DASTANE ASHQ - 28 by SABIRKHAN in Hindi Classic Stories PDF

दास्तान-ए-अश्क - 28

by SABIRKHAN Verified icon in Hindi Classic Stories

"बस करो रज्जो अब मुझसे और नहीं भागा जा रहा!" पसीने से भीगे कपडों में उसे घबराहट हुई तो वो बोल उठी! -कुछ देर कहीं बैठ जाते हैं!' "नहीं मैडम जी मैं आप को गिरने नहीं दूंगी! मेरा हाथ ...Read More