बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें धुंधली पड़ चुकी थीं…लाल जोड़े में लिपटी एक लड़की नंगे पाँव भाग रही थी…उसकी पायल बार-बार टूटे रास्तों में अटक रही थी… सांसें बिखर चुकी थीं… आँखों में डर साफ दिख रहा था…पीछे से कई गाड़ियों की हेडलाइट्स उसकी तरफ बढ़ रही थीं। एक भारी आवाज़ रात में गूँजी - भागो मत शुभिका…! आज के बाद तुम सिर्फ़ विक्रांत शर्मा की हो… लड़की और तेज़ भागी। उसके हाथों की मेहँदी अभी गीली थी… माथे का सिंदूर बारिश में बहकर उसके चेहरे पर फैल चुका था… अचानक एक तेज़ ट्रक उसकी तरफ आया ब्रेक की कान फाड़ देने वाली आवाज़…और फिर धड़ाम!!! उसकी चीख रात में गूँज गई…
Full Novel
मौत से भागती दुल्हन - 1
बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कें धुंधली पड़ चुकी थीं…लाल जोड़े में लिपटी एक लड़की नंगे पाँव भाग रही पायल बार-बार टूटे रास्तों में अटक रही थी… सांसें बिखर चुकी थीं… आँखों में डर साफ दिख रहा था…पीछे से कई गाड़ियों की हेडलाइट्स उसकी तरफ बढ़ रही थीं।एक भारी आवाज़ रात में गूँजी -भागो मत शुभिका…!आज के बाद तुम सिर्फ़ विक्रांत शर्मा की हो…लड़की और तेज़ भागी। उसके हाथों की मेहँदी अभी गीली थी… माथे का सिंदूर बारिश में बहकर उसके चेहरे पर फैल चुका था…अचानक एक तेज़ ट्रक उसकी तरफ आया ब्रेक की कान फाड़ देने वाली आवाज़…और ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 2
शुभिका बिल्कुल चुप बैठी थी। उसके हाथों पर हल्दी लगाई जा रही थी…और सामने सोफे पर विक्रांत शर्मा बैठा लगातार देख रहा था।उसकी आँखों में अजीब सा पागलपन था। जैसे उसे दुनिया की किसी चीज़ की परवाह ना हो…सिवाय शुभिका के। और यही बात शुभिका को सबसे ज्यादा डराती थी।ढोलक की आवाज़… रिश्तेदारों की हँसी…सब कुछ धुंधला पड़ चुका था उसके लिए। उसे बस विक्रांत की वो आँखें दिख रही थीं।अचानक उसकी आँखों से एक आँसू गिरा।उसने मन ही मन कहा—काश… उस meeting में मैं कभी गई ही ना होती…━━━━━━━━━━━━━━━कुछ महीने पहले…━━━━━━━━━━━━━━━सुबह का समय। शुभिका अपने office cabin में ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 3
शुभिका लगभग चीख पड़ी -अर्णव भागो!!उसकी आँखों में डर साफ था। लेकिन उससे ज्यादा डर अर्णव के लिए था। ने सिर हिलाया।वो बोला -नहीं Ma’am!मैं आपको छोड़कर नहीं जा सकता!उसकी आवाज़ काँप रही थी…लेकिन वो सच में शुभिका को अकेला छोड़ना नहीं चाहता था। शुभिका ने उसका हाथ कसकर पकड़ा।वो बोली -पागल मत बनो!ये लोग तुम्हें मार देंगे!उसकी आँखों से आँसू बह निकले।वो बोली -भागो यहाँ से…और ये खबर मेरे घर तक पहुँचा देना…अपने mummy papa को लेकर कहीं छिप जाना…अर्णव समझ चुका था…शुभिका अब खुद को बचाने की उम्मीद छोड़ चुकी है। उसकी आँखें लाल हो गईं।वो बोला ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 4
