Dastane Ashq - 6 by SABIRKHAN in Hindi Classic Stories PDF

दास्तान-ए-अश्क - 6

by SABIRKHAN Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

नरेन्दर ने हिम्मत झुटाकर उसका रास्ता रोका था!वो पसीने से तर थी..! दिल धाडधाड करके पसलीयां से टकरा रहा था! नजरे झुकाकर वो तडप कर बोली थी! नरेन्दर इस तरहा तुम मेरे रास्ते मे क्यो आते हो..? ...Read More