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आज से आपके लिए पेश कर रहा हूं एक ऐसी लडकी की कहानी जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी मुश्किले चट्टानों की तरह उसकी जिंदगी में थी , मगर वो अपनी पूरी वफादारी और मजबूत ह्रदय के ...Read More

अपने ख्वाबो को जीने की उम्मिद लगाये बैठे थे  पता नही था हमे एक झूठी आस सचाये बैठे थे   पूरे जोश के साथ नाच गाना चल रहा था वेद प्रकाश जी की खुशी उनके चेहरे से झलक रही ...Read More

: कहानी की नायका का जन्म कुछ एसे हालात मे हुवा! 24 दिसंबर की वो रात !काला स्याह अंधेरा लेकर आई थी!सर्दी अपने पूरे यौवन पर थी! क्रिश्चियन मिशन हॉस्पिटल की सारी नर्से अपना पसंदीदा त्यौहार मनाने को उत्सुक  ...Read More

(पीछले भाग मे दास्तान-ए-अश्क मे हमने देखा की क्रिसमस के दिन बच्ची का जन्म होता है!  पूरा परिवार खुशियां मनाता है.. अब आगे)    वह शुरू से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थी.! पढ़ाई में सबसे अव्वल रहना जैसे  ...Read More

      ( पिछले पार्ट में हमने देखा की नाईका  अखबार के लिए लिखे आर्टिकल  प्रीति को पोस्ट करने भेजती है...! वो अपने बारे मे प्रीति को बताती है..  अब आगे..                ...Read More

नरेन्दर ने हिम्मत झुटाकर उसका रास्ता रोका था!वो पसीने से तर थी..! दिल धाडधाड करके पसलीयां से टकरा रहा था!  नजरे झुकाकर वो तडप कर  बोली थी! नरेन्दर इस तरहा तुम मेरे रास्ते मे क्यो आते हो..? ...Read More

( पिछले पार्ट मे हमने  देखा की कहानी की नाईका ईस बात से बहोत परेशान है कि नरेंद्र उसको प्रेम करता है.. वो उसके साथ शादी करना चाहता है.. मगर नाईका अपने पेरन्टस का दिल दुखाने वाला काम नही ...Read More

        (अगले पार्ट में हमने देखा कि प्रीति रोती हुई उसके पास आती है और कहती है कि मुझे बचा लो !वह लड़का उसके लिए ठीक नहीं था!अब आगे) रोते बिलखते प्रीति उसके सीने से लिपट ...Read More

        (अगले पार्ट में हमने देखा कि प्रीति रोती हुई उसके पास आती है और कहती है कि मुझे बचा लो !वह लड़का उसके लिए ठीक नहीं था!अब आगे) रोते बिलखते प्रीति उसके सीने से लिपट ...Read More

                        9 (काफी वक्त हो गया जब मैंने कुंदनिका कापड़ियाजी की "सात पगलां आकाशमां"नोवेल पढी थी...!उनके जैसा तो सात जनम लु तबभी नही लिख सकता..  स्त्रीयां की छोटी बडी सब समस्याओं को बखुबी शब्दो में उतार कर  एक अच्छा ...Read More

( अगले पार्ट में हमने देखा कि सुहागरात के दिन नायिका का पति उसके साथ जानवरों जैसा बर्ताव करता है और उसका शरीर जख्मी कर देता है उस पर चरित्र हीन होने का इल्जाम लगाता है वो रात कयामत ...Read More

  (अगले पार्ट में हमने देखा की नाइका खुद पर हुए अत्याचार को अपने पिता से कहने के लिए मौके की तलाश में है! मगर वह मौका ही नहीं मिल रहा! तभी प्रीति आकर उसे नरेंदर से मिलवा ने ...Read More

'   कहीं चोट आई थी मुझे कहीं जुल्मों का मारा था मजमा था दिल की कशिश का कहीं उसका सहारा था'               ***  ****   *** (दास्तान के अगले पार्ट में हमने देखा कि वह नरेंदर से मिलने जाती है ...Read More

आंखों मे कुछ तेरे अरमान छोड जायेंगे.. जिंदगी मे तेરે  कुछ निशान छोड जायेंगे ले जायेंगे सिर्फ एक कफन अपने लिये तेरे लिये सारा जहान छोड जायेंगे.. ---------    ------                   कहते हैं जिंदगी में अगर मन चाहा मिल ...Read More

"चल्ल बुल्लिया..  चल उथ्थे चल्लिये.. जिथ्थे सारे अन्ने..  ना कोई साड्डी जात पहचाने... ना कोई सान्नु मन्ने.. ( पंजाब के एक मशहूर कवि कहते हैं "चल रे बलमा हम ऐसी जगह पर चले जाते हैं जहां सारे लोग अंधे ...Read More

" खामोश रहने से दम घुटता है ! और बोलने से जुबान छिलती है डर लगता है नंगे पांव चलने से पांव के नीचे कोई  कब्र हिलती है!"            दास्तान.... आज सुबह से ही उसका सर बहुत भारी था! ...Read More

कोई अपना सा होता जो मेरे मन को छुता.. कोई सपना सा था जो सारी रात न रुठा कहा से सिमट आई बरखा आंखो तले जमकर  उसने मन के बोझ को है लूंटा                      17 जैसे बरसों से बंजर ...Read More

"अो ईश पलट कर मेरी जिंदगी  देख लेता मेरी बर्बादी मे कही कोई कसर तो नही थी"           ...........                 दास्तान-ए-अश्क   ( पिछले पार्ट मे हमने देखा  की उसकी प्रेग्नन्सी की बात जानने के बाद उसका पति उससे ...Read More