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मुख्य दरवाज़ा खुला था।कॉरिडोर की सफेद लाइट्स झिलमिला रही थीं… और उसी रोशनी में आ...
पितृपक्ष महासंगम :— आश्विन मास का आगमन होते ही गया जी की पहचान मानो बदल जाती है।...
Episode - 8 (एक खबर और सब खत्म)आर्यन की मौत की खबर ने रिया के जीवन से सारे रंग छ...
जब कुछ भी नहीं था, तब भी कुछ था।यह बात सुनने में जितनी अजीब लगती है, उतनी ही गहर...
उसकी आँखें नम हो जाती हैं और फिर आदित्य अपने आंखे चुराते हूए कहता है --आदित्य (ध...
तुम मेरी आख़िरी सांस होएपिसोड 1: खामोश हवेली का रहस्यरात के सन्नाटे को चीरती हुई...
दोहा: ७जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहिं।सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक...
लोग कहते हैं कि जीवन में पैसा ही सब कुछ होता है। यह बात मैं नहीं कहता—मेरे आसपास...
"कागज़ और श्री राज" महज़ एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह एक खतरनाक जुनून, साये क...
पुस्तक समीक्षा -खोज लें हम सत्य (कृति रवीन्द्र वर्मा) ...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
इस घर में प्यार मना है… क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा। या शायद… क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है। अध्याय 1— एक अनचाही शादी “संस्कृति… तैयार...
मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...
हवाई अड्डे की भीड़ में मेहरीश एक पतली सी रेखा की तरह खड़ी थी। उसके कंधे पर एक छोटा सा बैग था, हाथ में एक किताब, और आँखों में एक ऐसी थकान जो सालों की नहीं, जन्मों की लगती थी। उसकी म...
नौजवान युवा पीढ़ी जो है उनको समझना नामुमकिन है क्योंकि यह जो पीढ़ी है ना उनको अपने से बड़ी औरत के साथ प्यार करना अच्छा लगता है यह सच है आप लोग भी जानते होंगे क्योंकि नव युवक को ऐसा...
बारिश तेज़ हो रही थी। शहर की ऊँची इमारतों के बीच खड़ी वह काँच की इमारत इतनी ठंडी लग रही थी, जैसे उसके अंदर इंसान नहीं, केवल मशीनें रहती हों। अनाया शर्मा के हाथ काँप रहे थे। उसकी...
मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!! वंदना: 8 बज गए है । सूर्य देवता सर पर है ,पर राजकुमारी अभी तक सोई हुई है ( वो खिड़की का परदा हटाते...
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