Sanvednao ke swar : ek drashti - 1 by Manoj kumar shukla in Hindi Poems PDF

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 1

by Manoj kumar shukla in Hindi Poems

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (1) हे माँ वीणा वादिनी ..... हे माँ वीणा वादिनी, शत् शत् तुझे प्रणाम । हम तेरे सब भक्त हैं, जपते तेरा नाम ।। शांत सौम्य आभा लिए, मुख में है मुस्कान । गूँज ...Read More