Naina jogin by Phanishwar Nath Renu in Hindi Short Stories PDF

नैना जोगिन

by Phanishwar Nath Renu Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

रतनी ने मुझे देखा तो घुटने से ऊपर खोंसी हुई साड़ी को कोंचा की जल्दी से नीचे गिरा लिया। सदा साइरेन की तरह गूँजनेवाली उसकी आवाज कंठनली में ही अटक गई। साड़ी की कोंचा नीचे गिराने की ...Read More