल से स्थान्तरण कामा होटेल अहमदाबाद में होगया था, पहले यह दोन...

Read Free

दतिया की बुंदेला क्षत्राणी रानी सीता जू By Ravi Thakur

विंध्याचल पर्वत की लघु एवं उच्च श्रृंखलाओं, वनोपवन, अरण्यक उपत्यकाओं में विस्तारित, गंगा , यमुना, सिंध , नर्मदादि , पावन सलिलाओं की पुण्य धाराओं से आप्लावित पुलिंद धरा, अनादि काल स...

Read Free

Reborn to be Loved By Mini

Let's begin…

आरवी ने अपनी पूरी ज़िंदगी अपने सपनों को पूरा करने में गुज़ार दी थी। सात साल की करी मेहनत के बाद, वो आखिरकार एक सक्सेसफुल डॉक्टर बन गई थी। उसकी लाईफ एकदम सही चल...

Read Free

D J By Writer Digvijay Thakor

इस कहानी में ,

एक लड़की एक लड़के से बहुत प्यार करती है मगर उन दोनों के बीच एक रावण आ जाता है और दोनों के बीच इतनी गलत फेमिया भर देता है , इतनी गलत फेमिया भर देता...

Read Free

मम्मी पढ़ रही हैं By Pradeep Shrivastava

कैसी हो हिमानी, क्या कर रही हो?
- ठीक हूं शिवा, दिव्यांश का होमवर्क पूरा करा रही हूं, तुम बताओ तुम क्या कर रही हो?
- मैं बहुत टेंशन में हूं यार। आज सुबह ही तुम्हें फ़ोन करने वाली...

Read Free

नेपोलियन बोनापार्ट By Anarchy Short Story

शाल ओढ़े एक नवयुवती अंधेरे में टेण्ट के भीतर बैठी अपने शिशु को स्तनपान करा रही है। उसकी उजली छाती का आधा भाग शाल से ढका हुआ है तथा वह दूर से आती शेर की दहाड़ और पेड़-पौधों व पत्तों...

Read Free

उधड़े ज़ख़्म By Junaid Chaudhary

ये कहानी दो लेखकों की मोहब्बत पर आधारित है, जिसे लगभग 7 पार्ट में प्रकाशित किया जाएगा, लगातार अपडेट रहने के लिए फॉलो करें और अपने प्यार और दुआओं से नवाज़े, तो आइए शुरू करते हैं,हैलो...

Read Free

मृगतृष्णा तुम्हें देर से पहचाना By Ranjana Jaiswal

मैं जब भी आपके बारे में सोचती हूँ तो महात्मा गाँधी की शक्ल सामने आ जाती है। बुढ़ापे में आप लगभग उन्हीं की तरह लगते थे। खल्वाट सिर, लम्बी नासिका, छोटी आँखें, पतले होंठ और लम्बा दुबला...

Read Free

मैं वही हूँ! By Jaishree Roy

मैं वही हूँ! (1) मैं नया था यहाँ। नई-नई नौकरी ले कर आया था। इलाके की सभी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों की देख-रेख और मरम्मत की ज़िम्मेदारी थी मुझ पर। काम आसान तो नहीं था मगर मुझे पसंद...

Read Free

गुनाहों की सजा By Ratna Pandey

माही आज पहले दिन जब ऑफिस पहुँची तो सबसे पहले उसकी मुलाकात उस लड़के से हुई जिसकी तस्वीर कुछ दिन पहले ही उसके घर आई थी। उनके रिश्ते की बातें भी दोनों के माता-पिता के बीच चल रही थीं।...

Read Free

पलायन By Kishanlal Sharma

उसका मन अजीब सा हो रहा था।दिल उदास था।मन मे एक के बाद एक उटपटांग ख्याल आ रहे थे।दिन भर निठल्ला इधर उधर घूमने के बाद वह घर लौटा था।कमरे में आते ही उसे सालू की याद आने लगी
सालू आज...

Read Free

रंगीन कहानी By HARSH PAL

लखनऊ की गलियों में, जहाँ शाम की चाय की खुशबू हवा में घुली होती है, वहीं कॉलेज के बाहर एक लड़का, आरव, अपनी किताबों में खोया हुआ बैठा था। वह मेडिकल का छात्र था, अपने माता-पिता की उम्...

Read Free

होप इस हेल By kuldeep vaghela

होप इस हेलये एक काल्पनिक कथा है। जिसे रोचक बनाने के लिए कुछ वर्तमान प्रवाह, स्थान, संस्था, देश और अन्य उचित वस्तुओं का प्रयोग किया गया है। जिसका वस्तावमे हो रही घटनाओं के साथ संब...

