Khwabgah - 12 by Suraj Prakash in Hindi Novel Episodes PDF

ख़्वाबगाह - 12

by Suraj Prakash Verified icon in Hindi Novel Episodes

इसके बाद भी हम गाहे बगाहे अपनी ख़्वाबगाह में मिलते रहे थे, लेकिन मैं कभी रात भर के लिए वहां नहीं रुक पायी थी। बेशक विनय अक्सर वहाँ अकेले भी चला जाता और रात भर ठहर भी जाता।