Indradhanushi - anand by Mukteshwar Prasad Singh in Hindi Poems PDF

इन्द्रधनुषी - आनन्द

by Mukteshwar Prasad Singh Matrubharti Verified in Hindi Poems

(1) समय की सलवटें ----------------- समय की सलवटों को सहेजता
 उलझनों की झुरमुटों से झाँकता
 एक चेहरा
 निहारता है
 दुलारता है
 अपने अतीत को
 जिसने मजबूती दी है
 उसके असतित्व को।
 अब मालूम है कानून ...Read More