Raspriya by Phanishwar Nath Renu in Hindi Short Stories PDF

रसप्रिया

by Phanishwar Nath Renu Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

रसप्रिया - (फणीश्वरनाथ रेणु) धूल में पड़े कीमती पत्थर को देख कर जौहरी की आँखों में एक नई झलक झिलमिला गई - अपरूप-रूप! चरवाहा मोहना छौंड़ा को देखते ही पँचकौड़ी मिरदंगिया की मुँह से निकल पड़ा - अपरुप-रुप! ...खेतों, मैदानों, बाग-बगीचों और ...Read More