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  • પંચાયત - ભાગ 2

    આર્યનના હાથમાં પેલું રહસ્યમય કાળું રજિસ્ટર હતું, પણ ગામમાં પરિસ્થિતિ પલટાઈ ચૂકી...

  • Run Or Hide? - 3

    कुछ समय बाद, सबसे पहले कबीर की आँखें खुलीं।‎"आह... मेरा सिर... हम यहाँ कैसे?" वह...

  • પ્રીત ના કરીઓ કોઈ, - પ્રકરણ 2.1

    એ સવારે હું ભીના કપડે ઘરે પાછી ફરી હતી. જો કે કોઈનું મારી તરફ ધ્યાન નહોતું ગયું....

  • अंश, कार्तिक, आर्यन - 13

    बाल सुधार गृह से निकलने के बाद भी रणजीत ने कभी गलत रास्ते पर चलने के बारे में नह...

  • Hero - 7

    और उसके दोनों ब्लेड पीले और संतरी रंग के थे। वह हथियार देखने में बहुत डरावना लग...

  • HAPPINESS - 139

    Glimpses We have set out to lock eyes with another; What sin, then, are we about...

  • अहंकार का पोस्टमार्टम - भाग 8

    दोहा:१५बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर॥क...

  • અંગત જીવન અંગેની ગેરસમજણ : કેટલીક અનોખી વાતો

    (૧) પોર્ન ફિલ્મો ના પુરુષોને જોઈને મને એવું લાગે છે કે મારા બોયફ્રેન્ડ માં સ્ટેમ...

  • நிழல் தரும் வசந்தம் - 22

    திட்டமிட்டபடி ரமேஷ் கல்யாணம் நடந்ததில் எல்லோருக்கும் மகிழ்ச்சி.அவர்களோடு சொந்த ஊ...

  • सत्य पथ पर चलो

    ऋगुवेद सूक्ति--(२७) की व्याख्या  मन्त्र —“मा प्रगाम पथोवयम्”  ऋग्वेद_ १०.५७.१भाव...

अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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நிழல் தரும் வசந்தம் By kattupaya s

அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....

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Honted Jobplace By Sonam Brijwasi

कृषांत ठाकुर (Hero) — 25 वर्ष का, सख्त मिज़ाज, कम बोलने वाला, लेकिन अंदर से बहुत सी बातें छिपाए हुए।

श्रव्या सिंह (Heroine) — 23 वर्ष की, नई-नई जॉइन करने वाली, मासूम, डरपोक और ब...

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అసంపూర్ణ కావ్యం By swathi

పల్లె పడచు - వెన్నెలమనసుఅదొక అందమైన కుగ్రామం. స్వచ్ఛమైన గాలి, మదిని పులకరింపజేసే వాతావరణం. అటు ఇటు ఊగుతూ నవ్వుతూ పలకరించే పచ్చని పొలాలు, ఎటు చూసినా ఆత్మీయంగా స్వాగతం పలుకుతున్నట్లు...

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ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ By Saandeep Joshi

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆ ಅರೆಬರೆ ಕತ್ತಲ ರಸ್ತೆಗಳಲ್ಲಿ ರಾತ್ರಿ ಒಂದು ಗಂಟೆಯೆಂದರೆ ಅದು ಕೇವಲ ಸಮಯವಲ್ಲ ಅದು ಮನುಷ್ಯರ ಲೋಕ ಮತ್ತು ಮೃತ್ಯುಲೋಕದ ನಡುವಿನ ಒಂದು ತೆಳುವಾದ ಪರದೆ ಸರಿಯುವ ಕ್ಷಣ. ಆಕಾಶದಿಂದ ಬೀಳುತ್ತಿದ್ದ ಮಳೆಯ ಹನಿಗಳು...

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మధురానగరిలో మురళీ గానం భాగం By Radhika Lakshmi

యంత్రం ఐదు గంటలు................వాతావరణం చాలా చల్లగా ఆహ్లాదకరంగా ఉంది....

రోడ్డు మీద వెళ్తున్న వెహికల్స్నడుచుకుంటూ ఇళ్ళకు చేరుతున్న జనం,

అలసిపోయి ఆ చల్లటి గాలికి సేద తీరుతూరే...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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நிழல் தரும் வசந்தம் By kattupaya s

அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து 2 வருஷம் ஓடி விட்டது....

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Honted Jobplace By Sonam Brijwasi

कृषांत ठाकुर (Hero) — 25 वर्ष का, सख्त मिज़ाज, कम बोलने वाला, लेकिन अंदर से बहुत सी बातें छिपाए हुए।

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పల్లె పడచు - వెన్నెలమనసుఅదొక అందమైన కుగ్రామం. స్వచ్ఛమైన గాలి, మదిని పులకరింపజేసే వాతావరణం. అటు ఇటు ఊగుతూ నవ్వుతూ పలకరించే పచ్చని పొలాలు, ఎటు చూసినా ఆత్మీయంగా స్వాగతం పలుకుతున్నట్లు...

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ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ By Saandeep Joshi

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యంత్రం ఐదు గంటలు................వాతావరణం చాలా చల్లగా ఆహ్లాదకరంగా ఉంది....

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అలసిపోయి ఆ చల్లటి గాలికి సేద తీరుతూరే...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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