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सद्गुणाचे नाटक
by मच्छिंद्र माळी

मराठी नितीकथा ५----------------------- "सद्गुणाचे नाटक" मच्छिंद्र माळी, पडेगांव,औरंगाबाद. एका गावात शांताबाई आणि कांताबाई अशा दोघी शेजारी शेजारी रहात होत्या. शांताबाई नावाप्रमाणे सुशिल, शांत वृत्तीची पतिसेवा परायण होती याउलट कांताबाई ...

જીન અને માલિક
by Aarti Patel Mendpara

જીન કા જાદુ.....એક જીન હતો. અને તે જાદુ કરી ને જે જોય તે લાવી આપતો હતો.જીનનો એક માલિક હતો.માલિક જે કીયે તે જીન કરતો અને આવી રીતે તે તેના ...

અનાત્મજ
by Mallika Mukherjee

લેખક : નિરુપ મિત્ર ગુજરાતી અનુવાદ : મલ્લિકા મુખર્જી ચરિત્ર : સચિન, બિપાશા, અનિરુદ્ધ, સુહાસ (સમય- સવારના પાંચ વાગ્યાથી રાતના દસ વાગ્યા સુધીનો કોઈ પણ સમય. મંચ પર બાજુ-બાજુ ...

मे और महाराज - (फैसला_१) 45
by Veena

राजकुमारी शायरा की पालखी निकली तो जरूर थी राजकुमार अमन की तरफ, लेकिन बीच रास्ते में ही पालखी ने अपना रुख बदल दिया। राजकुमारी ने उन वाहको से काफी ...

हलचल - पार्ट 7
by Darshika Humor

दोस्ती का उसूलअब तक आपने देखा:- अद्वय और आकृति के बीच दोस्ती की छोटी सी शुरुआत होती दिखाई देती है जब अद्वय आकृति की मदद करता है। अब आगे:- ...

हलचल - पार्ट 6
by Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- आकृति का स्कूल में पहला दिन है जहां बार बार वो अद्वय से बात करने की कोशिश करती है पर अद्वय लंच टाइम में ...

हलचल - पार्ट 5
by Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- अद्वय स्कूल में क्लास अटेंड करता है तो दूसरी ओर आकृति क्लास में पहली बार दाखिल होती है। आकृति अद्वय से बात करती है ...

हलचल - पार्ट 4
by Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- नरेंद्र जहां अपने अतीत से लगाव बनाए हुए है तो वहीं अद्वय किसी चीज से लगाव नहीं रखना चाहता है और हमेशा नई चीज के ...

हलचल - पार्ट 3
by Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- आरव और अद्वय के बीच प्यार भरी छोटी मोटी नोकझोक होती है जहां अद्वय समझदार और थोड़ा मजाकिया भी है वहा आरव शैतान और थोड़ा ...

हलचल - पार्ट 2
by Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- नरेंद्र बच्चो को खुद स्कूल छोड़ना चाहता है पर निर्मला उन्हें मीटिंग अटेंड करने को कहती है इस बीच वो दोनो शारदा के ...

हलचल - पार्ट 1
by Darshika Humor

"तुम से वो थी , आज वो है अजनबी है लिखी जा चुकी बात ये है अनकही, दर्द से अलग हुई, खौंफ में दफन हुई, प्यार से रंगी जो ...

અલ્પવિરામ (એકોક્તિ)
by Dr.Dhairya Chotai

(એક ખુરશી પર એક માણસ સુતો છે અને અચાનક જ ઝટકા સાથે ઉઠે છે..) ઓહ કઈ કઈ નહિ... કઈ જ નથી થયું...આમ અચાનક જ ડરાવી દીધા એ બદલ સોરી... ...

ફરજ નિભાવવી
by SHAMIM MERCHANT

"શું આખો દિવસ લેપટોપ સાથે ચોંટેલી રહીશ? અમારી પેટપૂજાનો કોઈ પ્રબંધ કરવાનો વિચાર છે કે નહીં?" જ્યારે સાસુના મહેણાં ટોણા કાને અથડાયા, તો માલતીએ તરત 

निखिल
by SHAMIM MERCHANT

"मयंक, आज अगर निखिल होता, तो एम. बी.ए. के कौनसे वर्ष में होता?"माही ने चिट्ठी लिखने से पहले, अपने पति से पुष्ठि करने के लिए पूछा। मयंक माही को ...