Read Free

सचमुच तुम ईश्वर हो! By ramgopal bhavuk

व्यंग्य की तेजधर उच्छंखल समाज की शल्य-क्रिया करने में समर्थ होती है। आज के दूषित वातावरण में यहाँ संवेदना मृत प्रायः हो रही है। केवल व्यंग्य पर ही मेरा विश्वास टिक पा रहा है कि कही...

Read Free

फिर कौन था वो? By Shilpa Sharma

फिर कौन था वो? शिल्पा शर्मा (1) ‘‘याद है न तुम्हें, हमारी शादी को छह महीने हो गए हैं आज,’’ थके-हारे ऑफ़िस से लौटे पति को चाय थमाते हुए मीता ने बड़े उत्साह से कहा. ‘‘हम्म...’’ बड़ा...

Read Free

मेरी नजर से देखो By Rajat Singhal

मै एक नवीन लेखक अपनी इन लघु कहानियों से एक समाज की भिन्न - २ समस्याओ से ग्रस्त छवि को दिखाने का प्रयत्न करूँगा। मै हर समस्या के मध्य रह व मुझसे जूडे अनुभवो की भ्रांतियो को अपने लेख...

Read Free

जीवन का गणित By Seema Singh

शाम तक पूरा घर चमाचम हो जाना चाहिए नीतू! अवंतिका ने फिर से दोहराया। नीली सलवार, पीला कुर्ता, गुलाबी स्वेटर के साथ लाल दुपट्टा कंधे से ओढ़ कर कमर तक लपेटे, नीतू ठुमकती सी दरवाजे के...

Read Free

चुप्पी By Ratna Pandey

क्रांति एक ऐसी लड़की थी जिसे ऊपर वाले ने वह उपहार दिया था जो हर किसी के भाग्य में नहीं होता। वह बहुत ही तेज दौड़ती थी। वह जब भी टीवी पर लड़कियों या फिर लड़कों को हॉकी खेलते देखती, उ...

Read Free

The Vampire Hunter By Kahani ka Safar Pocket fm

अजीब अवाज़े अलेक्स अपने छोटे से गांव में एक साधारण और शांतिपूर्ण जीवन जी रहा था। वो हर सुबहा सूरज की पहली किरण के साथ उठता, खेतों में मेहनत करता और शाम को अपने दोस्तों के साथ समय बि...

Read Free

बेटी By Anil Sainger

मेरी शादी हुए पाँच साल हो गए हैं लेकिन मैं आजतक न तो अपने पति को और न ससुराल वालों को समझ पाई हूँ | सब कहते हैं कि दुनिया बदल रही है साथ ही हमारे देश की सोच भी बदल रही है | मगर मुझ...

Read Free

A Secret Letter By Hardik Chande

DISCLAIMERप्रस्तुत कथा संपूर्ण: काल्पनिक है। इसका किसी भी घटना, व्यक्ति, स्थान, समय, जाति, लिंग, धर्म से कोई संबंध नहीं है। ये कथा का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँचाना नह...

Read Free

बद्री विशाल सबके हैं By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

पंडित विभूति नारायण सर्दियों में क्षेत्र के यजमानों के पास आए थे।

उन्‍हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी सांस चलने लगी थी वे ठीक से सो नहीं पाए थे । उनके यजमान पटेल साहब, उन्‍हें...

Read Free

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी By PANKAJ SUBEER

चिरइ चुरमुन और चीनू दीदी (कहानी पंकज सुबीर) (1) इस कहानी में जो चिरइ चुरमुन हैं वो ही ‘हम’ हैं । ‘हम’ का मतलब वो जो कहानी सुना रहा है । यहाँ पर ‘मैं’ की जगह पर ‘हम’ इसलिये सुना रहा...

Read Free

सरल नहीं था यह काम By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

1 तनी बंदूकों के साए



तनी बंदूकों के साए हों, भय के अंधियारे छाए हों

घड़ी-घड़ी आशंक...

Read Free

ये हम आ गए कहां!!! By दुःखी आत्मा जलीभूनी

पूरे आठ साल बाद लौटा था वह, वापस अपने शहर, अपने देश में! फिर से उन्हीं हवाओं उन्हीं गलियों में जहां वापस ना आने की कसम खाई थी उसने। लेकिन जिंदगी हमारे हिसाब से कहां चलती है! मजबूरी...

