Mitralabh - 1 by MB (Official) in Hindi Short Stories PDF

मित्रलाभ - 1

by MB (Official) Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

एक समय दक्षिण दिशा में एक वृद्ध बाघ स्नान करके कुशों को हाथ में लिए हुए कह रहा था-- हे हो मार्ग के चलने वाले पथिकों ! मेरे हाथ में रखे हुए इस सुवर्ण के कड्कण (कड़ा) को ले ...Read More


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