शुभिका के हाथ से photo नीचे गिर गई।वो बोली -न… नहीं…उसकी साँसें टूटने लगीं। वो पीछे हटती गई।वो बोली झूठ है…तुम झूठ बोल रहे हो…विक्रांत उसे बस देखता रहा। उसकी आँखों में अजीब सी चमक थी।वो बोला -मैं झूठ नहीं बोलता।वो धीरे-धीरे उठा…और दीवार के पास जाकर एक पुरानी cupboard खोल दी।चर्ररर…अंदर दर्जनों files रखी थीं।सभी पर एक ही नाम लिखा था—शुभिकाशुभिका का दिल जोर से धड़कने लगा।वो बोली -ये क्या है…?विक्रांत ने एक file निकाली और उसकी तरफ बढ़ा दी।वो बोला -देख लो।काँपते हाथों से उसने file खोली।अंदर पुरानी newspaper cuttings थीं।Businessman Vikrant Sharma’s wife dies in tragic ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 5
मेहँदी की खुशबू पूरे घर में फैली हुई थी। औरतें गाने गा रही थीं।ढोलक की थाप लगातार गूँज रही दुल्हन…बिल्कुल खामोश बैठी थी। शुभिका। हरे रंग के भारी लहंगे में सजी हुई…लेकिन चेहरा ऐसा जैसे कई दिनों से रोती आ रही हो।उसकी आँखें सूनी थीं। जैसे अब उसे किसी चीज़ से फर्क ही नहीं पड़ता।━━━━━━━━━━━━━━━मेहँदी वाली लड़की उसके हाथों पर बारीक design बना रही थी।वो बोली -दुल्हन जी…मेहंदी वाली मुस्कुराई।वो बोली -पति का नाम क्या लिखना है?शुभिका चुप रही। उसने कोई जवाब नहीं दिया। क्योंकि उसके लिए “पति” शब्द ही डर बन चुका था।मेहँदी वाली ने फिर पूछा—मैडम नाम ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 6
वर्तमान समय…विक्रांत शर्मा गुस्से में पागल हो चुका था।उसकी study room पूरी तरह बिखर चुकी थी। टेबल उलटी पड़ी काँच के टुकड़े पूरे floor पर फैले थे। दीवार पर लगी painting तक टूट चुकी थी। लेकिन उसका गुस्सा शांत नहीं हो रहा था।वो बोला -नामुमकिन…!उसने दहाड़ते हुए whiskey की bottle दीवार पर दे मारी।धड़ाम!!!उसके आदमी डर के मारे सिर झुकाकर खड़े थे। किसी की हिम्मत नहीं थी उसकी आँखों में देखने की। विक्रांत की साँसें भारी हो रही थीं।उसके दिमाग में बार-बार वही नाम गूँज रहा था—किशिराज।वो खुद से बड़बड़ाया -वो वापस नहीं आ सकता…मैंने उसे मरते हुए देखा ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 7
और जैसे ही वो परछाई सामने आई…शुभिका का दिल बैठ गया।वो बोली -व… विक्रांत…वो सच में वही था। बारिश भीगे बाल आँखों में वही पागलपन…और चेहरे पर ठंडी मुस्कान।वो बोला -कहाँ भाग रही हो शुभिका?उसकी आवाज़ इतनी शांत थी कि डर और बढ़ गया।━━━━━━━━━━━━━━━शुभिका ने एक सेकंड भी नहीं रुका। वो मुड़ी और पूरी ताकत से फिर भाग पड़ी।वो बोली -नहीं… मैं अब नहीं रुकूँगी…उसके पीछे विक्रांत की आवाज़ गूँजी—तुम जहाँ भी जाओगी… मैं वहाँ पहुँच जाऊँगा।━━━━━━━━━━━━━━━जंगल खत्म हुआ तो सामने सड़क आ गई। और वहीं दूर दिखा—रेलवे स्टेशन। शुभिका बिना सोचे-समझे दौड़ पड़ी। उसके पैर खून से लथपथ ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 8
बाथरूम का दरवाज़ा पूरा खुल चुका था। कमरे में भाप धीरे-धीरे फैल रही थी…और फिर एक आदमी बाहर आया। बाल गीले थे, कंधे पर टॉवेल पड़ा था। चेहरा साफ नहीं दिख रहा था, लेकिन आवाज़ बिल्कुल शांत थी। वो कुछ पल कमरे में इधर-उधर देखता रहा। फिर उसकी नज़र सीधे बेड की तरफ गई।और उसने बहुत ठंडे लहजे में कहा—मुझे पता है तुम बेड के नीचे छुपी हो।━━━━━━━━━━━━━━━शुभिका का दिल जैसे रुक गया। उसकी साँस अटक गई।वो खुद से बोली -नहीं… नहीं… ये मुझे नहीं देख सकता…वो अपने मुँह पर हाथ रखकर और अंदर सिमट गई।━━━━━━━━━━━━━━━कमरे में सन्नाटा था। ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 9
