Swabhiman - Laghukatha - 8 by Anagha Joglekar in Hindi Short Stories PDF

स्वाभिमान - लघुकथा - 8

by Anagha Joglekar in Hindi Short Stories

पहले कुछ धुंधला-सा दिख रहा था लेकिन अब सब स्पष्ट दिख रहा है। एक औरत को बीच सड़क पर बाँधकर खड़ा किया गया है। वह मुँह झुकाए खड़ी है। उसका 'माथा' लहुलुहान है। उसके 'गले' के पास से रक्त ...Read More