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प्रश्न ~ लड़कियों को पढ़ाई के लिऐ अथवा काम के लिऐ बहुत कम घर से बाहर भेजा जाता ह...
रात का समय था। बाहर भयंकर बारिश हो रही थी। बिजली की चमक पूरे आसमान को बार-बार ची...
દૈવી રથમાં બેસીને અવકાશની એ અદ્ભુત સફરમાં તેઓ પૃથ્વીથી ખૂબ દૂર આવી ગયા.રસ્તામાં...
A Soul's Last WhisperChapter 1: The Night I DiedThe night I died, nobody hea...
INT. STUDY ROOM – DAYतीनों table पर बैठकर diagram practice कर रहे हैं। Pencils,...
एपिसोड 7 (पिता की सीख और सुलगती नफ़रत)रोज़ी के हाथ से काला-नीला खून बाहर बह रहा था...
Sir,Sir, I am an unfortunateIndian scientist (69) that society threw away. Gover...
८८. दिवस किती लवकर जातात. चंद्र आणि सूर्याकडे बघा, ते सतत फिरतच असतात. जणू काही...
कमरे के भीतर फैली सन्नाटे की चादर को सिर्फ बाहर के तूफान का शोर चीर रहा था। इंस्...
अवनि ने अपनी चोटिल उंगली पर पट्टी बाँधते हुए कान्हा की मूरत को निहारा। उसकी आँखो...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
ভুল পথের শুরু, নতুন কারো আগমনের গন্ধ সারা দিনটা অদ্ভুত রকমের ভারী গিয়েছিল ইরার। ক্লাসগুলো শেষ হয়েছিল বিকেল চারটায়, কিন্তু মনটা যেন কোনোকিছুতে ঠিকমতো লাগছিল না। সহপাঠীরা সবাই ক্য...
यह कहानी है राघव की…. जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...
डोंबिवली स्टेशनच्या प्लॅटफॉर्म नंबर ३ वर सकाळी ९:१५ वाजता पाय ठेवायलाही जागा नव्हती. मध्य रेल्वेची ही सर्वात भयानक वेळ. प्लॅटफॉर्मवर उसळलेला तो मानवी समुद्र पाहून कोणाही नवख्या माण...
ఉషోదయాన భానుడి లేలేత కిరణాలు పడుతూ ఉండగా పొగ మంచు మెల్లమెల్లగా తెరతీస్తూ ఉంటే చుట్టూ మొక్కలు, చెట్లు కనిపించగా బస్సులో కిటికీ అద్దాలను కాస్త వెనక్కి జరిపి ఆ చుట్టూ ఉన్న పచ్చదనాన్...
ઈતિહાસ જ્યાં પથ્થરો બનીને થીજી જાય છે, ત્યાં રહસ્યો આપોઆપ જન્મે છે. શાંતિવન ચોકમાં આવેલો ‘વિરાજ પેલેસ’ એવો જ એક ભયાનક અને અજીબોગરીબ મહેલ છે. આસપાસના વિસ્તારમાં એની સ્તબ્ધતા જ એનો ખ...
अम्मी! मेरा सफ़ेद दुपट्टा नहीं मिल रहा! नायरा ने कमरे से आवाज़ लगाई, तो रसोई से अम्मी की सधी हुई टोन आई— अरे! तेरी अलमारी में अगर कुछ मुक़ाम पर रखा होता, तो शायद तलाश ना करनी पड़ती...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
Chapter 1 दिल्ली। सुबह के सात बजे। अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। बिस्तर पर चादर में लिपटी अवंतिका शर्मा ने करवट बदली और तकिया अपने कानों पर रख लिया।...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
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