Read Free

एलओसी- लव अपोज क्राइम By jignasha patel

नशे से बोझिल नंदिनी की आंखों में थोड़ी चैतन्यता नज़र आने लगी। फाइव स्टार होटल के बार में बैठी नंदिनी के कानों में गीत संगीत की स्वर लहरियां धीरे धीरे गूंजने लगी-तेरे वादे क...

Read Free

शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

Read Free

आत्म विवाह By r k lal

अरे भाई! तुमने आज की मजेदार खबर सुनी? अच्छे नागरिक को देश-दुनिया की खबर भी जानना चाहिये। यह नहीं कि सुबह उठते ही काम पर निकल पड़े और सारा दिन खटने कै बाद घर जाकर सो गये। लोकल ट्रे...

Read Free

बेगुनाह गुनेहगार By Monika Verma

सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो करना चाहती है वो कर के ही रहती...

Read Free

प्रेम और युद्ध By Anand Tripathi

आर्या एक छोटे से गाँव में रहती थी, जो कि एक बड़े शहर से कुछ दूरी पर स्थित था। वह एक साधारण लड़की थी, जो कि अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती थी।

आर्या के पिता एक किसान थे,...

Read Free

उलझन By Amita Dubey

उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर’ होता था। घनी आबादी के बड़े से...

Read Free

प्यार वाली पठरी By vidya,s world

पांच माले कि सुंदर सी इमारत के दूसरी मंजिल पर डॉक्टर ऋतुराज ने अपनी नई क्लिनिक शुरू की थी । उन्हें यहा का इलाका बड़ा पसंद आया था और यहां उनकी क्लिनिक भी जोरो शोरो से चल रही थी । उन...

Read Free

आधी नज्म का पूरा गीत By Ranju Bhatia

अमृता इमरोज, प्यार के दो नाम, जिनके बारे में तब जाना ,जब मेरी उम्र सपने बुनने की शुरू हुई थी, और प्यार का वह हल्का एहसास क्या है अभी जाना नहीं था। बहुत याद नहीं आता कि कब किताबें प...

Read Free

बड़े बाबू का प्यार By Swapnil Srivastava Ishhoo

भाग 1/16: हैप्पी बर्थ डे वन्स अगेन..... “बड़े-बाबू.....ओ बड़े-बाबू.....दरवाज़ा खोलिए, कब से घंटी बजा रहे हैं”, मंदार दरवाज़ा पीटते हुए बोला|थोड़ी देर में दरवाज़ा खुला और दिवाकर झांकते हु...

Read Free

हवाओं से आगे By Rajani Morwal

“जाना है... जाने दो हमें... छोरो, न... चल परे हट लरके ! ए दरोगा बाबू सुनत रहे हो !”
“क्या चूँ-चपड़ लगा रखी है तुम लोगों ने ?” दारोगा ज़रा नाराज़ लहज़े में बोला या ये भी हो सकता है कि...

Read Free

प्रायश्चित. By Devika Singh

यह कहानी चोर की है जिसका नाम राज है।

अपने दोस्त के साथ रह रहा है उसके दोस्त का नाम अंकित है। जिंदगी से उसे खास उम्मीद तो नही है। उसे पता है। जिंदगी से क्या मिलने वाला है। और जिं...

Read Free

साया By ekshayra

अर्जुन रॉय ने अपनी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा फ़ैसला लिया था।

अपने पुराने शहर को छोड़कर एक नए शहर में शिफ्ट होना, जहाँ न उसे कोई जानता हो, न ही उसकी पुरानी ज़िन्दगी का कोई हिस्सा हो।...

Read Free

यारबाज़ By Vikram Singh

यारबाज़ विक्रम सिंह (1) उन तमाम बेरोजगार वह कलाकार साथियों को जो अपनी मंजिल ना पा सके जिसके वे हकदार थे युवा कथाकार विक्रम सिंह ने हाल‌ के वर्षों में हिंदी कहानी लेखन में अपनी एक स...

Read Free

नविता की कलम से... By navita

नविता की कलम से... ✍️ ?Navita ? ✍️? Dedicated to ?My lovely family Specially my mother- in -lawMy friends- Garry ,Sonam & me ..Thanks to - Wr.Messi ?? Also Dedicated to...

Read Free

BTS ??? By Black

Hey Army's आप सब BTS को तो जानते ही होंगे। वैसे भी इन्हें कौन नहीं जानता। क्योंकि वो सिर्फ girls के ही नहीं बल्कि children & oldest और कहीं ना कहीं boys के हीरो हैं। Heaters को...

