dastane Ashq - 13 by SABIRKHAN in Hindi Classic Stories PDF

दास्तान-ए-अश्क - 13

by SABIRKHAN Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

' कहीं चोट आई थी मुझे कहीं जुल्मों का मारा था मजमा था दिल की कशिश का कहीं उसका सहारा था' (दास्तान के अगले पार्ट ...Read More