किशिराज कमरे से बाहर निकल चुका था। होटल के गलियारे में हल्की-हल्की लाइटें जल रही थीं… और दूर कहीं की आवाज़ गूँज रही थी।उसने अपने फोन पर एक नंबर डायल किया। कुछ ही रिंग के बाद कॉल उठ गई।━━━━━━━━━━━━━━━वो बोला -हाँ…किशिराज की आवाज़ शांत लेकिन सख्त थी।वो बोला -विक्रांत के पास से उस लड़की के parents को safe जगह पहुँचाना है।दूसरी तरफ कुछ सेकंड खामोशी रही।फिर एक भारी आवाज़ आई—समझ गया।━━━━━━━━━━━━━━━किशिराज ने धीरे से आगे कहा—कोई गलती नहीं होनी चाहिए।उसकी आँखें थोड़ी और तेज़ हो गईं और बोला -विक्रांत को अगर ज़रा भी शक हुआ…वो रुका और बोला -तो ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 10
किशिराज की बात हवा में रुक-सी गई—तुम्हें मुझसे शादी करनी होगी।━━━━━━━━━━━━━━━कमरे में एकदम सन्नाटा छा गया। बारिश की आवाज़ जैसे धीमी पड़ गई हो। शुभिका उसे घूरकर देखती रह गई। कुछ सेकंड तक उसे समझ ही नहीं आया कि उसने सुना क्या है।वो बोली -क्या…?उसकी आवाज़ काँप गई।━━━━━━━━━━━━━━━किशिराज ने उसकी तरफ देखा, चेहरा बिल्कुल शांत था। लेकिन आँखों में वही ठंडा फैसला था।उसने धीरे से कहा -ये मज़ाक नहीं है शुभिका।विक्रांत तुम्हें सिर्फ इसलिए ढूंढ रहा है क्योंकि तुम अकेली हो।━━━━━━━━━━━━━━━शुभिका पीछे हट गई, दर्द के बावजूद।वो बोली -तो इसका मतलब…तुम मुझे बचाओगे या मुझसे शादी करके मुझे फँसा ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 11
दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन आकर रुकी। भीड़, शोर, और भागते हुए लोग… सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन के चेहरे पर कोई सामान्यता नहीं थी।उसकी आँखें लगातार इधर-उधर घूम रही थीं।उसने धीमे से कहा -कुछ गड़बड़ है…━━━━━━━━━━━━━━━शुभिका उसके पीछे थी, घूंघट में छुपी हुई।उसका दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था—मम्मी-पापा… बस वो सुरक्षित हों…━━━━━━━━━━━━━━━और तभी…किशिराज का फोन वाइब्रेट हुआ। एक अनजान वीडियो कॉल। उसने कॉल उठाई।━━━━━━━━━━━━━━━स्क्रीन पर जो दिखा…उससे किशिराज की आँखें सख्त हो गईं।विक्रांत खड़ा था…और उसके पीछे शुभिका के मम्मी-पापा घुटनों पर बैठे थे। उन पर gun तनी हुई थी।━━━━━━━━━━━━━━━विक्रांत मुस्कुराया।वो बोला -आ गए तुम दिल्ली…उसकी ...Read More
मौत से भागती दुल्हन - 12
मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए थम गया।━━━━━━━━━━━━━━━विक्रांत का शरीर अचानक झटका खाकर पीछे गिरा। उसके हाथ से gun छूट गई…और वो ज़मीन पर घुटनों के बल आ गया। उसकी आँखें चौड़ी थीं… जैसे उसे खुद यकीन नहीं हो रहा था।━━━━━━━━━━━━━━━किशिराज तुरंत उसकी तरफ बढ़ा…लेकिन विक्रांत ने कांपती आवाज़ में कहा—मैं… वापस आऊंगा…━━━━━━━━━━━━━━━उसके होंठों पर एक आखिरी मुस्कान आई…और फिर उसका शरीर ढीला पड़ गया।━━━━━━━━━━━━━━━कुछ सेकंड तक सिर्फ़ सन्नाटा रहा। फिर हवा चलने की ...Read More