Read Free

कोरोना काल की कहानियां By Prabodh Kumar Govil

आंसू रुक नहीं रहे थे। कभी कॉलेज के दिनों में पढ़ा था कि पुरुष रोते नहीं हैं। बस, इसी बात का आसरा था कि ये रोना भी कोई रोना है। जब प्याज़ अच्छी तरह पिस गई, तो मैंने सिल पर कतरे हुए...

Read Free

सुलोचना. By Jyotsana Singh

सुलोचना! जैसा नाम वैसा ही रूप बड़ी-बड़ी आँखे गेहुँआ रंग लम्बे काले बाल, उसके रूप को और भी निखार देते थे। उसकी गहरी सिंदूरी माँग बड़ी सी सुर्ख़ लाल सिंदूरी बिंदी! बहुत सलीक़े से माथ...

Read Free

गवाक्ष By DrPranava Bharti

गवाक्ष बसंत पंचमी दिनांक-12 2 2016 (नमस्कार मित्रो ! यह उपन्यास ‘गवाक्ष’ एक फ़िक्शन है जिसे फ़िल्म के लिए तैयार किया जा रहा था किन्तु इसके प्रेरणास्त्रोत 'स्व. इंद्र स्वरूप माथुर...

Read Free

अमर प्रेम. By Vandana Gupta

अमर प्रेम प्रेम और विरह का स्वरुप (1) प्रेम और विरह का स्वरुपप्रेम ----एक दिव्य अनुभूति --------कोई प्रगट स्वरुप नही,कोई आकार नही मगर फिर भी सर्व्यापक ।प्रेम के बिना न संसार है न भ...

Read Free

MUZE जब तू मेरी कहानी बन गई By Chaitanya Shelke

मुंबई की वो सुबह बाकी दिनों से कुछ अलग थी। समंदर की लहरें वैसे ही किनारों से टकरा रही थीं, पर हवा में एक अजीब सी बेचैनी थी — जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो।

आरव, एक मामूली सा लड़का,...

Read Free

सुलझे...अनसुलझे By Pragati Gupta

सुलझे….अनसुलझे!!! (भूमिका) ------------------------ जब किसी अपरिचित की पीड़ा अन्तःस्थल पर अनवरत दस्तकें देने लगती हैं, तब उसकी कही-अनकही पीड़ा हमको उसके बारे में बहुत कुछ सोचने और...

Read Free

अनूठी पहल By Lajpat Rai Garg

शनिवार का दिन था। कॉलेज की छुट्टी थी। सुबह के दस ही बजे थे, लेकिन सूर्य-नारायण अपने पूर्ण यौवन की ऊर्जा उत्सर्जित कर रहे थे। पृथ्वी-लोक के प्राणियों का गर्मी ने हाल बेहाल कर रखा था...

Read Free

राहबाज By Pritpal Kaur

मेरी राह्गिरी (1) शुरुआत मैंने वक़्त की धार में एक पैर छुआ कर देखा था और मेरा पैर दहक गया था बुरी तरह. ये नदी मेरी ख्वाहिशों ने गढ़ी थी. मैं नींद में डूबा बेखबर ख्वाबों से हार कर सोन...

Read Free

आखा तीज का ब्याह By Ankita Bhargava

सपनों को पूरा करने निकली वासंती अपने रिश्तों को ही खो बैठी। जब फिर से अतीत की गलियों ने उसे पुकारा तो वह अनिष्ट की आशंका से घबरा गई। मगर प्रतीक ने आश्वासन दिया कि कोई है वहां उसकी...

Read Free

गुजराती-हिंदी भाषाई नोंक-झोंक By Manju Mahima

सन १९८०-८१ में हम जयपुर राजस्थान से अहमदाबाद गुजरात में आए। मेरे पति होटल लाइन में थे और उनका जयपुर रामबाग़ पेलेस होटेल से स्थान्तरण कामा होटेल अहमदाबाद में होगया था, पहले यह दोन...

Read Free

दतिया की बुंदेला क्षत्राणी रानी सीता जू By Ravi Thakur

विंध्याचल पर्वत की लघु एवं उच्च श्रृंखलाओं, वनोपवन, अरण्यक उपत्यकाओं में विस्तारित, गंगा , यमुना, सिंध , नर्मदादि , पावन सलिलाओं की पुण्य धाराओं से आप्लावित पुलिंद धरा, अनादि काल स...

Read Free

Reborn to be Loved By Mini

Let's begin…

आरवी ने अपनी पूरी ज़िंदगी अपने सपनों को पूरा करने में गुज़ार दी थी। सात साल की करी मेहनत के बाद, वो आखिरकार एक सक्सेसफुल डॉक्टर बन गई थी। उसकी लाईफ एकदम सही चल...

Read Free
-->