Dastane Ashq - 18 by SABIRKHAN in Hindi Classic Stories PDF

दास्तान-ए-अश्क - 18

by SABIRKHAN Matrubharti Verified in Hindi Classic Stories

"अो ईश पलट कर मेरी जिंदगी देख लेता मेरी बर्बादी मे कही कोई कसर तो नही थी" ........... दास्तान-ए-अश्क ( पिछले पार्ट मे हमने देखा की उसकी प्रेग्नन्सी की बात जानने के बाद उसका पति उससे ...Read More