सिर्फ सच कहना बचा था, कह दिया, भूलना मत इसे
by Priya pandey

हम सब सच को श्रेष्ठ मानते हैं, सच से बड़ा मूल्य जीवन में शायद कुछ भी नहीं सच से अच्छा दोस्त कोई नहीं... लेकिन जब यही सच आपके खिलाफ ...

એક ભૂલ - 1
by Bhanuben Prajapati

શીર્ષક :એક ભૂલ પાત્રો: ત્રણ (ગંગા,બિંદુ મનોજ) (પહેલું દૃશ્ય) (ગંગા ભાગતી ,ભાગતી નદીકિનારે જાય છે અને બિંદુ તેને જોઈને બૂમ પાડે છે ) બિંદુ; અરે ...ગંગા .. તારી ...

પુનરાવતૅન
by NIKETA SHAH

રોજબરોજની જેમ આયૉ પોતાનું રૂટિન પતાવીને સાંજે પોતાની કારમાં ઘરે જવા નીકળી. ઘરે પહોંચીને દેવકી પાસેથી પોતાનું બાળક લઈને આખા દિવસનો થાક ઊતારવા લાગી. આખો દિવસ પોતાના બાળકથી દૂર ...

MED BACK - PART - 5 - LAST PART
by Amar Kamble

The cake had been cut by the principal & the cultural activities had started. Nikki, Dhriti & Karan were sitting on chairs. Dhriti said, "Karan, you had missed the ...

MED BACK - PART - 4
by Amar Kamble

Karan was sitting nervously on a bench in a corner. Dhriti was sitting nervously on a bench in another corner. Nikki came & sat near Karan. Karan said, "It's ...

MED BACK - PART - 3
by Amar Kamble

Karan looked at the mobile screen. There ...

MED BACK - PART - 2
by Amar Kamble

In the morning, Karan came to the kitchen. There were Dhanaji, Sushila & Aarti. Karan took his dish, fed a morsel to Aarti & said, "Aai, I'll be late ...

MED BACK - PART - 1
by Amar Kamble

It was a busy morning like everyday. Aarti came into ...

मे और महाराज - (जाल_५) 44
by Veena

उसके अगले ही दिन सिराज को अपने पिता से महल आने का न्यौता आया। सिराज जैसे ही महल के लिए रवाना हुआ। एक पालखी राजकुमारी शायरा के महल के ...

मे और महाराज - (जाल_४) 43
by Veena

राजकुमार अमन अपने ससुर वजीर साहब के साथ मिलकर अपना जाल रच चुके थे। दो दिन बाद सिराज राजकुमारी से मिलने उनके कक्ष आया। राजकुमारी कमरे के बाहर बने ...

मे और महाराज - ( जाल_३) 42
by Veena

अगले दिन सुबह जो उठी थी। वह राजकुमारी शायरा थी। उनके जागते ही मौली ने उन्हें इतने दिनों की सारी घटनाएं बता दी। " सच बताओ मौली। उस लड़की ...

ભાગીદારી નો ધંધો
by Kureshi Juned

રામપુર નામનું એક ગામ હતું. એક ગામમાં બે મિત્રો રહેતા હતા. એકનું નામ જીગર અને બીજા નું નામ અજય હતું. બંને મિત્રો લાંબા સમય પછી એકબીજાને મળ્યા. ...

मे और महाराज - ( जाल_२) 41
by Veena

सिराज के लिए वह नाटक असह्य हो रहा था। वह अपनी जगह पर से खड़ा हुआ। " राजकुमारी शायरा की तबीयत ठीक नहीं है। ऐसी हालत में हम उन्हें ...

A United Family
by SHAMIM MERCHANT

"Whatever both of you decide, remember, we didn't choose the life you are about to give us. And by the way, now you're more accountable to us, than you ...

नन्ही - 2
by Rishi Dev

जिससे नन्ही तुरंत ही उस लड़के की बाहों में आ जाती हैं जिससे फिर एक बार नन्ही के होठ उस लड़के की छाती से जा लगते हैं पर इस ...

नन्ही - 1
by Rishi Dev

All characters appearing in this story are fictitious any resemblance to real person , living or dead is purely coincidental. कहानी में दिखाई देने वाले सभी पात्र काल्पनिक हैं, ...

मे और महाराज - ( जाल_1) 40
by Veena

" मेरे महाराज आपने हमें बुलाया।" सिराज ने सर झुका कर अपने पिता को नमस्कार किया। " खड़े रहो बेटे। आज महाराज ने राजकुमार को नहीं। एक पिता ने ...