अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश

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चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन को, थोड़ा ऊपर सरकाया। जहाँ उसकी कलाई पर, वो प्लैटिनम का भारी कड़ा, सूरज की किरणों को मात दे रहा था। वो कड़ा सिर्फ जेवर नहीं था, वो रॉय खानदान की धमक थी। जो चीख-चीख कर कहती थी कि, अयान के कदमों में दुनिया झुकती है। तभी माहिरा की खिलखिलाहट गूँजी। उसने अयान की आँखों पर, अपनी ठंडी हथेलियाँ रख दीं। अयान मुस्कुराया, "माह

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 1

पार्ट 1 ( सल्तनत की राख )चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन को, थोड़ा ऊपर सरकाया।जहाँ उसकी कलाई पर, वो प्लैटिनम का भारी कड़ा, सूरज की किरणों को मात दे रहा था। वो कड़ा सिर्फ जेवर नहीं था, वो रॉय खानदान की धमक थी। जो चीख-चीख कर कहती थी कि, अयान के कदमों ...Read More

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 2

अयान,अपनी झोपड़ी से बाहर निकला, तो सामने का नजारा किसी डरावने सपने जैसा था। वही पुरानी, संकरी गलियां जहाँ और नाले की बहती हुई गंदा पानी,अब उसके फटे हुए जूतों का हिस्सा बन गया था।हवा में जो कभी विदेशी इत्र की महक हुआ करती थी, वहाँ अब सड़ी हुई मछलियों की तीखी गंध और समंदर का हैवानी शोर था।अयान का हर कदम भारी था, वह रास्ते से गुजरते हुए उन मछुआरों को देख रहा था। जो अपनी जालों से सड़े, महकते मछलियां निकलने में मशगूल थे। उनका चिल्लाना, समन्दर की रेत पर बच्चों का नंगे पैर दौड़ना—यह सब अब ...Read More

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 3

आर्यन ने अपने सूप से सने हुए कपड़ों को देखा, और फिर नफरत भरी नज़रों से ज़मीन पर पड़े को। उसने मैनेजर का गला पकड़कर उसे अपनी तरफ खींचा और दहाड़ते हुए बोला—"ओए मैनेजर! इस भिखारी को बोल, अभी के अभी घुटनों पर बैठे और मेरे जूतों के साथ-साथ ये कपड़े भी साफ़ करे। और हाँ, बिना माफ़ी माँगे ये यहाँ से हिलना नहीं चाहिए!"पूरे होटल में मौत सा सन्नाटा छा गया। सब लोग अपनी जगह जम गए। अयान ने धीरे से अपना सिर उठाया, उसकी आँखों में एक अजीब सी तड़प थी।आर्यन ने अपना पैर आगे बढ़ाया और ...Read More

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 4

अयान को लगा जैसे आसमान उसके सिर पर गिर पड़ा हो। "रॉय खानदान? वारिस? पागल हो गई हो क्या? एक मामूली मछुआरा हूँ!"दिया ने उसकी कलाई पकड़ी और उस खास निशान वाले,प्लेटिनियम की कड़ा की तरफ इशारा किया। "अगर यकीन नहीं आता, तो इसे देखिए। इस पर बना खास निशान राय खानदान की विरासत है।अयान ने उस कड़े की ओर देखा। उसकी चमक अब उसे डरा रही थी। उसके मुँह से बस इतना निकला, "मतलब... मैं मुंबई के सबसे अमीर खानदान से हूँ? फिर मैं इस हाल में कैसे पहुँचा? मेरे मम्मी-पापा कहाँ हैं?"दिया की आँखों में अचानक नमी ...Read More

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 5

अयान को लगा जैसे आसमान उसके सिर पर गिर पड़ा हो। "रॉय खानदान? वारिस? पागल हो गई हो क्या? एक मामूली मछुआरा हूँ!"दिया ने उसकी कलाई पकड़ी और उस खास निशान वाले,प्लेटिनियम की कड़ा की तरफ इशारा किया। "अगर यकीन नहीं आता, तो इसे देखिए। इस पर बना खास निशान राय खानदान की विरासत है।अयान ने उस कड़े की ओर देखा। उसकी चमक अब उसे डरा रही थी। उसके मुँह से बस इतना निकला, "मतलब... मैं मुंबई के सबसे अमीर खानदान से हूँ? फिर मैं इस हाल में कैसे पहुँचा? मेरे मम्मी-पापा कहाँ हैं?"दिया की आँखों में अचानक नमी ...Read More

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 6

अयान बैंक के भारी दरवाजों को धकेल कर बाहर निकला, बैंक के बाहर जोरो की बारिश हो रही थी।बिजली गुराना और बादलों से नीचे गिरती पानी ने पूरे शहर को डरावना बना दिया था। पर अयान को किसी चीज़ का होश नहीं था। वो ठंडे पानी में बुरी तरह भीग रहा था, लेकिन उसके अंदर एक अलग ही आग लगी थी।वो सड़क पर चलते हुए बार-बार उस फोटो को देख रहा था। हवा के तेज़ जोखो उसे अंदर से हिला रहे थे, पर उसकी नज़रें उस धुंधले चेहरे पर टिकी थीं।अयान का सिर फटा जा रहा था, "आखिर ये ...Read More

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 7

अयान के मुँह से 'माहिरा' नाम क्या निकला, मानो उस लड़की की रुकी हुई सांसें वापस आ गई हों।वो से पीछे मुड़ी और अयान को देखते ही पागलों की तरह उसके गले लग गई। उसका पूरा शरीर कांप रहा था, उसने अयान की कमीज़ को मुट्ठियों में जकड़ लिया और किसी बच्चे की तरह फूट-फूट कर रोने लगी"अयान... आप ज़िंदा हैं? सच में आप हैं न?" माहिरा की आवाज़ सिसकियों में डूबी जा रही थी। "मुझे लगा मैंने आपको हमेशा के लिए खो दिया... मैंने तो हार मान ली थी अयान!"माहिरा के छूते ही अयान के दिमाग में जैसे ...Read More